किसानों के लिए लखनऊ में होने वाला कृषि कुंभ होगा आधुनिक : सूर्य प्रताप शाही

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रतापशाही ने बताया की भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान में शुरू हो रहे 26 से 28 अक्टूबर तक के तीन दिवसीय कृषि कुम्भ में एक लाख लोग पहुंचेंगे. कृषि कुंभ का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर सकते है. माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसके लिए अनुरोध भी कर चुके है. कृषि कुंभ में आने वाले सभी किसान देखेगें की देश और दुनियां में कृषि के बेहतरी के लिए क्या-क्या हो रहा है. सभी मॉडलों के जरिये इसका जीवंत प्रदर्शन देखेंगे. किसान अपने क्षेत्र में जाकर खुद ऐसा कर दूसरो के लिए मिसाल बनेंगे.

कुम्भ में 200 से ज्यादा देशी और विदेशी कंपनियां लेंगी भाग

गुरूवार को एक आयोजन वाली जमीन पर पूजन के बाद मंत्री ने कहा की जापान और इजराइल इसमें पार्टनर देश के रूप में और हरियाणा राज्य इसमें पार्टनर राज्य के रूप में भाग लेंगे. कृषि को बढ़ाने वाली 200 से ज्यादा देशी और विदेशी कम्पनियां इसमें अपना स्टॉल लगाएंगी. मौके पर कृषि राज्य मंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह, पशुधन एवं मत्स्य राज्य मंत्री जयप्रकाश निषाद, प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन, निदेशक कृषि सोराज सिंह, निदेशक उद्यान डा.आरपी सिंह, निदेशक मत्स्य एसके सिंह और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.

राष्ट्रीय महिला किसान दिवस

इस कुंभ में 13 तकनिकी सत्रों में देश-विदेश के जाने माने कृषि के जानकार खेती करने के तरीकों को बतायेंगे. इसपर सभी जानकार विशेष रूप से बतायेगें की पराली को जलाने के अलावा इसे उपयोगी कैसे बनाया जायेगा ?

जब पत्रकारों ने मंत्री से पूछा की मौजूदा सरकार किसानों के लिए क्या कर रही है, तो उन्होंने जबाब दिया की पिछले दिनों किसानों में जो आक्रोश की समस्याएं थी उन्हें अब बात-चीत के जरिए हल कर लिया गया है. जब मंत्री से मृदा जांच के बारे में पुछा गया तो उन्होंने कहा की इस रिपोर्ट की जांच हो रही है. इसके लिए एपीसी ने जांच कर 29 सितंबर को रिपोर्ट मंत्री को भेजी थी. जांच में कई अधिकारी दोषी पाए गए थे. शाही ने बताया कि खेती-बाड़ी के क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को पहचान देने के लिए राष्ट्रीय महिला किसान दिवस मनाया जाएगा. इस दिन हर जिले, कृषि विज्ञान केंद्रों और कृषि विश्वविद्यालयों में गोष्ठियां होंगी. इनमें प्रगतिशील महिला किसानों को मंच देने के साथ उनको सम्मानित भी किया जाएगा.

प्रभाकर मिश्र, कृषि जागरण

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