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पॉपुलर लगाने पर कृषि विभाग देगा 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की सब्सिडी

 

हिसार। खेती-बाड़ी को लाभप्रद बनाने तथा किसानों की आय दोगुनी करने के सरकार के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कृषि विभाग अब पॉपुलर के पेड़ लगाने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 10 हजार रुपये की सब्सिडी देगा। इसके अलावा विभाग द्वारा विभिन्न प्रकार के कई कृषि कार्यों पर सब्सिडी के माध्यम से किसानों की मदद की जा रही है।

अतिरिक्त उपायुक्त एवं सब्सिडी योजनाओं के नोडल अधिकारी एएस मान का कहना है कि पॉपुलर की खेती करने वाले किसानों की मदद तथा दूसरे किसानों को इसके लिए प्रोत्साहित करने के लिए पॉपुलर की खेती पर प्रति हेक्टेयर 10 हजार रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही अंतर फसल के तहत पॉपुलर के साथ गेहूं की बिजाई करने पर 5 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की सब्सिडी भी दी जाएगी। गन्ने के खेत में खुली कतार व एकड़ बड के लिए 3000 रुपये प्रति एकड़ का अनुदान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा प्रमाणित बीजों की खरीद पर धान व गेहूं के लिए 1000 रुपये प्रति क्विंटल, जौ व बाजरा पर 1500 रुपये प्रति क्विंटल तथा तिलहन व दलहन के बीजों पर 2500 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी किसानों को दी जाएगी।

एडीसी के अनुसार किसानों द्वारा विभिन्न फसलों के प्रदर्शन प्लांट लगाने पर 2000 से 4000 रुपये प्रति एकड़ तथा मक्का बोने वाले किसानों को 5000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार खरपतवार नाशक, कीटनाशक व सूक्ष्म तत्व पर 200 रुपये प्रति एकड़, जिप्सम पर 750 रुपये प्रति हेक्टेयर, एचडीपीई आधारित फव्वारा संयंत्र के लिए 18000 रुपये तक तथा एल्युमिनियम आधारित फव्वारा संयंत्र के लिए 27000 रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

एडीसी मान ने बताया कि पौधा संरक्षण के लिए दवाइयों पर 500 रुपये प्रति हेक्टेयर, भूमि सुधार के लिए ढैंचा पर लागत का 75 प्रतिशत, भूमिगत पाइप लाइन डालने पर लागत का 50 प्रतिशत एवं 25 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से अधिकतम 60 हजार रुपये प्रति लाभार्थी और टैंक के साथ टपका सिंचाई के लिए 90 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा कृषि कार्यों के साथ-साथ कृषि उपकरणों की खरीद में भी किसानों को रियायती दरों का लाभ प्रदान किया जा रहा है। इसके तहत हस्त चालित स्प्रे पंप की खरीद पर लागत का 40 प्रतिशत तक, बैटरी चालित स्प्रे पंप पर लागत का 40 प्रतिशत व अधिकतम 2500 रुपये, टै्रक्टर माउंटिड स्प्रे पंप पर 8000 रुपये तक, हैप्पी सीडर, स्ट्रा रीपर, स्ट्रा बेलर, पावर टिलर, मल्टीक्रोप थ्रेशर, मल्चर हेरैक, स्ट्रा चोपर, स्ट्रा सलैसर आदि यंत्रों की खरीद पर लागत का 40 प्रतिशत व अधिकतम 50 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। लेजर लैंड लेवलर पर 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी किसानों को दी जाएगी।

एडीसी ने बताया कि कॉटन सीड ड्रिल, जीरो टिल सीड ड्रिल, डिस्क हैरो, मेज प्लांटर, मल्टी क्रॉप सीड ड्रिल, डीएसआर, ट्रैंच ब्लांटर, रिज प्लांटर व बैड प्लांटर पर किसानों को लागत का 40 प्रतिशत व अधिकतम 12 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इसी प्रकार रोटावेटर व रोटरी प्लो की खरीद पर लागत का 40 प्रतिशत व अधिकतम 20 हजार रुपये, रीपर बाइंडर पर लागत का 40 प्रतिशत व अधिकतम 1 लाख रुपये, स्ब सोयलर पर लागत का 40 प्रतिशत व अधिकतम 4000 रुपये तथा रिवर्सिबल प्लो खरीदने पर किसान को उपकरण की लागत का 40 प्रतिशत व अधिकतम 35 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा अनुसूचित जाति व जनजाति के किसानों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी भी दी जाएगी।

योजनाओं की अधिक जानकारी के लिए किसान कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 1800-180-1551, टेलीफोन नंबर 0172-2571553 या विभाग की वेबसाइट एग्रीहरियाणा डॉट इन पर संपर्क कर सकते हैं।

-रूबी जैन, कृषि जागरण 



English Summary: Agriculture Department will provide 10 thousand rupees per hectare subsidy on populist basis

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