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गर्मी बढ़ते ही फलों की कीमतों में लगी आग !

पिछले कुछ दिनों में तेज गर्मी के बीच बारिश हो जाने के वजह से भले ही लोगों को कुछ दिन राहत मिली है. लेकिन गर्मी के मौसम में लोगों को राहत पहुंचाने वाले फलों के दामों में तेजी से गर्मी बढ़ती जा रही है. अगर तरबूज और खरबूज की फसल की बात करें तो इस बार इसकी राजस्थान में उपज काफी कमजोर हुई है. नतीजन इसका सीधा असर इनके भाव पर पड़ रहा है. जिसके चलते खरबूजा 50 रूपये प्रति किलों से ऊपर भाव पर तेजी से बिक रहा है. जो कि गत वर्ष 25 से 30 रूपये प्रति किलों के भाव पर था. अगर तरबूज की बात करें तो उसका भाव भी आज 25 रूपये प्रति किलों पर पहुंच रहा है जो कि गत वर्ष में 10 से 15 रूपये प्रति किलों पर था. अगर इस मौसम में अन्य फलों की कीमतों की बात करें तो आम की फसल को छोड़ सभी फलों के दामों में तेजी दिखाई दे रही है.

अंगूर और संतरे की नई आवक शुरू

अगर हम फलों में अंगूर और संतरे की बात करें तो बाजार में  महाराष्ट्र के नासिक से इन फसलों की आवक शुरू हो चुकी है. फल कारोबारियों का कहना है कि ये दोनों ही फल अपने अंतिम दिनों में है. इस अप्रैल के आखिर या फिर मई के पहले सप्ताह तक दोमों फलों की आवक पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी. इसी महीने में इन फलों के दाम 30 फीसदी तक बढ़ गए है. इसके साथ ही अंगूर की फसल भी 100 रूपये किलों के पार जा चुकी है.

शुरू हुई आम की दस्तक

तमिलनाडु के चेन्नई से आने वाला सफेदा और बेंगलुरू से आने वाला सिंदूरी आम के भाव पिछले वर्ष की तुलना में 30 फीसदी ज्यादा है, लेकिन जैसे-जैसे आम की आवक बढ़ रही है इनके भावों में नरमी आती दिखाई दे रही है. अगर हापूस आम की बात करें तो इसके भाव में नरमी देखने को मिली है. क्योंकि जो आम 15 दिनों पहले 300 रूपये प्रति किलो बिकता था. वह अब 200 से 250 रूपये प्रति किलो बिक रहा है. फिलहाल जिस तरीके से फलों की आवक बन हुई है उसे देखते हुए फलों के दामों में हुई बढ़ोतरी के कम होने के की आसार कुछ दिनों तक नहीं है. स्थानीय फल विक्रेताओं का कहना है कि गर्मियों के सीजन की वजह से फलों के दामों में बढ़ोतरी हुई है. चूंकि यहां की मंडियों में फल बाहर के राज्यों से ही आ रहे है जिनकों कोल्ड स्टोरेज में रखा जाता है. फिलहाल अगले एक से डेढ़ महीने फलों के दामों में राहत की उम्मीद कम ही है. 



English Summary: A fire in the heat of many fruits including watermelons

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