बचत के लिए अच्छी कंपनी के उत्पाद ख़रीदे किसान - परेश पटेल

किसान इस संसार का अन्नदाता है. इसमें कोई शक नहीं. क्योंकि किसान ही खेत में मेहनत करता है तब जाकर खेत से वो फसल निकलकर शहरो तक पहुँचती है जिससे जनता का पेट भरता है. एक किसान को खेत में फसल उगाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है. वो खेतों में खाद डालता है, खुदाई करता है, खेतों में सिंचाई करता है. खेत में फसल को सींचना एक बहुत ही अहम कार्य है. जैसे कोई एक इंसान बिना पानी के नहीं रह सकता है वैसे पौधे भी बिना पानी के जिन्दा नहीं रह सकते हैं. खेत को सींचने के लिए पहले किसान नदी, नालो और तालाबो का इस्तेमाल करते थे . लेकिन अब ज़माना बदल चुका है और किसानों ने भी नए तरीकों को अपनाना शुरू कर दिया है. इसलिए ट्यूबवेल अधिक प्रचलन में है.  ट्यूबवेल के इस्तेमाल से खेत में सिंचाई का काम काफी आसान हो चुका है. किसान को कही भी जाने की जरुरत नहीं पड़ती है वो सीधा अपने खेत में पंप ले  जाकर रखता है ट्यूबवेल को शुरू कर देता है यह सिंचाई का आधुनिक तरीका बन चुका है. ट्यूबवेल में जो पाइप इस्तेमाल होता है वह गुणवत्ता वाला होना आवश्यक है जो लम्बे समय तक चल सके क्योंकि ट्यूबवेल जिस पाइप को इस्तेमाल किया जाता है वो एक बार में ही फिक्स किया जाता है. इसलिए उस पाइप का बेहतर गुणवत्ता में होना आवश्यक है. किसानो को ऐसी ही गुणवत्ता वाले पाइप्स उपलब्ध करा रही कंपनी मिलन पाइप्स के डायरेक्टर से कृषि जागरण ने बात की आईये जानते है मिलन पाइप्स की गतिविधियों के विषय में कंपनी डायरेक्टर परेश पटेल द्वारा.

परेश पटेल ......जैसा की आप जानते है कृषि के क्षेत्र में आधुनिकीरण हो रहा है. इसलिए कृषि से जुड़े हर एक क्षेत्र में आधुनिकीरण की आवश्यकता है इसलिए सिंचाई भी खेती का एक महतवपूर्ण भाग है. इसलिए हमने इस क्षेत्र में काम करने का सोचा. आपको बता दू हर एक काम की शुरुआत के पीछे कोई न कोई कारण होता है. इसलिए मिलन पाइप्स की शुरुआत के पीछे भी कारण यह रहा की इससे पहले हम पीवीसी पाइप्स के एक बड़े सप्लायर के रूप में काम करते थे. जो दूसरी कंपनियों से हमें माल आता था उसमें काफी समय लगता था जिससे कि हम समय पर किसानों और अपने ग्राहकों को पाइप्स की डिलीवरी देने में दिक्कत होती थी. क्योंकि किसान जब ट्यूबवेल का काम शुरू करवा देते हैं तो फिर काम रुकता नहीं है. इसलिए अपने ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए हमने अपनी खुद की पाइप मेन्युफैक्चरिंग की शुरुआत करने की सोची. यही से मिलन पाइप्स की शुरुआत हुई.मिलना पाइप्स को शुरू करने के पीछे उद्देश्य है किसानों को समय पर अच्छे और  गुणवत्ता वाले पाइप्स उपलब्ध कराना.

आपको बताना चाहूँगा शुरुआत से ही किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले पाइप्स उपलब्ध कराना हमारा उद्देश्य रहा है. हमारे ग्राहक हमारे लिए भगवान स्वरुप है. इसलिए हम अपने ग्राहकों के भरोसे का पूरा ख्याल रखते हैं. पाइप्स की गुणवत्ता के विषय में आपको बताना चाहूँगा मिलन पाइप्स आईएसआई(इंडियन स्टैण्डर्ड इंस्टिट्यूट) मार्क द्वारा प्रमाणित है. इसलिए गुणवत्ता के मामले में कोई कमी नहा ही है. हम अपने उत्पादों की गुणवत्ता को पूरी तरह से परखकर तब मार्केट लेकर आते हैं. इससे हमारे ग्राहकों का विश्वास और बनता है. किसान हमेशा क्वालिटी प्रोडक्ट चाहता है जो उत्पाद लम्बे समय तक  चल सकते हैं. ऐसे उत्पादों की किसान ज्यादा खरीदता है. हमारे सभी उत्पाद किसानों की जरुरत के अनुरूप है. हम मुख्य रूप से केसिंग पाइप्स, कॉलम पाइप्स और यूपीवीसी पाइप्स बनाते हैं ये पाइप्स ४ से १२ इंच में उपलब्ध है. मिलन पाइप्स लम्बे समय तक चलने वाला पाइप है. जहाँ तक मार्किट का सवाल है तो फिलहाल हम मिलन ब्रांड नाम से डोमेस्टिक और इंटरनेशनल दोनों ही मार्किट में काम कर रहे हैं. अंतर्राष्ट्रीय बाजार में फिलहाल हम साउथ अफ्रीका, दुबई, लीबिया तथा और भी कई अन्य देशों में सप्लाई कर रहे हैं . जबकि क्षेत्रीय मार्किट में भी हम तेजी से काम कर रहे हैं. फिलहाल हम गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान में बड़े पैमाने पर काम कर रहे हैं. इसके अलावा हम हरियाणा में भी अपना नेटवर्क शुरू कर चुके हैं. जिससे किसानों को फायदा मिल रहा है. किसानों के लिए मै कहना चाहूँगा कि जिस उत्पाद किसान इस्तेमाल करने उसको सही से इस्तेमाल करे और एप्लीकेशन के हिसाब से इस्तेमाल में लाए. यदि किसान सही समय पर सही उत्पाद का इस्तेमाल करेंगे तो कोई भी समस्याए किसानों के आड़े नही आएगी. हमारी दो पाइप मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है जिसमें एक राजकोट और दूसरी पाटन में है. मिलन ब्रांड हमने पिछले साल ही लांच किया है. इतने कम समय में इस पाइप ब्रांड ने अपनी एक अलग पहचान बना ली है .इसके अलावा हमारी अपनी लैब है जिसमें तकनीशियन काम करते है और पाइप्स की अधिक गुणवत्तायुक्त बनाने का काम करते हैं. किसानों से मेरा अनुरोध है जो भी उत्पाद वो ख़रीदे अच्छी कंपनी से ही खरीदें. ताकि किसानों को पूरा फायदा मिल सके.

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