News

बिहार में भी होगी नारियल की सफल खेती, व्यापार के साथ बढ़ेगा रोजगार : राधा मोहन

केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री,राधा मोहन सिंह ने कहा है कि बिहार में नारियल विकास बोर्ड की प्रमुख योजनाएं नारियल के उत्पादन, उत्पादकता, नारियल उत्पादों के प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन, विपणन एवं निर्यात बढ़ाने में जोर दे रही हैं। कृषि मंत्री ने यह बात केंद्र सरकार के अधीन नारियल विकास बोर्ड के किसान प्रशिक्षण केंद्र एवं क्षेत्रीय कार्यालय भवन के लोकार्पण के अवसर पर कही।

सिंह ने बताया कि विश्व में नारियल उत्पादन और उत्पादकता में भारत अग्रणी देश है। हमारा वार्षिक नारियल उत्पादन 20.82 लाख हैक्टेयर से 2395 करोड़ नारियल है और उत्पादकता प्रति हैक्टेयर 11505 नारियल है। देश के सकल घरेलू उत्पाद में नारियल का योगदान करीब 27900 करोड़ रुपए है। वर्ष 2016-17 में हमारे देश से 2084 करोड़ रुपए मूल्य के नारियल उत्पादों का निर्यात किया गया है। हमारे देश में एक करोड़ से अधिक लोग अपनी जीविका चलाने के लिए इस फसल पर निर्भर करते हैं। नारियल विकास बोर्ड का लक्ष्य है कि नारियल किसानों को नारियल के उत्पादन, प्रक्रमण, विपणन और नारियल एवं मूल्य वर्धित उत्पादों के निर्यात में सहायता देकर भारत को नारियल के उत्पादन, उत्पादकता, प्रसंस्करण एवं निर्यात में अग्रणी बनाना।

कृषि मंत्री ने कहा कि देश मे नारियल उत्पादन मे वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2013-15 मे 42,104 मिलियन नट्स का उत्पादन हुआ जबकि वर्ष 2015-17 के दौरान 44,405 मिलियन नट्स का उत्पादन हुआ। यह बड़ी उपलब्धि है कि नारियल के उत्पादों का निर्यात वर्ष 2011-14 में 3017.30 करोड़ रुपये से बढ़ाकर वर्ष 2014-17 में 4846.36 करोड़रुपये हुआ जोकि 60.62% की वृद्धि है। वर्ष 2016 की शुरुआत में ही भारत से मलेशिया, इंडोनेशिया और श्रीलंका को नारियल तेल का निर्यात करने लगा है जहां से हम पिछले वर्षों में आयात कर रहे थे। डेसिक्केटड नारियल का भी भारत से यह पहली बार वर्ष 2016 से बडी मात्राओं में यूएस और यूरोप में निर्यात हो रहा है।

सिंह ने कहा कि बिहार में वास भूमि में भी अच्छी तरह देखभाल करके नारियल की खेती की जा सकती है। अभी बिहार में 14,900 हैक्टेयर में नारियल की खेती होती है। लेकिन बोर्ड के अनुमान के मुताबिक बिहार में तकरीबन 50 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचित स्थिति में नारियल की खेती हो सकती है। ऐसे में किसान प्रशिक्षण केंद्र में ट्रेनिंग लेने वाले किसान नारियल की खेती की ओर उन्मुख हो सकेंगे। साथ ही नारियल के उत्पादन में बढ़ोत्तरी होने पर राज्य में लोगों को रोजगार मिल सकेगा। नारियल आधारित विभिन्न उत्पाद जैसे नारियल चिप्स, नारियल दूध, नारियल शक्कर, नारियल नीरा, डाब, नारियल शहद नारियल गुड़, नारियल दूध शेक, नारियल स्नैक्स विर्जिन नारियल तेल, नारियल नेचुरल क्रीम, नीरा कुकीज समेत अन्य उत्पादों के बनाने में काफी लोगों को रोजगार मिलेगा।

बिहार में नारियल से जुडी योजनाओं को लागू करने के लिए वर्ष 2014 से वर्ष 2017 तक कुल 409.01 लाख रुपए नारियल विकास बोर्ड द्वारा मंजूर किए गए हैं। बिहार में नारियल की खेती के विस्तारण के लिए ‘नारियल के अधीन क्षेत्र विस्तार’ योजना के लिए प्राथमिकता दे रहे हैं। इस योजना के अधीन नारियल के नए रोपण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। नारियल खेती के वैज्ञानिक तरीकों का निदर्शन करने के लिए ‘निदर्शन प्लाटों की स्थापना’ योजना के लिए वर्ष 2017-18 के दौरान 46.25 लाख रुपए आवंटित किए गए हैं।



English Summary: Coconut's successful cultivation in Bihar will increase with the employment, business: Radha Mohan

Share your comments


Subscribe to newsletter

Sign up with your email to get updates about the most important stories directly into your inbox

Just in