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ई-बाजार पैदा करेगा रोजगार के नए अवसर...

कृषि का भविष्य भारत में उज्जवल है यह बात किसी से छिपी नहीं है, कृषि क्षेत्र में तकनीक के चलते लगातार बदलाव होते आए हैं. इन बदलावों के चलते किसानों की खेती करने के तरीको में भी बदलाव देखने को मिल रहे है. यदि किसान को कोई भी कृषि उत्पाद या यंत्र खरीदना होता है तो वह किसी डीलर के पास या फिर किसी बड़ी दुकान पर जाता है. जो उसके गाँव से 5 से 10 किलोमीटर के अंतर पर होती है. लेकिन अब धीरे-धीरे यह प्रक्रिया ख़त्म होती जा रही है, क्योंकि अब कृषि में ई-कॉमर्स का ज़माना आ रहा है. बहुत सी ऐसी कृषि कंपनियां भारत में कार्य कर रही हैं जो कृषि उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री कर रही हैं. यह कंपनिया सिर्फ एक या दो राज्यों में नहीं बल्कि देशभर में कार्य कर रही है. इस तरह की कंपनियों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उत्पन्न हो रहे हैं.

कृषि क्षेत्र में ऑनलाइन काम करने वाली कुछ कंपनिया एग्रोस्टार, बिगहाट, एग्री-बेग्री, किसान पॉइंट ऐसी हैं जो इस क्षेत्र में अच्छा कार्य कर रही है. एग्री-बेग्री के संचालक हितेश गिरी गोस्वामी बताते हैं कि पिछले दो सालों में कृषि क्षेत्र में ई-कॉमर्स का क्रेज किसानों के बीच में काफी बढ़ा है. भारतीय किसान बड़े पैमाने पर इन्टरनेट और स्मार्ट फ़ोन का इस्तेमाल कर रहे हैं. हितेश गिरी गोस्वामी कहते हैं कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार भी बढेगा. जो युवा पढ़े-लिखे हैं और बेरोजगार है ऐसे युवाओं को ऑनलाइन बिज़नेस के माध्यम से रोजगार मिलेगा. वो कहते हैं की हमें उम्मीद है कि आने वाले 3 से 4 सालों में इसमें दोगुनी वृद्धि होगी. कृषि क्षेत्र में ई-कॉमर्स काफी बढेगा.

कैसे होंगे रोजगार के अवसर पैदा : यदि हम देखें तो अभी विश्व की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी अमेज़न जो कि अभी सामान्य रूप से मानव जरूरतों का सामान डिलीवर करती है जिसमें कृषि का कोई भी वस्तु शामिल नहीं है. इस कंपनी में साढ़े 3 लाख से अधिक एम्प्लोयी कार्य करते हैं. जैसे एक ई कॉमर्स कंपनी में आईटी विभाग, डिलीवरी बॉयज, मार्केटिंग विभाग आदि की जरुरत होती है तो ऐसे में अगर कृषि ई-कॉमर्स को बढ़ावा मिलता है ये कंपनिया सबसे पहले ग्रामीण क्षेत्रों में अपने डिलीवरी सेंटर और क्षेत्रीय कार्यालय बनाएगी. इसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे और ग्रामीण युवा आगे बढ़ेंगे. 

कैसा होगा भविष्य : भारत में बड़े पैमाने पर खेती की जाती है. अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग फसल उगायी जाती है. भारत में कृषि यंत्रों और अन्य कृषि उत्पादों की खपत बड़े स्तर पर है. ऐसे में यदि ऑनलाइन किसानों की इन जरूरतों को पूरा किया जाता है, तो इससे एक बड़ा बदलाव कृषि में हो सकता है. इसी बदलाव के जरिए किसानों की जिंदगी में महत्वपूर्ण बदलाव आ सकता है. यह तो तय है कि आने वाला समय ऑनलाइन कृषि बाजार का है. यह भी किसी से छिपा नहीं है कि ऑनलाइन कृषि बाजार को पूरी तरह से देशभर में प्रक्रिया में आने में कम से कम 5 से 6 साल का समय लग जायेगा. इसको बढ़ावा देने में सरकार की भूमिका बहुत अहम हो सकती है.   



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