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मंदसौर में मारे गए किसानों को एआईकेएससीसी का वार्षिक श्रद्धांजलि, किसानों के हित के लिए राष्ट्रपति से मुलाकात

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (एआईकेएससीसी) ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन पिछले साल 6 जून को मध्यप्रदेश में मंदसौर में मारे गए किसानों के मुद्दे पर  और किसानों के हित के लिए दो बिलों को लेकर  कल राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद पूरे विषय पर विस्तृत जानकारी देने के लिए रखा गया था। एआईकेएससीसी के कॉन्फ्रेंस में वीएम सिंह, योगेंद्र यादव, हन्नन मोल्ला, राजू शेट्टी, डा. सुनीलम, अतुल अंजान, जैसे अन्य राजनीतिक लोग उपस्थित थे। कांन्फ्रेंस के दौरान सभी लोगों ने बारी-बारी से किसानों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की और जानकारी दी। वहीं पिछले साल मंदसौर में हुए किसानों के मौत पर सभी अपनी बात रखी।  

कांन्फ्रेंस की शुरुआत राष्ट्रीय किसान मज़दूर संगठन के अध्यक्ष  वीएम सिंह ने किया और कहा कि पीछले साल मंदसौर में पुलिस के द्वारा किसानों की हत्या एक अपराध है जो कभी भुलाया नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले साल इस घटना के बाद हमने  ये निर्णय लिया कि हम इसके घटना के खिलाफ आवाज उटाएंगे और हमने मंदसौर जाकर इसके खिलाफ मजबूती से आवाज़ उठाया। इसके बाद हमलोगों ने किसानों के हाल जानने के लिए कई जगह भ्रमण किया और किसानों से भी मिले और खेती को लाभकारी बनाने के लिए चर्चा की। वहीं किसानों को खेती में लाभ के लिए उन्होंने कहा कि किसानों को आजतक फसलों के दाम कम मिलते आए हैं और अब किसानों को फसलों के लागत का देढ़ गुणा मिलना चाहिए। क्योंकि किसानों पिछले पंद्रह वर्षों से फसल का लाभ नहीं मिला है इसलिए पंद्रह साल में लगभग तीन लाख किसान आत्महत्या कर चुके हैं। उनहोंने कहा कि कल राष्ट्रपति से किसानों के हित के लिए दो बिल को लेकर बात हो चुकी है और अगर यह पास हो जाएगा तो किसानों को इससे काफी फयदा होगा।

कॉन्फ्रेंस में किसानों की बात को आगे बढ़ाते हुए  स्वाभीमानी शेकारी संगठन के अध्यक्ष राजू शेट्टी ने कहा की सरकार किसानों के हित में कोई भी फैसला लेने में सक्षम नहीं दिख रही है। जब सरकार जीएसटी लागू करने के लिए सांसद का विशेष सत्र बूला सकती है तो किसानों के हित के लिए सरकार संसद का विशेष सत्र क्यों नहीं बुला सकती है। कांन्फ्रेंस में मौजूद स्वराज अभीयान के मुखिया योगेंद्र यादव ने सरकार पर  कई हमले किए। उन्होंने कहा कि सरकार के कार्यकाल को चार साल हो चुकी है और किसानों के लाभ के लिए सरकार हर मोर्चे पर फेल नजर आ रही है। योगेंद्र यादव ने केंद्र सरकार को अभी तक का सबसे बड़ा किसान विरोधी पार्टी बताया। यूरिया का संकट, सुखे की समस्या, किसानों की जमीनों के मुद्दे आदि कई ऐसी बातों पर सरकार को किसान विरोधी बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के लिए फसलों के उचित दाम देने में भी सक्षम नहीं है। योगेंद्र ने मंदसौर में मारे गए किसानों को लेकर कहा की एआईकेएससीसी एक साल पूरा होने पर 3 दिन का कार्यक्रम श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित करेगी।

कांन्फ्रेंस में आगे ऑल इंडिया किसान सभा  से आए अतुल कुमार अनजान ने किसानों को लिए अपनी आवाज़ को बुलंद किया। उन्होंने कहा कि देश में किसानों कि स्थिति पर सरकार कोई भी ध्यान नहीं दे रही है। केंद्र सरकार बस किसानों के हक का पैसा बड़ी कंपनियों को बांटने में लगी है। इसेक साथ ही उन्होंने देश में लगातार बढ़ रहे पेट्रोल और डीजल के दाम पर भी सरकार को घेरा और कहा की पेट्रोल व डीजल के दाम बढ़ा कर सरकार देश को लूट रही है। कॉन्फ्रेंस में मौजूद एआईकेएससीसी से जुड़े सभी लोगों ने एक-एक कर अपनी बातें रखी और संगठन के द्वारा पास कराई जाने वाली दो बीलों के उपर ज़ोर दिया।



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