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बदलता बनारस - धान एवं गेंहू की खेती में सब्जियों की खेती एवं मत्स्य पालन

केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राधा मोहन सिंह ने बड़ालालपुर, वाराणसी में आयोजित ’’बदलता बनारस-कृषक कल्याण कार्यशाला’’ का शुभारम्भ बतौर मुख्य अतिथि किया। इस कार्यक्रम में बनारस के तीन ब्लाक आराजीलाइन, सेवापुरी एवं काशी विद्यापीठ के लगभग 6300 किसानों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में केन्द्र एवं प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों के 13 स्टाल लगाये गये थे.

केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राधा मोहन सिंह ने बड़ालालपुर, वाराणसी में आयोजित ’’बदलता बनारस-कृषक कल्याण कार्यशाला’’ का शुभारम्भ बतौर मुख्य अतिथि किया। इस कार्यक्रम में बनारस के तीन ब्लाक आराजीलाइन, सेवापुरी एवं काशी विद्यापीठ के लगभग 6300 किसानों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में केन्द्र एवं प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों के 13 स्टाल लगाये गये थे.

इस अवसर पर बोलते हुए केन्द्रीय कृषि मंत्री ने भारत सरकार एवं कृषि मंत्रालय द्वारा किसानों हेतु चलाई जा रही कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं जैसे फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, गोकुल ग्राम योजना, पशुधन बीमा योजना, राष्ट्रीय कृषि बाजार, मधुमक्खी पालन, दुग्ध, मछली पालन एवं कृषक उत्पादक संगठन योजना के अन्तर्गत किसानों को प्राप्त हो रहे लाभों के बारे में बताया.

मंत्री जी ने कहा कि नीम कोटेड यूरिया के प्रयोग से यूरिया के खपत में 10 प्रतिशत तक की कमी आई है। मृदा स्वास्थ प्रबंधन हेतु मृदा स्वास्थ्य जांच के लिए 10 हजार प्रयोगशालायें चलायी जा रही हैं और किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किया जा रहा है। परम्परागत कृषि विकास योजना के अन्तर्गत जैविक खेती का क्षेत्रफल बढ़ रहा है जिससे किसान अपने उत्पादों का बाजार में उचित मूल्य प्राप्त कर रहे हैं। किसानों से जल प्रबंधन के माध्यम से धान एवं गेंहू की खेती में सब्जियों की खेती एवं मत्स्य पालन के भी समावेशन करने का अनुरोध किया। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अन्तर्गत गंगा तीरी गायों के संवर्धन एवं नस्लों के उन्नयन हेतु ’फ्रोजेन सार्टेड सीमेन’’ के प्रयोग से गायों को गर्भित करने से बछड़ों के बजाय बछियों का जन्म होगा जिससे बछड़ों की वजह से खेती में हो रही समास्यों का समाधान हो सकेगा.

इस अवसर पर मंत्री जी ने सभी किसानों एवं हित ग्राहियों की समस्या भी सुनी एवं किसानों से समस्या के समाधान के सुझाव भी मांगे एवं कार्यशाला में आयोजित कृषि संगोष्ठी के माध्यम से किसानों को उनकी विभिन्न समस्याओं को विशेषज्ञों के साथ परिचर्चा के माध्यम से समाधान प्राप्त करने का अनुरोध किया। उन्होने कहा कि अन्नदाता किसान कृषि को व्यवसायिक रूप में अपनाकर देश की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को सुदृढ़ कर माननीय प्रधानमंत्री जी के ‘वर्ष 2022 तक कृषि से किसानों की आय दो गुनी‘ करने के सपने को साकार कर सके.

प्रगतिशील किसानों ने सब्जी उत्पादन, मत्स्यिकी, दुग्ध उत्पादन, मधुमक्खी पालन आदि से जुड़ी अपनी सफलता की कहानी भी सुनाया। डा बिजेन्द्र सिंह, निदेशक, भा.कृ.अनु.प.-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी ने सब्जी पोषण वाटिका किसानों को प्राप्त होने वाली पोषण सुरक्षा एवं आय बढ़ाने के दिशा में हो रहे प्रयासों को बताया। इस अवसर पर माननीय राज्य मंत्री डा. नीलकण्ठ तिवारी, विधि-न्याय सूचना, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री, उ.प्र., वाराणसी संसदीय क्षेत्र के गणमान्य विधायक एवं विधान परिषद् सदस्य उपस्थित थे। इस कार्यक्रम का आयोजन भा.कृ.अनु.प.-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान एवं कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश के तत्वाधान में किया गया। कार्यक्रम के अन्त में धन्यवाद ज्ञापन डा बिजेन्द्र सिंह ने किया.

 

चंद्र मोहन

कृषि जागरण

English Summary: Changing Banaras - Vegetation and Fishing in Paddy and Wheat Farming Published on: 10 September 2018, 03:39 AM IST

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