गुलाब की खेती से मिला रोजगार

आजकल के युवा शायद ही खेती को लेकर सीरियस न हो, लेकिन झारखण्ड के सरजामदा की एक संस्था ने गुलाब की खेती को बढ़ावा देने के लिए और युवाओ को खेती के लिए प्रोत्साहित करने हेतु किसान क्लब बनाया है. इस क्लब में गुलाब की खेती के साथ साथ हरी सब्ज़ियों की भी खेती की जाती है. इस क्लब का उद्देश्य है कि इस क्लब में खिले गुलाबों को यूरोप तक बेचा जायेगा। 

सरजामदा में गुलाब की खेती की पहल से आजके युवाओ को बहुत प्रेरणा मिली है और साथ ही इस क्लब में खिले गुलाबों को बिक्री के लिए यूरोप के अलावा और भी देशो में भेजा जा रहा है. गुलाब की खेती के लिए सरजामदा में चार बड़े-बड़े पॉली हाउस बनाये गये हैं.

हालांकि की अभी इसे सरकार की तरफ से कोई सहयोग नही मिला है पर क्लब वालो का कहना है कि  सरकार अगर गुलाब की खेती पर ध्यान दे, तो ये क्लब और भी बेहतर तरीके से काम कर पाएगा हैं. सरजामदा में प्रतिदिन 2400 गुलाब के फूल का उत्पादन होता हैं.

एक पॉली हाउस में लगभग 8 हजार पौधे लगाये गये हैं. सबमे से रोजाना लगभग 1000 गुलाब फूल तैयार हो जाते हैं. इसकी शुरुआत साल 2012 की गई थी. वहीं इसकी शुरुआत होते ही यहां के आस-पास के युवआओं को रोजगार मिल रहा है. इसके साथ ही खेती के प्रति युवा जागरुक हो रहे है.

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