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13वां CII एग्रो टेक मेला 2018 का आज आख़िरी दिन

कृषि क्षेत्र को बेहतर दिशा देने और किसानों को कृषि में मार्गदर्शन देने के लिए पंजाब के चंडीगढ़ में CII एग्रो- टेक मेले का आयोजन किया गया. मेले की शुरुआत 1 दिसंबर को हुआ था और आज इसका आख़िरी दिन है. इस चार दिवसीय मेले में किसानों की भागीदारी भी काफी अधिक रही. चंडीगढ़ में आयोजित इस मेले का यह 13वां संस्करण रहा. इस मेले में कुल 195 प्रदर्शकों ने भाग लिया जिनमें 37 विदेशी प्रदर्शक रहे जो 8 देशों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. जानकारी के अनुसार इंग्लैंड इस एग्रो टेक मेले -2018 का सहयोगी देश  है.

राष्ट्रपति ने किया उद्घाटन

इस मेले का उद्घाटन भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा किया गया. उन्होनें अपने संबोधन में कहा कि मैं इस मेले के आयोजन से बेहद खुश हूं और मैं कृषि मंत्रालय, खाघ प्रसंस्करण उघोग मंत्रालय, भारत सरकार और एपीइडीए को इस तरह के आयोजन के लिए बधाई देता हूं. कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए यह कदम सराहनीय है.

CII रहा आयोजक

इस मेले का आयोजन CII यानी ‘कॉन्फिड्रेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री ने कराया था जिसमें भारत सरकार के विभागों और इंग्लैंड जैसे देशों ने सहयोग किया है.

किसान, नेता व कृषि कंपनियों ने की शिरकत
इस मेले में कृषि और खाद्य जगत से जुड़ी लगभग हर कंपनी ने हिस्सा लिया जैसे एग्री इंजीनयरिंग यूनिट, एग्री यूनिवर्सिटी और रिसर्च इंस्टिटूय्ट, एग्रो इंडस्ट्री कॉरपोरेशन, केंद्र और राज्य सरकार की एजेंसियां, बड़ी भारतीय कंपनियों कि सीईओ और वरिष्ठ अधिकारी, वितरक और निर्माताओं, डेयरी और खाघ सामग्री के आपूर्तिकताओं के अलावा किसानों ने हिस्सा लिया. भारी मात्रा में पंजाब और हरियाणा के किसान यहां पर आए हुए हैं और उन्होनें यहां आकर कृषि और उससे जुड़ रही आधुनिक तकनीकों के बारे में जाना.

क्या रहा मुख्य आकर्षण ?

पवेलियन - चाइना,कनाडा और ब्रिटेन

दूसरे अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शक - इटली और स्पेन

मेज़बान राज्य - पंजाब, हरियाणा

लक्ष्य - किसानों की आय दोगुनी करना

किसान उपस्थिति - देशभर के 15 राज्यों से लगभग 40,000 किसानो से अधिक की उपस्थिति सी.आई.आई इस एग्रो टेक इंडिया मेले का उद्घाटन सन् 1994 से लगातार सफलता के साथ करता हुआ आ रहा है और एक प्रख्यात नेतृत्व के साये में यह तेज़ी से बढ़ता रहा है. यह मेला किसानों और कृषि क्षेत्र के निर्माताओं को एक साझा मंच प्रदान करता है जहां वह एक दूसरे से बौधिक स्तर पर पहचान बना पाते हैं. इस प्रकार के आयोजन मूल्य सृजन और मूल्य संवर्धन के बीच सेतु का काम करते हैं और अच्छे ऑफर वाले उत्पादों की बड़ी रेंज, तकनीक रखने वालों के लिए व्यापार के अनुकूल माहौल उत्पन्न कराकर साथ ही तकनीक उपभोक्ताओं की व्यवहारिक समझ बढ़ाने का काम भी करते हैं.

कृषि जागरण किसानों के लिए अग्रणी

देश की शर्वश्रेष्ठ कृषि एवं रुरल पत्रिका ‘कृषि जागरण’ ने भी इस मेले में हिस्सा लिया. कृषि जागरण ने अपनी स्टॉल के माध्यम से किसानों तक हर संभव जानकारी मुहैय्या कराई. यदि आपको भी इस मेले से जुड़ी किसी प्रकार की जानकारी चाहिए तो आप कृषि जागरण से संपर्क कर सकते हैं.

गिरीश पांडे, कृषि जागरण



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