सड़को से कूड़ा उठाकर किया सड़को का उद्धार

आर्गेनिक कचरे से खाद बन रही है यह तो हम सभी जानते है लेकिन क्या आप जानते है की आर्गेनिक वेस्ट का उपयोग बिजली बनाने के लिए भी किया जाता है। हम अक्सर बचा हुआ खाना इसलिए फेंकते है क्योंकि वह हमारे किसी काम का नहीं रहता। लेकिन क्या आप जानते हमारे द्वारा फेंके गए खाने से बिजली का प्रोडक्शन होता है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के वेस्ट टू एनर्जी प्लांट द्वारा राह पड़े कचरे, बचा हुआ खाना आदि से शहर की स्ट्रीट लाइटें जगमगा रही हैं.  हरियाणा के हिसार में स्थित आदमपुर नगर निगम में जोनल ऑफिस को भी बिजली मिल रही है. बिजली विभाग पर लोड भी कम पड़ रहा है.

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने बिजली बनाने के लिए आर्गेनिक के लिए मंडियों, होटल और गेस्ट हाउस में जाकर आर्गेनिक कचरा इकठ्ठा कर रही है. इससे आर्गेनिक वेस्ट का सही यूज हो रहा है, बिजली उत्पादन के बाद निकला अवशेष खाद के रूप में शहर के पार्को में मिट्टी और पौधों को पोषण दे रहा है.

प्लांट में लगी मशीनों में आर्गेनिक कूड़े को डाला जाता है. फिर इससे मीथेन गैस तैयार होती है. जो बिजली बनाने की आवश्यक है. आईओसी के ओआरएसपीएल डिवीजन के प्रोजेक्ट इंचार्ज आशीष सिंह के मुताबिक शहर में दस जगहों पर वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाने की योजना है. इनमें से तीन जगहों पर उत्पादन शुरू हो चुका है. मानक के अनुरूप अगर पांच टन कूड़ा मिलता है तो 480 यूनिट बिजली बनती है. लेकिन इस समय एक या दो टन ही कूड़ा मिल रहा है. निगम की ओर से अधिकृत एजेंसियों से भी कूड़ा लिया जाता है. प्रयास किया जाता है कि आर्गेनिक कूड़े को ज्यादा से ज्यादा इकट्ठा कर ज्यादा बिजली का उत्पादन किया जाये.

कुछ खास बातें

- पूरी तरह से पॉल्यूशन फ्री हैं प्लांट

- स्ट्रीट लाइट व जोनल कार्यालय आदमपुर में सप्लाई

- एक साथ आर्गेनिक वेस्ट निस्तारण और पावर प्रोडक्शन

- 480 यूनिट बिजली का प्रोडक्शन डेली एक प्लांट में

- 200 यूनिट प्लांट में होता है यूज

- 3 जगहों पर हो रहा पावर प्रोडक्शन

- 80 से 350 लाइटें जल सकती हैं 10

- जगहों पर प्लांट लगाने का है प्लान

 

वर्षा.....

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