Medicinal Crops

कंपनियां करना चाहती हैं कटहल किसानों के साथ सौदा

'कटहल'- यह वह नाम है जिसे वो भी जानते हैं जो किसान हैं और वह भी जो किसान नहीं है . कटहल का प्रयोग हमारे-आपके घरों मे सब्जी, अचार और न जाने कितने कार्यों के लिए किया जाता है. आज हम इस लेख के माध्यम से कटहल और उसके किसान जीवन पर पड़ने वाले महत्वों के बारे में आपको बताएंगे. आइए जानते हैं कि कटहल किसानों के जीवन की समस्याओं का किस तरह से निदान कर सकता है.

सिर्फ सब्जी समझकर न करें खेती

किसान कटहल की खेती सिर्फ सब्जी समझकर न करे. आज कटहल का उपयोग सब्जी के लिए कम और अचार, औषधी और दूसरे कामों के लिए अधिक किया जा रहा है. आज ऐसी बहुत सी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कंपनियां है जो कटहल उगाने वाले किसानों से सीधे संपर्क कर उनसे कटहल ले रही हैं परंतु किसानों को यह ध्यान रखना होगा कि इन कंपनियों के मापदंडों पर खरा उतरना ज़रुरी है. यह कंपनियां उन्हीं किसानों से कटहल लेती हैं जिनकी 5 से 6 एकड़ कटहल की खेती हो और जो लंबे समय यानि कुछ सालों तक लगातार इन्हें कटहल उपलब्ध करा सकें.

खूब चल रहा है 'कटहल अचार' का बिज़नेस

अचार हमारे देश का एक ऐसा स्वाद व्यंजन है जो कभी खत्म नहीं होने वाला और इसी वजह से अचार का बिज़नेस और इसकी खेती आज मुनाफे का सौदा बन गई है. देश में आज नींबू, आम, मिर्च, गाजर, मूली और न जाने कितने ही प्रकार के अचार बनाए जा रहे हैं परंतु कटहल का अचार बहुत तेज़ी से पसंद किया जा रहा है. लोग कटहल के अचार को खाना बहुत पसंद कर रहे हैं और उसकी वजह है कि कटहल का अपना कोई स्वाद नहीं होता, इसलिए अचार बनाने वाला इसे अपने स्वाद दे सकता है. ऐसी बहुत सी कंपनियां हैं जो अचार बनाकर लाखों कमा रही हैं और अब तो उनका बिज़नेस विदेशों में भी चल पड़ा है. इसी कारण यह कंपनियां उत्तम वैरायटी के कटहल चाहती हैं और जो किसान इन्हें यह देता है उसके साथ यह अचार कंपनियां कॉन्ट्रैक्ट साइन कर लेती हैं.

आयुर्वेद कंपनियां तलाश रही है 'कटहल किसान'

बीते कुछ सालों में आयुर्वेद एक बार फिर सक्रिय हो गया है. लोग अब ऐलोपैथी और होम्योपैथी के बजाय आयुर्वेद का रुख कर रहे हैं. सिर के बाल से लेकर पैर के नाखून तक, हर भाग के लिए आर्युवेद के पास दवाईयां उपलब्ध हैं. कटहल को पेट के लिए उत्तम माना जाता है और यह दावा भी किया गया है कि कटहल पेट संबंधी रोगों को खत्म करने में सक्षम है. लोग कटहल का प्रयोग पेट साफ करने के लिए भी करते हैं. ऐसे में आयुर्वेद कंपनियों ने 'कटहल सिरप' और 'कटहल टैबलेट' निकाले हैं और रोगियों को इसके इस्तेमाल की सलाह भी दी है. लोगों का आज आयुर्वेद की तरफ रुझान इस वजह से भी बढ़ा है क्योंकि आर्युर्वेदिक दवाइयों के कोई साइड-इफेक्ट नहीं होते और यह रोग को जड़ से खत्म कर देती है. यह सभी कंपनियां आज औषधि के लिए बेहतरीन और उत्तम क्वालिटी के कटहल किसानों को ढ़ूंढ रही है.



Share your comments