'एग्रो वर्ल्ड 2018' का हुआ सुखद समापन

दिल्ली के IARI, पूसा कैंपस में तीन दिनों तक चलने वाले भारतीय अंतर्राष्ट्रीय कृषि और प्रौद्योगिकी मेले-2018 का समापन हो गया. 25 अक्टूबर से 27 अक्टूबर तक चलने वाले इस मेले में कृषि और प्रौद्योगिकी जगत की कईं सफल और सम्मानित हस्तियों ने हिस्सा लिया. इस मेले का आयोजन "भारतीय कृषि एवं खाघ परिषद्" द्वारा किया गया था. इस मेले में देश और विदेश की कृषि से जुड़ी कईं कंपनियों ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई. यह मेला वर्तमान कृषि जगत में हो रहे बदलावों और आविष्कारों का प्रतिबिंब साबित हुआ.

क्या था उद्देश्य

एग्रो वर्ल्ड 2018 का मुख्य उद्देश्य वर्तमान कृषि जगत में हो रहे बदलावों और किसानों के जीवन पर पड़ रहे उसके प्रभावों को दर्शाना था. इस मेले के ज़रिए किसानों ने कृषि से संबंधित हर पहलू को जाना चाहे वो बीज हों, फसल हों, उत्तम खाद हों, कीटनाशक हों या फिर मशीनरी.

इस मेले का अहम उद्देश्य किसानों को न सिर्फ आर्थिक रुप से सक्षम करने का था बल्कि उनकी मानसिकता बदलने का भी था क्योंकि किसान के आंतरिक और बाहरी जीवन की रुपरेखा अलग है, इसलिए किसान को इस मेले के ज़रिए यह भी बताया गया कि कैसे वह अपने व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन को संतुलित कर बेहतर जीवन जी सकते हैं.

किस-किस ने की शिरकत

एग्रो वर्ल्ड मेले में कृषि से संबंधित दुनियाभर की कंपनियों ने हिस्सा लिया जिसमें बीज, मशीनरी और कीटनाशक कंपनियां प्रमुख हैं जैसे -

1. इचीबान

2. प्लांट बायोटिक

3. कोरटेवा

4. महिन्द्रा एंड महिन्द्रा

5. सोनालिका

6. अमूल

7. नाबार्ड आदि

यह सब कंपनियां अपने-अपने उत्पाद लेकर मेले में पहुंची और लोगों को अपने उत्पादों से रुबरु कराया. यह कंपनियां यहां अपने उत्पादों पर विशेष छूट दे रहीं थी.

सम्मेलन और वार्ता

मेले में एक कोना विशेष तौर पर सम्मेलन और वार्ता के लिए रखा गया था जहां भारत के कृषि मंत्री श्री राधा मोहन सिंह समेत कृषि जगत की कईं गणमान्य हस्तियां पहुंची और उनके साथ कुछ सफल युवा किसानों को भी मंच दिया गया जिससे वह अपने सफल अनुभव साझा कर सकें.

इसके अलावा इस सम्मेलन में किसानों को यह बताया गया कि कैसे वह अपनी फसल को सफल करके अधिक मुनाफा कमा सकते हैं. इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया कि इस सम्मेलन से किसान की दुविधा को दूर किया जा सके और किसान यह जान पाए कि कैसे उसकी खुशहालता से देश खुशहाल हो सकता है.

सकारात्मक प्रभाव

इस मेले ने किसानों और लोगों पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ा है, लोग कृषि संबंधित हर पहलू से जुड़े व जागरुक हुए हैं और ऐसे आयोजनों से समाज में कृषि को एक नया आयाम और स्थान प्राप्त होता है और आयोजक भी इसीलिए हर साल ऐसे मेलों का आयोजन कर कृषि को एक महत्वपूर्ण निवेश जगत के रुप में प्रस्तुत करते हैं.

गिरीश पांडे, कृषि जागरण

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