कृषि विशेषज्ञों की सलाह से करें कार्य - सोवन चक्रवर्ती

भारत बहुत बड़ी आबादी वाला देश है, इस देश की 120 करोड़ से अधिक जनसंख्या का पेट भरना कोई आसान काम नहीं है। देश की जनसंख्या भोजन के लिए कृषि पर ही निर्भर करती है जबकि देश में कृषि की भूमि कम हो रही है। इस समय हमें आवश्यकता है अधिक खाने की। इस खाने की पूर्ति के लिए जरुरी है अधिक फसल उत्पादन। हालांकि भारत में कई फसलें ऐसी हैं जिनका उत्पादन बहुत कम होता है। यही कारण है कि देश में अन्य फसलों के उत्पादन की दरकार है। कृषि उत्पादन को बढ़ाने में बहुत-सी कृषि रसायन एवं उर्वरक कंपनियां अहम भूमिका निभा रही हैं जिनमें से डीसीएम श्रीराम लिमिटेड की इकाई श्रीराम फर्टिलाइजर एंड केमिकल एक मुख्य कंपनी है। यह कंपनी 1969 से कृषि के क्षेत्र में कार्य कर रही है। श्रीराम फर्टिलाइजर एंड केमिकल देश के कृषि विकास के लिए अहम भूमिका निभा रही है। हाल ही में कृषि जागरण ने कंपनी के बिजनेस हैड सोवन चक्रवर्ती से बात की। पेश है उनसे बातचीत के कुछ मुख्य अंश-

डीसीएम श्रीराम के बारे में विस्तार से बताएं ?

डीसीएम श्रीराम मुख्य रूप से उर्वरक, बीज और कृषि दवाओं के क्षेत्र में कार्य कर रही है। इसके अलावा कृषि के क्षेत्र यह कंपनी वर्ष 1969 से कार्य कर रही है। यही कारण है कि यह किसानों के बीच एक विश्वसनीय नाम बन चुकी है। हम उत्तर, पूर्व, मध्य और पश्चिम भारत में कार्य कर रहे हैं। श्रीराम किसानों को यूरिया, डीएपी, एमओपी और एसएसपी के अलावा आधुनिक कृषि आदानों जैसे आधुनिक विशेष उर्वरक, संकर बीज और कृषि दवाइयां उपलब्ध कराते हैं।

आपके अनुसार कृषि क्षेत्र की मुख्य समस्याएं क्या है?

जैसा कि आप जानते हंै भारत का कृषि क्षेत्र बहुत बड़ा है। देश का ज्यादातर भाग कृषि पर ही निर्भर करता है, कृषि के क्षेत्र में भी बहुत सारी चुनौतियां और परेशानियां हैं। यदि हम भारतीय कृषि की बात करें तो यहां अच्छे बीज, सही पोषकता वाले खाद, मार्किट टैक्स, फसलों के मूल्य की समस्या, कोल्ड स्टोरेज की कमी हैं। वहीं किसानों को सही जानकारी न मिल पाना स्वयं में एक बड़ी समस्या है। जो अनुसन्धान कृषि विश्वविद्यालयों में होता है वो वहीं तक सीमित रह जाता है। जैसा कि सभी जानते हैं कि देश में लगभग 70 प्रतिशत हिस्से पर बड़े किसान और 30 प्रतिशत हिस्से में छोटे किसान खेती करते हैं। इस 30 प्रतिशत में छोटे किसानों की संख्या अधिक है। छोटे किसानों को सही जानकारी न होने के कारण वे विकसित खेती नहीं कर पाते। यही कारण है कि उन्हें अच्छी आमदनी प्राप्त नहीं होती और वे शहरों की तरफ कूच करने के लिए मजबूर हो जाते हैं।

इस समस्या के समाधान के लिए आपके क्या सुझाव हैं?

ये सब बड़ी समस्याएं हैं। हालांकि सरकार ने इन समस्याओं से निपटने के लिए काफी कदम भी उठाए हैं और इसके लिए सरकार प्रयासरत है। सवाल यह उठता है कि सरकार द्वारा की जाने वाली कोशिशें किसानों तक कैसे पहुंचती हैं? इन समस्याओं से निपटने के लिए हमें आवश्यकता है अधिक कृषि उत्पादन और अत्याधुनिक कृषि तकनीक को ज्यादा से ज्यादा अपनाने की। इसके साथ अच्छे गुणवत्ता वाले बीजों और खाद की भी पूरी जानकारी होना बेहद जरूरी है जिससे कि हम अच्छे उत्पादन के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादन के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।

डीसीएम श्रीराम किसानों के हित के लिए क्या अहम कदम उठा रही है?

कृषि को बढ़ावा देने और किसानों के हित के लिए श्रीराम फर्टिलाइजर एंड केमिकल ने कई अहम कदम उठाए हैं। देशभर में हमारे लगभग 80 से ज्यादा सेंटर चल रहे हैं। इन सेंटर्स के जरिए हम किसानों को खेती की जमीन तैयार करने से लेकर, खाद व अच्छे गुणवत्ता वाले बीजों का प्रयोग और तकनीकी खेती के बारे में जागरूक कर रहे हैं ताकि किसान अच्छी फसल ले सकें। इसके अलावा हम एक एप के जरिए भी किसानों के साथ कार्य कर रहे हैं। इस एप के जरिए किसान कृषि से सम्बंधित जानकारी ले सकते हैं। हमारी टीम जमीनीस्तर पर कार्य कर रही है जिसमें किसानों को लगातार कृषि के विषय में जानकारी दी जाती है। आईसीटी के जरिए हम लाखों किसानों तक पहुँच रहे हैं और उन्हें लाभांवित कर रहे हैं।

कृषि रसायन और जैविक खाद पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है?

जैसा कि मैं पहले भी बता चुका हूँ कि भारत में कृषि का क्षेत्र बहुत बड़ा है और हमें अधिक फसल उत्पादन की जरुरत है। ऐसे में कृषि रसायन और जैविक खाद दोनों ही देश की जरुरते हैं। मेरा तो यही मानना है कि सिर्फ जैविक खाद से हम उत्पादन नहीं बढ़ा सकते हैं। दोनों ही कृषि की जरुरते हैं। इसके लिए सरकार ने भी काफी कार्य किए हैं। पिछले 20 सालों में कृषि का स्वरुप काफी बदला है।

डीसीएम श्रीराम का किसानों के साथ कैसा अनुभव रहा है?

डीसीएम श्रीराम का किसानों के साथ अभी तक अनुभव बहुत अच्छा रहा है। हमने हमेशा इसी उद्देश्य के साथ कार्य किया है कि अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिल सके। हम कोशिश करते हैं कि किसानों को ज्यादा से ज्यादा सीखने का मौका मिले ताकि वे आगे बढ़ सकें।

श्रीराम फर्टिलाइजर एंड केमिकल फार्म साॅल्यूशन के क्षेत्र में क्या कार्य कर रही है?

किसानों की जरुरत का ध्यान रखते हुए हमने अपनी इकाई का नया नाम श्रीराम फार्म साॅल्यूशन रखा है। आज हम किसानों को कृषि की आधुनिक जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं। अपने सेंटर और क्षेत्रीय सहायकों के जरिए किसानों को आधुनिक तरीके से हम नई तकनीक के विषय में पूरी जानकारी दे रहे हैं।

लिक्विड फर्टिलाइजर पर आप क्या कहना चाहेंगे?

लिक्विड फर्टिलाइजर घुलनशील उर्वरक हैं जो विश्व के लगभग अधिकतर हिस्सों में पहुँच रहा है। यदि देखा जाए तो यह भविष्य में कृषि के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा। भारत में भी इस पर शोध चल रहा है। हम भी अधिक प्रभावशाली उर्वरक के लिए लगातार शोध कर रहे हैं।

किसानों को आप क्या कहना चाहेंगे?

किसानों को बस इतना कहना चाहूंगा कि किसान आधुनिक तरीकों से खेती करें। यदि किसान आधुनिक तरीकों से खेती करेंगे तो उनको ज्यादा फायदा मिलेगा। मैं कहना चाहूंगा कि किसान जितना कृषि विशेषज्ञों के साथ संपर्क में रहेंगे उनको उतनी अधिक कृषि संबंधी जानकारियां मिलेगी। किसान हमेशा सही और गुणवत्ता वाले उत्पादों का ही इस्तेमाल करें।  

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