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जिन किसानों से वापस लिए जाएंगे 2000 रुपये, उनमें कहीं आप भी तो शामिल नहीं !

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना की पहली किस्त जारी हो चुकी है. इस योजना की शुरुआत पीएम मोदी ने 24 फरवरी को गोरखपुर से की थी. इस योजना की दूसरी किस्त भी 1 अप्रैल तक भेजने की तैयारी हो रही है. इस बीच केंद्र सरकार ने यह कयास लगाया है कि कुछ अपात्र लोगों (जो किसान नहीं हैं या बड़े किसान हैं) के खाते में भी ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ की राशि जा सकती है. पहली किस्त भी कुछ ऐसे लोगों के खाते में भी पहुंच गई है जो इस ‘पीएम- किसान’ योजना के दायरे में नहीं आते हैं. अब ऐसे लोगों से यह राशि वापस ली जाएगी ताकि जो इस योजना के दायरे में लोग आते है उनके खाते में योजना का लाभ समय पर मुहैया कराया जा सके. इसके मद्देनजर केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने राज्यों को एक पत्र लिखकर कहा है कि अगर अपात्र (जो किसान पात्र नहीं हैं. ) को पैसे मिलने की सूचना मिलती है तो उनका पैसा वापस होगा.

मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, इस योजना के सीईओ विवेक अग्रवाल ने कहा है कि ‘इस योजना के तहत अब तक दो करोड़ से अधिक किसानों के खाते में 2000-2000 रुपये पहुंच चुके हैं. अभी तक ऐसी किसी भी गड़बड़ी की बात संज्ञान में नहीं आया है कि किसी अपात्र व्यक्ति को पैसा मिला हो, लेकिन इतनी बड़ी ( पीएम- किसान ) योजना है तो ऐसी बातों की संभावना बनी ही रहती है. अगर अपात्र लोगों के खातों में पैसा ट्रांसफर हुआ तो उसे वापस तो लिया ही जाएगा. ऐसे लोगों को पैसा डीबीटी से गया है और डीबीटी से ही वापस लिया जाएगा. यह हमने राज्यों को पत्र लिखकर बता दिया है.

अगर खाते में पैसा आ गया है तो अपात्र क्या करें?

मीडिया में आई खबरों किए मुताबिक ऐसे लाभार्थी अपने बैंक को ट्रांजैक्शन वापस करने की अर्जी दें. बैंक इस पैसे को अलग अकाउंट में डाले और सरकार को वापस करे. राज्य सरकारें लाभार्थियों को पैसे रिफंड करने में मदद करें. राज्य अपात्रों से पैसे वापस लेकर https://bharatkosh.gov.in/ में जमा कराएं. इतना ही नहीं अगली किस्त (1 अप्रैल से पहले) जारी होने से पहले ऐसे लोगों का नाम लिस्ट से हटाया जाए.

गौरतलब है कि 'पीएम किसान' योजना को लेकर पहले यह प्रावधान था कि अगर किसी किसान का आधार उसके बैंक अकाउंट से जुड़ा नहीं है उसे 'पीएम किसान' योजना का लाभ नहीं मिलेगा, लेकिन अब किसी किसान का आधार उसके बैंक अकाउंट से जुड़ा नहीं है तो भी उसे 'पीएम किसान' योजना का लाभ मिलेगा. दरअसल कृषि मंत्रालय के एक बयान में लिखा गया है, 'हालांकि दूसरी किस्त के लिए शत-प्रतिशत आधार डेटा 1 अप्रैल तक प्राप्त करना कठिन है, क्योंकि, इसके लिए बायोमैट्रिक प्रमाणन की जरूरत है. नामों की वर्तनी में अंतर से बड़े पैमाने पर लाभार्थियों के नाम रद्द हो जाएंगे. ऐसे में लाभार्थियों के आधार ब्यौतरे को प्रमाणित करने के कारण दूसरी किस्त  को जारी करने में विलंब होगा. दूसरी किस्त को जारी करने की तिथि 01 अप्रैल, 2019 है. विलंब से किसानों में असंतोष बढ़ेगा, इसलिए आधार शर्त में ढील दी गई है. यह शर्त तीसरी किस्त जारी करने के लिए मान्य होगी. दूसरी किस्त के लिए केवल आधार संख्या को ही अनिवार्य माना जाएगा. भुगतान से पहले सरकार आंकड़ों को प्रमाणित करने के लिए पर्याप्त कदम उठाएगी.'

क्या है 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' योजना ?

देश के छोटे और सीमांत किसान, जिनके पास राज्य तथा केंद्र शासित प्रदेशों के भू-अभिलेखों में सम्मिलित रूप से 2 हेक्टेयर (लगभग 5 एकड़) तक की कृषि योग्य भूमि का स्वामित्व है,  उन किसानों के खाते में 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' योजना के तहत हर साल 6 हजार रुपये दिए जाएंगे. यह राशि 3 किश्त में चार-चार माह के अंतराल पर की तीन किश्तों में किसानों के बैंक खातें में सीधे उपलब्ध कराई जाएगी.

किन किसानों को नहीं मिलेगा योजना का लाभ

ऐसे किसान जिनके नाम 1 फरवरी 2019 तक लैंड रिकॉर्ड में दर्ज हैं, उन्हें ही सालाना 6 हजार नकद मिलेगे. इस तारीख के बाद अगर जमीन की खरीद-बिक्री के बाद जमीन दस्तावेजों में मालिकाना हक का बदलाव हुआ तो अगले 5 साल तक 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' योजना के तहत का उन्हें लाभ नहीं मिलेगा. हालांकि, अगर अपनों के नाम पर जमीन हस्तांतरण में मालिकाना हक में बदलाव होता है तो वे इस योजना के लिए योग्य माने जाएंगे.

 



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