1. लाइफ स्टाइल

हरे घास पर चलने से मिलती है डायबिटीज समेत कई बीमारियों से राहत, जानिए फायदें

आज के समय गलत जीवनशैली और खान-पान में हो रहे मिलावट के कारण छोटी उम्र में ही लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ जा रहे हैं. अधिकतर बीमारियां तो आज लोगों को नींद न लेने, तनाव में रहने और अधिक चिंता करने की वजह से ही हो रही है. चमक-धमक के इस दौर में इंसान प्रकृति से दूर हो गया है.

इन बीमारियों के उपचार में जहां एक तरफ भारी खर्चा होता है, वहीं शरीर को भी बहुत परेशानी होती है. वैसे समझदारी तो इसी में है कि बार-बार डॉक्टरों के पास जाने से अच्छा अपनी सेहत का ख्याल रखा जाए. उदाहरण के लिए अब रोज सुबह उठकर हरी घास पर चलने को ही ले लीजिए. चलिए आज आपको इस बारे में विस्तार से बताते हैं.

डायबिटीज से छुटकारा

अगर आप डायबिटीज के समस्या से परेशान हैं, तो आपको सबसे पहले सुबह की सैर शुरू कर देनी चाहिए. पार्क में जाकर हरे घास पर कुछ देर चलने से आपको बहुत फायदा होगा. साइंस के मुताबिक रोजाना हरे घास पर चलने से पैरों के तलवों में फ्रिकशन होता है और रक्त प्रवाह ठीक हो जाता है. शुगर जैसी बीमारियों में रक्त का सही संचार जरूरी है.

दिल की बीमारी

अगर आपको दिल की कोई बीमारी है तो नियमित रूप से हरे घास पर चलना आपके लिए अच्छा है. नंगे पांव घास पर चलने से खून पतला होता है और आपके दिल को उसे फिल्टर करने में आसानी होती है. इससे रक्त कोशिकाएं उस तक आसानी से पहुंचती है और दिल पर कम भार पड़ता है.

मजबूत हड्डियां

वृद्ध लोगों की हड्डियां अक्सर कमजोर हो जाती है, ऐसे में बैलेंस डाइट के साथ ही हरे घास पर सुबह-सुबह चलने से हड्डियों में कैल्शियम की मात्रा बढ़ती है और उनमें मजबूती आती है.

आंखों की रोशनी होती है तेज

हरे घास का संबध सीधे आपकी आंखों से है, इसलिए आंखों की रोशनी को ठीक रखने के लिए हर सुबह आपको कम से कम 10 मिनट हरे घास पर चलना चाहिए. विशेषज्ञ बताते हैं कि अगर अच्छे भोजन के साथ रोजाना 10 मिनट भी घास पर चला जाए तो धीरे-धीरे चश्मे की जरूरत समाप्त हो जाती है.

English Summary: 4 reasons why walking on grass is good for your health

Like this article?

Hey! I am सिप्पू कुमार. Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News