बिहार सरकार ने मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और मछुआरों की आय में इजाफा करने के लिए बिहार के खगड़िया जिले में कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की है, जिसके तहत मछुआरों और मत्स्यजीवी सीमितियों के सदस्यों को नाव, जाल और अन्य सामग्रियों पर 90 प्रतिशत तक का अनुदान महैया करवाया जा रहा है, जिससे मछुआरों की उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी होगी और लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा.
खगड़िया को क्यों मिली यह सौगात?
बिहार के खगड़िया जिले को सरकार की ओर से इसलिए यह सौगात मिली है, क्योंकि इस जिले से होकर सात प्रमुख नदियां गुजरती है और 54 धारा-उपधाराएं यहां के जल तंत्र को मजबूत बनाती हैं. इस जिले में जल की प्रचुरता के कारण यह मत्स्य पालन में अपार संभावना हैं और बीते साल भी इस जिले में 38 हजार मीट्रिक टन मछली का उत्पादन दर्ज किया गया, जो जिले को मत्स्य उत्पादन में अहम दर्शाता है.
इस जिले में कितने मछुआरों की आबादी?
बिहार के खगड़िया जिले में तीन लाख मछुआरों की बड़ी आबादी है. इनमें से लगभग 30 हजार लोग मत्स्यजीवी सहयोग समितियों में शामिल हैं. वहीं, सरकार ने इस जिले में यह योजनाएं इसलिए लागू की है, ताकि जो मछुआरे संसाधनों की कमी के कारण कई चुनौतियों का सामना करते वह इन योजना के माध्यम से अपने मत्स्य उत्पादन में बढ़ोतरी कर कमाई दोगुना कर सकें.
कितनी मिलेगी सब्सिडी की छूट?
इस सरकारी योजना के तहत मछुआरों को नाव और जाल पर 90 प्रतिशत तक का अनुदान मुहैया कराया जाएगा. इससे मछुआरों की लागत में कमी होगी क्योंकि नाव और जाल की कीमत बेहद अधिक होती है, जो मछुआरों की पहुंच से बाहर होती है.
इसके अलावा, योजना के तहत मछुआरों को 18 फिशिंग उडेन बोट उपलब्ध कराई जाएंगी और प्रति इकाई नाव की लागत लगभग 1,24,400 रुपये तय की गई है. इस पर मछुआरों को 90 प्रतिशत अनुदान का लाभ मिलेगा. यानी की साफ है कि लाभार्थियों को 10 प्रतिशत राशि ही देनी होगी.
निःशुल्क मत्स्य विपणन किट का मिलेगा लाभ
इस योजना के तहत मत्स्य पालन करने वालों को मत्स्य विपणन किट निशुल्क मुहैया करवाएंगी. इसमें मछुआरों को तराजू, 40 किलो क्षमता वाला बॉक्स, डेकची (मछली रखने का बर्तन) सहित अन्य जरूरी उपकरण शामिल हैं. इन संसाधनों की मदद से मछुआरे मत्स्य उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार ला सकेंगे. साथ ही सरकार चयन प्रक्रिया के बाद केवल 110 मछुआरों को यह किट प्रदान करेंगी.
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
अगर आप भी इस योजना में इच्छुक है, तो आप इस योजना के लिए विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. आवेदन प्रक्रिया को सरल और डिजिटल बनाया गया है, ताकि अधिक से अधिक मछुआरे बिना किसी मध्यस्थ के सीधे योजना से जुड़ सकें और इस योजना के माध्यम से अपनी कमाई के साथ उत्पादन कर सकें.
लेखक: रवीना सिंह
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