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किसानों के हितों की बात : इस राज्य के किसानों को खरीफ फसल के बीज पर मिल रही है 90 प्रतिशत सब्सिडी

देश में किसानों की आमदनी बहुत कम है रूरल बैंकिंग की रेगुलेटरी एजेंसी नाबार्ड द्वारा ऑल रूरल फिनांशियल इन्क्लूजन सर्वे से पता चला है की एक किसान की प्रतिदिन की आय 100 रुपए से कम यानी 80 रुपए के आसपास है. यही कारण केंद्र और राज्य सरकार किसानों के लिए समय-समय पर कुछ न कुछ योजनाए लाती रहती हैं.  अगर देश की वर्तमान स्थिति की बात करें तो देश में लॉकडाउन लगा हुआ है जिसकी वजह से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. बता दें सरकार  ने साल 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है. यही कारण है कि उत्तर प्रदेश सरकार खरीफ फसल के बीज पर किसानों को 50 से 90 प्रतिशत सब्सिडी देने का फैसला लिया हैं.बता दें उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि विभाग ने किसानों को खरीफ की फसलों का बीज उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है. कृषि विभाग द्वारा ब्लाक स्तर पर सरकारी बीज खरीद केंद्र पर बीज भेजे जा रहे हैं. किसान बीज भंडार गृह से सब्सिडी पर बीज खरीद सकते हैं. 

लॉकडाउन के बीच कृषि अफसरों ने खरीफ की सीजन में फसलों की बुवाई की तैयारी पर करने छूट दे दी है. बता दें, विभाग द्वार धान से लेकर बाजरा, उर्द, मूंग अरहर, तिल, मूंगफली का बीज ब्लॉक स्तरीय गोदामों पर भिजवा दिया हैं. इन क्रय केंद्रों से किसान 50 प्रतिशत सब्सिडी पर धान का बीज और ढैंचा के बीज पर 90 प्रतिशत सब्सिडी पर खरीद सकते हैं.सब्सिडी पर की राशि किसानों को  डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से उनके खाते में ट्रांसफर की जाएगी. कृषि विभागों की गोदामों पर बीज बढ़िया क्वालिटी का है, जो आधारीय एवं प्रमाणित हैं. जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि धान, बाजरा, उर्द, मूंग अरहर, तिल, मूंगफली, ढैंचा का बीज ब्लॉक स्तरीय राजकीय कृषि बीज भंडार गृहों को उपलब्ध करा दिया है. किसान अनुदान पर बीज खरीद सकते हैं.

English Summary: Farmer interest: Farmers of this state are getting 90 percent subsidy on kharif crop seeds

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