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हरियाणा किसान और पशुपालन के लिए एग्रोमेट एडवाइजरी जारी, जानें अहम जानकारी

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले समय में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है. जिसके चलते IMD ने किसानों व पशुपालन के लिए जरूरी सलाह जारी कर दी है...

लोकेश निरवाल
Agromet advisory issued for Haryana farmer and animal husbandry
Agromet advisory issued for Haryana farmer and animal husbandry

किसानों को अच्छी फसल प्राप्त हो सके और साथ ही पैदावार में भी बढ़ोतरी हो सके. इसके लिए मौसम विभाग ने हरियाणा के किसान (farmers of Haryana) भाइयों के लिए एग्रोमेट एडवाइजरी जारी की है. ताकि वह अपनी फसल का ध्यान अच्छे से रख सकें और डबल उत्पादन प्राप्त कर सकें. बता दें कि मौसम विभाग ने सिर्फ फसलों को लेकर ही सलाह नहीं दी है बल्कि पशुओं के लिए भी सलाह जारी की है.

फसलों को लेकर जरूरी सलाह (Important advice about crops)

चावल:-

किसान इस समय मौसम के अनुसार सिंचाई की योजना बनाएं. परिपक्व फसल की कटाई से तीन सप्ताह पहले सिंचाई बंद कर दें. फसल में रोग के लक्षण दिखाई देने पर 150 मिली पल्सर या 26.8 ग्राम एपिक या 80 ग्राम नेटिवो या 200 मिली एमिस्टर टॉप या टिल्ट या फोलिकुर/ओरियस को 200 लीटर पानी में मिलाकर मौसम साफ होने पर प्रति एकड़ छिड़काव करें.

जब 5 प्लांट हॉपर प्रति पहाड़ी पानी में तैरते हैं, तो 94 मिली पेक्सलॉन 10एससी (ट्राइफ्लुमेज़ोपाइरिम) या 80 ग्राम ओशीन/टोकन 20 एसजी (डायनोटफ्यूरान) को 100 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ स्प्रे करें.

खेत में जल निकासी की उचित व्यवस्था की जानी चाहिए.

कपास:-

किसानों को गुलाबी बोलार्ड की उपस्थिति और क्षति का निरीक्षण करना जारी है. यदि आर्थिक हानि स्तर (ETL) - बीटी कपास के पौधों (cotton plants) पर लगाए गए 100 फूलों में से 5-10 गुलाब 20 हरी टहनियों (10-15 दिन पुराने टिड्डियों) की तरह बंद हो जाते हैं, 1-2 टिन सफेद या गुलाबी कैटरपिलर दिखाई देने पर खुलते हैं. इसके अलावा फसल पर एथियोन 50 ईसी 1000 मिली या प्रोफेनोफॉस 50 ईसी 1000 मिली या इमैमेक्टिन बेंजोएट 5 एसजी 240 ग्राम या थायोंडिकार्ब 75 डब्ल्यूपी 800 ग्राम या इंडोक्साकार्ब 14.5 एससी 500 मिली 500 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें.

गन्ना:-

गन्ने की फसल (sugarcane crop) में शीर्ष बेधक के हमले को 10 किलो फेरेरा 0.4 जीआर या 12 किलो फुरादान / डायफुरन / फुराकार्ब / फ्यूरी 3 जी (कार्बोफ्यूरन) प्रति एकड़ को अंकुर के आधार पर लागू करके प्रबंधित करें, केवल तभी जब शीर्ष छेदक क्षति 5% स्तर से अधिक हो. इसके बाद फसल की हल्की सिंचाई करें.

बाजरा:-

बाजरे की फसल में किसान इस समय आवश्यकता के अनुसार रसायन और उर्वरक लगा सकते हैं. सापेक्षिक आर्द्रता में वृद्धि के कारण कीट और रोग के हमले में वृद्धि की संभावना है, किसानों को सलाह दी जाती है कि वे नियमित रूप से खेतों की निगरानी करें.

बागवानी विशिष्ट सलाह सब्जी (Gardening Specific Advice Vegetable)

  • फूलगोभी, पत्तागोभी, ब्रोकली की अगेती किस्मों की रोपाई इस अवधि के दौरान की जा सकती है. आलू, मूली, शलजम, पालक, धनिया, मेथी आदि जैसी सर्दियों की सब्जियों की भूमि की तैयारी और बुवाई के लिए मौसम अनुकूल रहेगा.

  • टमाटर के लेट ब्लाइट के प्रबंधन के लिए, मौसम साफ होने पर 600 ग्राम इंडोफिल एम-45 को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ स्प्रे करें.

  • मिर्च में फलों के सड़ने और वापस मर जाने पर नियंत्रण के लिए 250 मिली फॉलिकूर या 750 ग्राम इंडोफिल एम 45 या ब्लिटोक्स को 250 लीटर पानी में 10 दिनों के अंतराल पर प्रति एकड़ में स्प्रे करें.

  • भिंडी पर जस्सिड के हमले को 80 मिली इकोटिन 5% या 2 लीटर पीएयू नीम के अर्क या 40 मिली कॉन्फिडोर 17.8 एसएल या 40 ग्राम एक्टारा 25 डब्ल्यूजी या 560 मिली मैलाथियान 50 ईसी या 100 मिली सुमिसिडिन 20 ईसी को 100-125 लीटर पानी का छिड़काव करके कम किया जा सकता है. प्रति एकड़, जैसे ही फूल आना शुरू होता है.

पशुओं के लिए जरूरी सलाह (Important advice for animals)

  • दूध देने वाले पशुओं को दूध पिलाने से पहले और बाद में बर्तनों को गर्म पानी से अच्छी तरह साफ करें और साबुन से हाथ धोएं.

  • पशुओं को सुबह और शाम के समय 50-100 ग्राम खनिज मिश्रण के साथ अच्छी गुणवत्ता वाला चारा खिलाएं. इससे दूध की उत्पादकता बढ़ेगी और पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी.

  • पशुओं को हाइड्रेटेड रखने के लिए पर्याप्त स्वच्छ और ताजा पेयजल उपलब्ध कराएं और पशु चिकित्सा सर्जन के नुस्खे के अनुसार कृमि मुक्ति कार्यक्रम का पालन करें.

  • गर्म मौसम से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है.

  • यदि मच्छर, मक्खियाँ, टिक्स आदि बढ़ रहे हैं, तो उनसे होने वाली बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए उचित देखभाल की आवश्यकता है.

मछली पालन के लिए जरूरी सलाह (Important tips for fishing)

  • किसानों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि टैंक में पानी की गुणवत्ता अच्छी तरह से बनी हुई है ताकि अंडे किसी भी कवक उपभेदों से संक्रमित न हों.

  • किसान प्रेरित प्रजनन शुरू कर सकते हैं.

  • नौसिखियों के लिए यह समय तालाब बनाने के लिए तैयार करने का है.

  • इस समय मछली के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है

  • मधुमक्खी पालन विशिष्ट सलाह मधुमक्खी पालकों को सलाह दी जाती है कि वे मधुमक्खियों के विकास के लिए संतुलित आहार दें और यदि चारा उपलब्ध न हो तो कृत्रिम चारा (500 मिली पानी + 500 ग्राम चीनी) की व्यवस्था करें.

English Summary: Agromet advisory issued for Haryana farmer and animal husbandry, know important information Published on: 04 October 2022, 05:25 IST

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