1. ख़बरें

किसानों को कृषि यंत्रों पर मिलेगा 70 % अनुदान

दो दिवसीय जिला एवं अनुमंडलवार कृषि यांत्रिकीकरण मेले में किसानों की भीड़ जुटने लगी है. राजधानी के मीठापुर में शुक्रवार को आयोजित कृषि यांत्रिकीकरण मेले का उद्घाटन कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने किया. इस दौरान उन्होंने प्रतीक के तौर पर प्रदेश के 5 किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्र दिया और बताया कि पटना जिले में अभी तक 4283 किसानों के ऑनलाइन आवेदन को स्वीकृति दी गई है.

कृषि मंत्री ने बताया कि राज्य के किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं. राज्य में 76 प्रकार के कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जा रहा है.  इनमें जुताई-बुआई से लेकर निराई-गुड़ाई और कटाई के यंत्र शामिल हैं. अनुदान की राशि 20 से 70 फीसद तक है.

अधिकृत विक्रेता से खरीदें मशीन

दरअसल किसान चाहें तो अनुदानित दर पर अनुदानित कृषि यंत्र, मेले से ही खरीद सकते हैं या फिर किसी अधिकृत विक्रेता से भी ले सकते हैं. अनुदानित यंत्रों में कंबाइन हार्वेस्टर, पावर टिलर, रोटावेटर, कल्टीवेटर, विद्युत मोटर, डीजल पंपसेट, ट्रैक्टर चालित चाराकल, मोटर चालित चाराकल, पावर स्प्रेयर शामिल हैं. वैसे कृषि यंत्र के लिए विभाग के द्वारा ऑनलाइन आवेदन भी लिया जा रहा है. कृषि यंत्र मेले में आए किसानों से कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार खुद मुखातिब हुए, उनकी समस्याओं को सुना और उन समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी दिए.

इस दौरान किसानों ने मंत्री से कहा कि यंत्र खरीदने के लिए हमें लंबे समय तक चक्कर काटना पड़ता है. इससे फसल का उत्पादन प्रभावित होता है. इसके लिए विभाग के कर्मियों को ध्यान देने की जरूरत है. बता दें कि मेले में किसानों को खेती से संबंधित सलाह देने के लिए कृषि वैज्ञानिक एवं समस्याओं के समाधान के लिए कृषि विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे. मेले में बसोका के निदेशक अशोक प्रसाद, संयुक्त निदेशक उमेश प्रसाद मंडल, वेंकटेश नारायण सिंह, राम प्रकाश सहनी समेत कई अधिकारी मौजूद थे.

English Summary: Farmers will get 70% subsidy on agricultural machinery

Like this article?

Hey! I am विवेक कुमार राय. Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News