अक्सर किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या आती है कि सर्दी के मौसम में शुरुआती दिनों में कुछ कीट होते हैं जैसे माहू या चेपा का असर फसलों को खराब कर देता है और यहीं कारण होता है कि किसानों का काफी अधिक खर्च कीटनाशकों पर हो जाता है, जिससे उनकी खेती की लागत बढ़ जाती है और मुनाफे की संभावनाएं कम हो जाती है. अब इस परेशानी का हल मिल चुका सोलर लाइट ट्रैप जिसकी मदद से करीब 60 से 70 फीसदी कीट ट्रैप में फंस कर मर जाते हैं, जिससे कीटनाशकों का उपयोग कम होता है.
ट्रैप की लाइट क्यों है खास उपकरण?
अगर किसान भाई सोलर लाइट ट्रैप उपकरण को अपने खेतों में लगाते हैं, तो वह अपने फसल नुकसान को बचा सकते हैं. साथ ही इस कृषि उपकरण यंत्र की खास बात यह है कि इसको अलग से बिजली कनेक्शन की कोई जरुरत नहीं होगी. इसमें लगी सोलर प्लेट दिनभर सूर्य की रोशनी से बैटरी को चार्ज करती है. शाम होने के बाद लाइट अपने आप जलने लगती है. यानी की इस उपकरण से बिजली खर्च भी नहीं होगा और कीट सुरक्षा भी होगी.
सोलर लाइट ट्रैप कैसे कीटों का खात्मा करती है?
अगर आप इस सोलर लाइट ट्रैप को अपने खेतों में लगाते हैं, तो यह रात के समय कई प्रकार के उड़ने वाले कीट रोशनी की ओर आकर्षित होते हैं. ये कीट लाइट के आसपास पहुंचते हैं और नीचे लगी ट्रे में गिर जाते हैं. ट्रे में पानी या विभाग द्वारा बताए गए तरीके के अनुसार पानी का मिश्रण रखा जा सकता है, जिससे कीट उसमें फंस जाते हैं. इस तरह यह उपकरण रात के समय सक्रिय रहने वाले उड़ने वाले कीटों को पकड़ने में मदद करता है.
एक एकड़ में कितने ट्रैप लगाएं जा सकते हैं?
किसान अगर कीटों के खतरे से अधिक परेशान है तो वह अपनेव खेतों में करीब 3 से 4 सोलर लाइट ट्रैप लगा सकते हैं. साथ ही किसानव भाई इस यंत्र को खेतों में उचित स्थान पर लगाएं, ताकि रात में सक्रिय उड़ने वाले कीटों को आकर्षित कर पकड़ने में मदद मिल सकें और कीट फसल को नुकसान नहीं पहुंचा सकें.
204 रुपये के कृषक अंश पर मिल रहा सोलर ट्रैप
किसानों के लिए इस योजना की खास बात यह है कि पंजीकृत किसानों को सोलर लाइट ट्रैप 204 रुपये के कृषक अंश पर उपलब्ध कराया जा रहा है. यानी किसान को उपकरण के लिए निर्धारित कृषक अंश के तौर पर 204 रुपये देने होंगे. इस अंश को जमा करने के लिए किसान भाई अपने ब्लॉक की कृषि रक्षा इकाई से संपर्क कर सकते हैं.
पंजीकरण नहीं है तो कैसे करें रजिस्ट्रेशन?
जिन किसानों का कृषि विभाग में अभी तक पंजीकरण नहीं हुआ है, वे पहले अपना पंजीकरण करा सकते हैं. इसके लिए किसान अपने नजदीकी लोकवाणी केंद्र या जन सेवा केंद्र (CSC) पर संपर्क कर सकते हैं. साथ ही किसान पंजीकरण कराने से पहले इन दस्तावेजों को तैयार कर लें, जिनमें खतौनी, आधार कार्ड और बैंक पासबुक शामिल है.
लेखक: रवीना सिंह
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