आपके फसलों की समस्याओं का समाधान करे

कृषि यंत्रो पर मिलने वाली सब्सिडी पर किया गया ये बड़ा बदलाव

Agriculture equipments

सरकार ने अब किसानों की  समस्यायों को देखते हुए एक निर्णय लिया है जिससे किसानों को काफी हद तक राहत मिलेगी. जरूरतमंद किसानों को अनुदान प्राप्त करवाने के लिए और फर्जी आवेदनों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने एक योजना बनाई है. अगर अब कोई किसान अनुदान के लिए आवेदन करता है तो उसे पहले  जमानत राशि देनी होगी. तभी वे इस योजना का लाभ उठा सकेगा. ये राशि कृषि यंत्रों के मूल्य के आधार पर निर्भर की जाएगी.

पहले  कोई भी किसान कृषि यंत्रों के लिए आवेदन कर देता था, लेकिन अब  कृषि यंत्र प्राप्त करने वाले किसान को आवेदन के साथ कृषि यंत्र के मूल्य  के आधार पर कुछ जमानत राशि विभाग द्वारा मुहैया करवाए गए खाते में जमा करवानी  होगी. इस  प्रक्रिया को सरकार जल्द ही  लागू करेगी. इस बदलाव से उन किसानों को काफी हद तक लाभ होगा, जिन्हें मुख्य रूप से कृषि यंत्रों की जरूरत है.

Farmer

ऐसे मिलेगी जमानत राशि वापस

इस निर्णय से किसानों को ये फायदा  होगा कि  जो राशि आवेदन करते समय जमा करवाई जाएगी वो  उन्हें राशि अनुदान मिलने के बाद उनके बैंक खाते के माध्यम से वापिस मिल जाएगी. इस योजना से ज्यादा से ज्यादा किसानों को कृषि विभाग द्वारा लाभ प्राप्त हो सकेगा.

इतनी देनी होगी जमानत राशि

इसके लिए किसानों को  अगर 10  हजार तक के कृषि यंत्र के लिए अनुदान चाहिए तो उनको  250 रुपए की  जमानत राशि आवेदन करते समय जमा करवानी होगी. जबकि 10 हजार से एक लाख रुपए तक के अनुदान  पर  2,500 रुपए और एक से 1- 3  लाख रुपए के अनुदान पर  5 हजार रुपए तक जमानत राशि जमा करवानी पड़ेगी.

इस योजना का मुख्य मकसद यही है कि ज्यादातर किसान आवेदन तो कर देते है जब उनका चुनाव हो जाता है तो वे कृषि यंत्र लेने नहीं आते. इस समस्या को देखते हुए सरकार ने ये निर्णय लिया ताकि जरूरतमंद किसानों तक इस योजना का लाभ पहुँच सके.

English Summary: now farmers will have to deposit the money for grant of Agri equipments

Like this article?

Hey! I am मनीशा शर्मा. Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News