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किसानो का आक्रोश गांव से हाईवे तक

किसानो के आंदोलन का आज सातवां दिन है और किसानो का आंदोलन रोज एक नयी और कदम बढ़ा रहा है।  किसानो ने अपनी मांगो को पूरी कराने के लिए आंदोलन का सहारा लिया था। किसानो के इस आंदोलन से किसानो ने सब्ज़ियों को बाजार में भेजने से मना किया जिसके कारण सब्ज़ियों की कीमत में भरी उछाल आया है जिससे आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ा। 

मंदसौर में पिछले साल  छह जून को किसान आंदोलन के दौरान पुलिस गोलीबारी में छह किसानों की मौत हो गई थी और एक की पुलिस पिटाई में मौत हुई थी। इस घटना के एक साल पूरे होने पर किसानों ने 10 दिवसीय गांव बंद आंदोलन का आयोजन किया था इस सभा में कांग्रेस से राहुल गाँधी भी सम्मिलित हुए।

देखते ही देखते किसानो के आंदोलन ने एक नया मोड़ ले लिया हरियाणा के सोनीपत में किसानों ने नेशनल हाइवे-1 पर केंद्रीय मंत्री की शव यात्रा निकाली और पुतला फूंका , और साथ किसानों ने हाइवे से गुजरने वाले लोगो को फ्री में सब्ज़ियां बांटकर अपना विरोध ज़ाहिर किया। इन्ही सबके साथ किसान नेता शमशेर दहिया का कहना है कि सरकार किसान विरोधी काम कर रही है,  किसानों को उसकी फसल के सही दाम भी नहीं मिल रहे इसलिए किसान सरकार विरोधी काम कर रहे है।

 

वर्षा
कृषि जागरण



English Summary: Farmers' indignation from village to highway

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