मध्य प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी के चलते काफी लोग अपना खुद का स्थायी करोबार करने की सोचते हैं, लेकिन उनको कोई सही सलाह नहीं मिलती. ऐसे में राज्य के बेरोजगार युवा अगर खुद का बिजनेस शुरु करने का सोच रहे हैं, तो वह खाद, बीज और दवाई (कीटनाशक) की दुकान खोल सकते हैं. साथ ही इस बिजनेस में काफी फायदा होता है, क्योंकि खेती पर आधारित देश में किसान हर मौसम खाद-बीज और दवाइयों पर निर्भर रहते हैं. इस बिजनेस को शुरु करने से पहले आप सरकारी नियम, ट्रेनिंग, लाइसेंस और निवेश से जुड़ी पूरी जानकारी यहां जानें...
बिना लाइसेंस कारोबार होगा ठप
अगर आपने खाद, बीज और दवाई का व्यापार करने का मन बना लिया है, तो इस बिजनेस की शुरुआत करने के लिए कृषि विभाग से लाइसेंस लेना अनिवार्य है. अगर आप बिना लाइसेंस दुकान खोलते हैं, तो आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है. साथ ही यह लाइसेंस जिला स्तर पर जिला कृषि अधिकारी द्वारा जारी किया जाता है.
शैक्षणिक योग्यता क्या होनी चाहिए?
अगर आप खाद और कीटनाशक (दवाई) का बिजनेस करना चाहते हैं, इसके लिए आपकी शैक्षणिक योग्यता बेहद ही जरुरी है. अभ्यर्थी के पास बीएससी एग्रीकल्चर, एमएससी एग्रीकल्चर या बीएससी केमिस्ट्री की डिग्री होना अनिवार्य है.
वहीं, अगर आप केवल बीज का व्यापार करना चाहते हैं, तो इसके लिए किसी विशेष डिग्री की बाध्यता नहीं है. यानी सामान्य शैक्षणिक योग्यता वाले लोग भी बीज की दुकान खोल सकते हैं.
15 दिन की ट्रेनिंग क्यों है जरूरी?
खाद और कीटनाशक (दवाई) का बिजनेस की शुरुआत करने के लिए लाइसेंस लेने से पहले उम्मीदवार को 15 दिन की आवासीय ट्रेनिंग करनी होती है और यह ट्रेनिंग कृषि महाविद्यालय द्वारा कराई जाती है. इस दौरान अभ्यर्थियों को कई महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाता है, जिनमें-
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खाद, बीज और दवाइयों का सही भंडारण
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गुणवत्ता नियंत्रण के नियम
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किसानों को सही और वैज्ञानिक सलाह देने की प्रक्रिया
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कीटनाशकों के सुरक्षित उपयोग की जानकारी
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सरकारी नियम, अधिनियम और रिकॉर्ड संधारण
जब ट्रेनिंग पूरी हो जाती है, तो बाद में एक परीक्षा होती है, जिसे पास करना अनिवार्य है और परीक्षा में सफल होने के बाद ही लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा सकता है.
लाइसेंस के लिए कैसे करें आवेदन?
अगर आप इस व्यवसाय में इच्छुक है, तो ट्रेनिंग और परीक्षा पास करने के बाद जिला कृषि अधिकारी के पास आवेदन करना होगा. इसके बाद कृषि विभाग की टीम दुकान स्थान की जांच करती है. दुकान का स्थान, गोदम, रैक, भंडारण व्यवस्था और दस्तावेजों की पूरी जांच की जाती है. सभी कागजात सही पाएं जाने के बाद खाद, बीज और दवाई विक्रय का लाइसेंस जारी किया जाता है.
कितनी लागत में शुरू होगा कारोबार?
खाद-बीज-दवाई की दुकान खोलने के लिए शुरुआती तौर पर 8 से 10 लाख रुपये तक के निवेश की जरूरत होती है. तभी इस व्यापार को शुरु किया जा सकता है. इस लागत में शामिल हैं-
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दुकान का किराया या फिर खुद की दुकान
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खाद, बीज और दवाई का शुरुआती स्टॉक
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रैक और गोदाम की व्यवस्था
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लाइसेंस फीस और अन्य दस्तावेजी खर्च
लाइसेंस मिलने पर इन नियमों का रखें ध्यान
लाइसेंस मिलने के बाद दुकानदार को इन नियमों का पालन करना होगा-
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व्यापारी सरकार द्वारा तय की गई सरकारी दरों पर ही खाद, बीज को बेच सकते हैं.
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अगर व्यापारी एक्सपायरी दवाइयां दुकान में नहीं रख सकता. अगर रखा पाया जाता है, तो उस पर सख्त कारवाई की जाएगी.
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किसानों को गलत या भ्रामक जानकारी न देना और इसके अलावा स्टॉक रजिस्टर और बिक्री रिकॉर्ड नियमित रूप से अपडेट रखना.
लेखक: रवीना सिंह
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