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बांस की खेती बनी ग्रीन गोल्ड! राज्य सरकार दे रही ₹60,000 तक की सहायता, जानें ऑनलाइन आवेदन का पूरा प्रोसेस...

Bamboo Farming: अगर आप किसान है और ऐसी फसल की तलाश में है, जिसमें कम लागत लगे और अधिक लाभ मिले. ऐसे में बांस की खेती आपके लिए अच्छा विकल्प साबित हो सकता है, जिसमें सरकार किसानों को ₹60,000 की सब्सिडी भी मुहैया करवा रही है. अगर आप भी इस अनुदान का फायदा उठाना चाहते हैं, तो इस लेख को ध्यान से पढ़ें...

KJ Staff
bamboo
राष्ट्रीय बांस मिशन योजना (Image Source- Freepik)

बिहार सरकार राज्य के किसानों के लिए कई नई योजना लेकर आती है भारी सब्सिडी भी मुहैया करवा रही है, ताकि किसान खेती में और तरक्की करने के साथ कमाई भी दोगुना करें. ऐसे ही बिहार सरकार राज्य के किसानों के लिए राष्ट्रीय बांस मिशन योजना लेकर आई है, जिसके तहत राज्य के किसानों को बांस की खेती करने पर 60,000 हजार रुपये तक अनुदान मिलेगा. इससे किसानों को यह लाभ होगा की उनकी लागत कम लगेगी और मुनाफा अधिक होगा.

बांस की खेती पर कितना मिलेगा अनुदान?

बिहार कृषि विभाग के अनुसार, एक हेक्टेयर में बांस की खेती पर लगभग 1.20 लाख रुपये का खर्च आता है. इस लागत का 50 प्रतिशत यानी 60,000 रुपये तक की राशि सरकार सब्सिडी के रूप में देगी. इससे किसानों को शुरुआती निवेश की चिंता नहीं करनी पड़ेगी और वे बिना ज्यादा जोखिम के बांस की खेती शुरू कर सकेंगे.

खास बात यह है कि बांस की खेती एक बार लगाने के बाद 3 से 5 साल में तैयार हो जाती है, और उसके बाद कई वर्षों तक लगातार उत्पादन देती रहती है.

क्यों खास है बांस की खेती?

बांस की खेती आज के समय में किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही है इस कारण-

  • इसे कम पानी की जरूरत होती है.

  • सूखा, अधिक बारिश और खराब मौसम में भी फसल सुरक्षित रहती है.

  • रखरखाव में खर्च बेहद कम होता है.

  • एक बार तैयार होने के बाद लंबे समय तक नियमित आमदनी मिलती है. साथ ही बाजार में बांस की मांग लगातार बढ़ रही है. फर्नीचर, कागज उद्योग, निर्माण कार्य, हस्तशिल्प और सजावटी सामान में बांस का बड़े पैमाने पर उपयोग हो रहा है.

छोटे और सीमांत किसानों को भी मिलेगा लाभ

सरकार की इस योजना का मकसद केवल बड़े किसानों को ही नहीं, बल्कि छोटे और सीमांत किसानों को भी लाभ पहुंचाना है. खेत की मेड़ पर खेती करने वाले किसान भी इस योजना का फायदा उठा सकते हैं.

  • खेत की मेड़ पर खेती करने वालों को कम से कम 10 बांस के पौधे लगाने होंगे.

  • घनी खेती के लिए न्यूनतम 04 हेक्टेयर भूमि जरूरी.

  • अधिकतम 20 हेक्टेयर तक ही बांस की खेती की अनुमति.

कैसे करें ऑनलाइन आवेदन?

  1. किसान सबसे पहले horticulture.bihar.gov.in वेबसाइट पर जाएं.

  2. उसके बाद राष्ट्रीय बांस मिशन के लिंक पर क्लिक करें.

  3. फिर उसके बाद ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें.

  4. जरूरी दस्तावेज अपलोड करें.

  5. उसके बाद आपके आवेदन की जांच जिला स्तर पर होगी.

  6. पात्र पाए जाने पर सब्सिडी की राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी.

किन जिलों में लागू है योजना?

बिहार सरकार ने यह योजना फिलहाल बिहार के 27 जिलों में लागू की गई है. इनमें प्रमुख जिले इस प्रकार हैं-

अररिया, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, दरभंगा, पूर्वी-पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, जमुई, कटिहार, किशनगंज, मधेपुरा, मधुबनी, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, सहरसा, समस्तीपुर, सारण, शिवहर, शेखपुरा, सीतामढ़ी, सिवान, सुपौल और वैशाली.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Bamboo cultivation Bihar government providing assistance of up to Rs 60,000 know complete online application process Published on: 04 February 2026, 05:50 PM IST

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