अच्छे स्कूल में पढाई करने वाले बच्चे ही सिर्फ डॉक्टर या इंजिनियर नहीं बन सकते.

एक सामान्य परिवार या किसान के बच्चे भी कई बार ऐसे काम कर देते है कि गर्व से उनके माता पिता का सिर ऊँचा हो जाता है. ऐसा ही कुछ कारनामा किया है  राजस्थान के बारां जिले के बमोरीकलां गाँव के रामबाबू नागर के बेटे योगेश नागर ने इस किसान के बेटे  ने एक एसी डिवाइस तैयार की है जिसकी मदद से ट्रैक्टर को न सिर्फ बिना ड्राइवर के चलाया जा सकता है बल्कि खेती के अन्य काम भी किये जा सकते हैं. योगेश की इस डिवाइस के निर्माण के पीछे भी एक कहानी है. योगेश के पिता को ट्रैक्टर चलाने से पेट में दर्द होने लगा था जब इस बारे में उनके बेटे को पता चला तो उसने इसका हल निकालने की सोची. पिता को पेट दर्द रहने की वजह से योगेश ने एक ऐसा रिमोट बनाने की ठानी, जिसकी मदद से बिना ट्रैक्टर में बैठे ही खेत की जुताई हो सके. थोड़े ही समय में योगेश एक ऐसा रिमोट बनाने में सफल हो गया.

योगेश का कहना है कि , “इस रिमोट को बनाने में कुल 47 हजार रुपए का खर्च आया है, मगर इस आविष्कार से अब पापा रिमोट से ही खेत में ट्रैक्टर चलाते हैं।''  योगेश आगे बताते हैं, “इस रिमोट को बनाने के लिए मैंने कुछ उपकरण अपने पास से लगाए और कुछ बाजार से खरीदे।

इस रिमोट की सीमा करीब एक से डेढ़ किलोमीटर तक रहती है।'' इस तरह से किसान के बेटे ने अपने पिता की समस्या को देखते हुए एक सराहनीय कदम उठाया.

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