MFOI 2024 Road Show
  1. Home
  2. ख़बरें

ये किसान स्कूलों,अस्पतालों में कर रहे हैं आवारा पशुओं को बंद

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ शहर में एक अजीब समस्या देखने को मिल रही है, पिछले कुछ दिनों से ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा पशुओं की वजह से काफी परेशान है गाँव वालों का कहना है कि स्थिति 'खतरनाक' है.

मनीशा शर्मा

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ शहर में एक अजीब समस्या देखने को मिल रही है, पिछले कुछ दिनों से ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा पशुओं की वजह से काफी परेशान है गाँव वालों का कहना है कि स्थिति 'खतरनाक' है.

यह विरोध तब शुरू हुआ जब तमोटिया गाँव के कुछ किसानों ने एक प्राथमिक स्कूल में लगभग 500 आवारा पशुओं को पकड़ लिया और स्कूल को 2 दिनों के लिए बंद रखने के लिए ज़ोर दिया गया. जिला प्रशासन 24 दिसंबर को हरकत में आया और मवेशियों को रिहा कर उन्हें गौ आश्रमों या गौशालाओं में भेज दिया.

लेकिन, यह संकट जंगल की आग की तरह तब बड़ा हो गया जब अन्य सभी गांवों के किसानों ने भी पास के सरकारी भवनों में आवारा पशुओं को बंद करना शुरू कर दिया. तमोटिया के बाद इसी तरह की घटना खैर डिवीजन के अहरौला गांव में हुई. सादाबाद मंडल के एडलपुर गांव में भी एक ऐसी ही घटना देखने को मिली.पुलिस 25 दिसंबर की देर रात उन्हें बचाने में सफल रही और फिर उन्हें टप्पल गौशाला में स्थानांतरित कर दिया गया.

पिछले डेढ़ वर्षों में मवेशी संकट कई गुना बढ़ गया है. सरकार के साथ-साथ गौ रक्षा समिति के अतिरिक्त जागरूकता के कारण, मवेशियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करना बहुत मुश्किल हो गया है.

साहीपुर के एक किसान बृजमोहन सिंह ने कहा, "पिछले एक महीने में गायों और सांडों ने हमारी गेहूं की 200 बीघा से अधिक फसल को नुकसान पहुंचाया है. किसान ने कहा, "दोपहर में पुलिस ने आकर हमें उन्हें रिहा करने के लिए कहा और हमें सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी, लेकिन हम इन मवेशियों को हमारी फसल कैसे खराब करने दे सकते हैं.

इगलास एसडीएम, अशोक कुमार शर्मा ने कहा, “यह समस्या किसानों ने खुद पैदा की है. एक बार जब एक गाय दूध देना बंद कर देती है तो वे इसे सड़कों पर छोड़ देते हैं. एक अवधि में, संख्या वास्तव में बढ़ गई है.

जिला प्रशासन नियमित रूप से प्रधानों के साथ बैठकें कर मदद मांग रहा है. इगलास एसडीएम शर्मा ने कहा, “यह एक बहुत बड़ी चुनौती है. हमें गायों को बचाना है और गांवों से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित गौशालाओं को उखाड़ फेंकना है. ग्रामीणों को सहयोग करने की जरूरत है.

English Summary: Farmers in Uttar Pradesh Lock Up Stray Cattle in Government Buildings Published on: 27 December 2018, 02:37 PM IST

Like this article?

Hey! I am मनीशा शर्मा. Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News