किसानों के साथ आरबीएल बैंक - मनोज रावत

आरबीएल बैंक भारत की सबसे तेजी से बढ़ रही वाणिज्यिक बैंकों में से एक है। आरबीएल बैंक किसानों के हित के लिए हमेशा से सोचता है। बैंक किसानों को क्रेडिट कार्ड के साथ-साथ उनकी जरूरत के हिसाब से लोन भी देता है। बैंक की 14 राज्यों में 200 शाखाएं हैं और 2 शाखाएं संघीय क्षेत्रों में हंै। आरबीएल बैंक किसानों को नई तकनीकी से जोड़कर रखता है। वर्तमान में बैंक लगभग 15 लाख ग्राहकों की सेवा में तत्पर है।

कृषि जागरण टीम ने बैंक के   मनोज रावत से बातचीत करके बैंक द्वारा किसानो के लिए सुविधाएँ और स्कीम के बारे में जानने की कोशिश की-

बैंक की पालिसी और प्रोडक्ट के बारें में बताइए, जो आप किसानो को उपलब्ध करातें है ?

आरबीएल बैंक की पालिसी किसानों के लिए स्पष्ट है द्य बैंक किसानो की जरुरत के हिसाब से हर प्रोडक्ट उनको देना चाहता है द्य बैंक ने बिजाई से लेकर कटाई के बाद तक हर प्रकार की सुविधा उनको प्रदान करने के लिए 80 प्रोडक्ट बनाये है, जिसमें ट्रैक्टर लोन, पोल्ट्री लोन, फसल लोन, किसान क्रेडिट कार्ड इत्यादि प्रमुख है द्य बैंक के पास वे सभी प्रोडक्ट है जो खेती के लिए जरूरी होते है |

बैंक की किन-किन राज्यों में शाखाएं है ?

आरबीएल बैंक की वर्तमान समय में 14 राज्यों में और 2 संघीय राज्यों में शाखाएं है द्य बैंक कोशिश कर रहा है कि वह पूरे देश के हर राज्य में अपनी शाखाएं खोल सकें |

ट्रैक्टर लोन के लिए बैंक की क्या पालिसी है ?

टैक्टर लोन के लिए ग्राहक या तो डीलर के पास जाता है या बैंक को सीधे तौर पर संपर्क करता है द्य बैंक किसानो के लिए उत्पाद बनाने वाली कम्पनियों के संपर्क रखता है जिससे उन्हें आसानी से लोन मिल सके द्य यदि ग्राहक सीधे बैंक शाखा में संपर्क करता है तो उन्हें सहायता के लिए हमारे बैंक अधिकारी पूर्ण रूप से लोन लेने में उनका सहयोग करते है.

बैंक की ब्याज दर क्या है ?

ये ग्राहक की जरूरत पर निर्भर करता है कि उसे कितना लोन चाहिए द्य हालांकि बैंक की ब्याजदर अन्य बैंकों की तुलना में काफी कम्पटीटिव है.

बैंक किस किस कम्पनी के साथ डील करता है ?

बैंक ने किसानों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए कई कम्पनियों के साथ डील करता है जैसे खाद्य प्रसंस्करण, कृषि प्रसंस्करण, मुर्गी पालन, सुगर मिल्स, बीज कम्पनिया, ड्रिप इरीगेशन कम्पनीज के साथ डील करता है.

क्या बैंक कृषि उपकरणों पर लोन देता है ?

जी हाँ, आरबीएल बैंक किसानों के जरूरतों के अनुरूप सभी कृषि उपकरणों पर लोन उपलब्ध कराता है.

क्या बैंक फसल कटाई के बाद भी लोन देता है ?

हाँ, बैंक फसल कटाई के बाद भी लोन प्रदान करता है द्य गोदाम, गहाई, ग्रेडिंग मशीन, स्टोरेज आदि के लिए लोन देता है द्य गोदाम में माल रखने पर जब फसल का सही मूल्य मिले तब वह उसे बेच दे जिससे उसका मुनाफा हो .

बैंक किसानों को भूमि समतल (लैंड लेवलिंग) करने वाली मशीनों पर क्या मदद करती है ?

जी हाँ, जो जमीने समतल नहीं है उनके लिए आरबीएल बैंक लैंड लेवलिंग मशीनों पर भी किसानों को ऋण उपलब्ध कराता है -

क्या किसान एक साथ दो लोन ले सकता है ?

हर समय किसान को कई तरह के लोन की जरूरत पड़ती है जैसे फसल लोन, ट्रैक्टर लोन, मशीनरी लोन या पोस्ट हार्वेस्ट लोन द्य इसलिए बैंक एक साथ दो लोन देता है लेकिन यह लोन किसान की ऋण चुकाने की क्षमता पर निर्भर करता है.

क्या बैंक एनएचबी स्कीम से जुड़ा हुआ है ?

हाँ, बैंक एनएचबी स्कीम से भी जुड़ा हुआ है, एवं किसानों तक इसका लाभ भी पहुँच रहा है .

ट्रैक्टर लोन पर सभी बैंकर्स जमीन के सारे पेपर रख लेते है क्या ऐसा नहीं  हो सकता कि जितनी ट्रैक्टर की कीमत है उसी हिसाब से जमीन के पेपर बंधक रखने चाहिए ?

जी ये मुमकिन है और हम कर भी रहे हैं द्य अगर आप देखें तो किसानों के जो खेत है वो कई जगह पर छिटके होते है, तो उनकी खेत की जो सही कीमत होती है हम उतना ही खेत बंधक करके ऋण देते है.

अगर हम कार खरीदने जाते है तो ब्याज दर 7ः होता है लेकिन अगर ट्रैक्टर लेने जाते है तो ब्याज दर 12ः क्यों है ?

ग्रामीण क्षेत्रों में क्रेडिट की डिलीवरी की लागत अधिक होती है द्य ग्रामीण क्षेत्रों में आपको डीलर को कुछ लाभ देना होता है कृषक से बात करना होता है आदि द्य लेकिन शहर में क्रेडिट की डिलीवरी की कीमत कम होती है क्योंकि यहाँ आपके पास विकल्प बहुत है.

हम कोशिश कर रहें है कि किसान को किसी तरह फायदा मिल सके.

कोई सन्देश जो आप हमारे जरिये किसानो को देना चाहें ?

भारत आज भी एक कृषि प्रधान देश है और उन्नत कृषि के माध्यम से खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है द्य किसान भाई लीक से हटकर नवीनतम प्रयोंगों को अपनाएं द्य बैंक ऋण के माध्यम से किसानों के साथ है द्य बदलते वक्त के साथ किसान बहियों को भी जो नयी तकनीकि बाजार में आ रहीं है उनका ज्यादा से ज्यादा उपयोग करना चाहिए जिससे उन्हें आर्थिक रूप से फायदा मिल सकें द्य हम आज भी विश्व में बड़ी जनसँख्या वाले देशों में से एक है और कृषि के माध्यम से ही इस देश को खाद्य सुरक्षा मिल सकती है|.

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