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किसान ने कायम की मिसाल, 225 क्विंटल गेहूं सरकार को किया दान

कंचन मौर्य
कंचन मौर्य

जब भारत पर कोरोना वायरस का संकट मंडराया, तब देश का हर नागरिक इस जंग से लड़ने के लिए तैयार हो गया. लॉकडाउन की वजह से कई लोगों का रोजगार छिन गया, तो कई दिहाड़ी मजदूर रास्ते पर आ गए. ऐसे में देश की सरकार और जनता के लिए लाखों-करोड़ों लोगों ने अपने हाथ आगे बढ़ाए, ताकि कोई देशवासी भूखा न रहे. इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के किसान ने एक मिसाल पेश की है.

दरअसल, किसान ने कोरोना संकट की घड़ी में जरूरतमंदों की मदद करने का फैसला लिया है. किसान को अपने खेत से 225 क्विंटल गेहूं की पैदावार मिली है, जिससे किसान जरूरतमंदों की मदद करना चाहता है. किसान ने अपनी उपज का 225 क्विंटल गेहूं जिला प्रशासन को दान कर दिया है. किसान का कहना है कि जिला प्रशासन इस गेहूं को पिसवा कर जरूरतमंदों में बांट दे.

पहली बार किसान ने गेहूं फसल की खेती की

आपको बता दें कि इस मिसाल को कायम करने वाले किसान का नाम धर्मेंद्र सिंह लाठर है, जो कि गुजरात के वडोदरा  के रहने वाले हैं. उन्होंने साल 2019 में शाहजहांपुर के गुलड़िया चकझाऊ गांव में लगभग 12.25 एकड़ कृषि योग्य जमीन खरीदी थी. इस जमीन पर पहली बार किसान ने गेहूं फसल की खेती की है. मगर इस वक्त किसान ने इस अनाज को जरूरतमंद परिवारों में बांटना उचित समझा.

किसान का कहना है कि देश इस वक्त गंभीर महामारी से जूझ रहा है. ऐसे में हर नागरिक को देश की सेवा करनी चाहिए. इस घड़ी में कोई भूखा न रहे, इसलिए अपनी पूरी फसल जरूरतमंदों को दान कर दी है. किसान का यह कदम बहुत सराहनीय है. इस अनाज द्वारा कई जरूरतमंद लोगों की मदद हो जाएगी.

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English Summary: Farmer donated 225 quintals of wheat

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