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'Make In India' के तहत भारत पहली बार करने जा रहा मिसाइलों का निर्यात

14 मई से अंतर्राष्ट्रीय समुद्री रक्षा प्रदर्शनी एशिया - 2019 (International Marine Defense Exhibition Asia -2019) सिंगापुर में शुरू हो गया है . इस कार्यक्रम में भारत के भी अधिकारी शिरकत करेंगे. भारतीय नौसेना (Indian Navy ) की दो युद्धपोत आईएनएस कोलकाता (INS Kolkata ) और आईएनएस शक्ति ( INS Shakti ) भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया है. वहीं क्षेत्रीय समुद्री अभ्यास करने के बाद 30 देशों के 23 युद्धपोत भी वहां मौजूद हैं. इसी बीच कार्यक्रम में भारत के रक्षा मंत्रालय ( Indian Ministry of Defense ) के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि 'भारत इस साल दक्षिण पूर्व एशियाई और खाड़ी देशों को तय हुए ऑर्डर के हिसाब से मिसाइलों की पहली खेप एक्सपोर्ट करेगा.'

अंतर्राष्ट्रीय समुद्री रक्षा प्रदर्शनी एशिया - 2019 के प्रदर्शनी में भाग ले रहे ब्रह्मोस एयरोस्पेस (BrahMos Aerospace) में HR के मुख्य महाप्रबंधक, कमोडोर एस के अय्यर(Commodore S K Iyer) ने कहा है कि पहला मिसाइल निर्यात होने के लिए तैयार है, सिर्फ सरकार की मंजूरी का इंतजार है. कई दक्षिण पूर्व एशियाई देश भारत में बनी मिसाइल को खरीदने के लिए तैयार हैं. दरअसल अय्यर ने मंगलवार को तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय समुद्री सम्मेलन में कहा कि, 'मिसाइल निर्यात, हमारा पहला निर्यात होगा और हमारी मिसाइलों के प्रति खाड़ी देशों में रुचि बढ़ रही है'. गौरतलब है कि भारत अपने रक्षा क्षेत्र के लिए दक्षिण पूर्व एशियाई और खाड़ी देशों को निर्यात में एक अच्छा अवसर देख रहा है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अंतर्राष्ट्रीय समुद्री रक्षा प्रदर्शनी एशिया - 2019 में भारत-रूस संयुक्त उद्यम ब्रह्मोस और रक्षा कंपनी एलएंडटी डिफेंस ऑफ लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड, दक्षिण पूर्व एशियाई बाजारों के लिए रक्षा उपकरणों की एक विस्तृत श्रृंखला का प्रदर्शनी कर रही है. इस रक्षा प्रदर्शनी में 236 से अधिक रक्षा कंपनियां हिस्सा ले रही हैं. इतना ही नहीं इसमें 10,500 से अधिक प्रतिनिधि और व्यापार दर्शक भी इस प्रदर्शनी में शिरकत कर रहे हैं.



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