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Soil Health Card: मृदा स्वास्थ्य कार्ड की मदद से पाएं अच्छा उत्पादन, ऐसे करें आवेदन

Soil Health Card Benefits: अपने खेत की मिट्टी से अच्छा उत्पादन प्राप्त करने के लिए किसानों के लिए सॉइल हेल्थ कार्ड बेहद लाभकारी है. इस कार्ड की मदद से किसान मिट्टी की गुणवत्ता के आधार पर फसल लगा सकते हैं. सरकार ने इस योजना की शुरुआत 19 फरवरी, 2015 में की थी. यहां जानें कि कैसे बनवाएं अपना सॉइल हेल्थ कार्ड-

लोकेश निरवाल
लोकेश निरवाल
खेत की मिट्टी की जांच  (Image Source: Pixabay)
खेत की मिट्टी की जांच (Image Source: Pixabay)

देश के किसानों को आर्थिक रूप से मदद करने के लिए भारत सरकार के द्वारा कई तरह की स्कीम चलाई जाती हैं. इन्हीं योजनाओं में से एक सॉइल हेल्थ कार्ड भी है, जो कमजोर व गरीब किसानों के लिए काफी लाभकारी है. सरकार की इस योजना के तहत किसानों की मिट्टी की जांच की जाती हैं और फिर उसी के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर किसानों को दी जाती है, जिससे किसान अपने खेत की मिट्टी की गुणवत्ता के आधार पर फसल लगाकर अधिक लाभ प्राप्त कर सकें. बता दें कि केंद्र सरकार ने इस योजना की शुरुआत 19 फरवरी 2015 में की थी, जिसमें अब तक देशभर के हजारों-लाखों किसान जुड़कर लाभ प्राप्त कर रहे हैं. सरकार के द्वारा इस योजना को शुरू करने के पीछे की थीम 'स्वस्थ धरा खेत हरा' रहे है.

सॉइल हेल्थ कार्ड जिसे हम मृदा स्वास्थ्य कार्ड भी कहते हैं. इसमें मिट्टी से जुड़ी हर एक जानकारी लिखी गई होती है. तो आइए जानते हैं कि किसान कैसे इस कार्ड को बनवा सकते हैं-

सॉइल हेल्थ कार्ड कैसे करता है काम

सरकार की इस योजना के तहत कृषि अधिकारी खेत की मिट्टी का सैंपल लेते हैं और फिर उसे परीक्षण के लिए लेबोरेटरी में भेज दिया जाता है. जहां पर वैज्ञानिकों के द्वारा मिट्टी के सैंपल की जांच की जाती है. कुछ दिनों के बाद मिट्टी की रिपोर्ट तैयार होकर ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाता है, ताकि किसान बिना किसी परेशानी के खेत की मिट्टी की रिपोर्ट को देख सकें.

इसके अलावा, कुछ दिनों के इंतजार के बाद अधिकारियों के द्वारा मिट्टी की रिपोर्ट को प्रिंट करके किसानों के घर भी भेज दिया जाता है, ताकि जो किसान ऑनलाइन रिपोर्ट नहीं देख सकते हैं, वह ऑफलाइन रिपोर्ट प्राप्त कर सकें.

सॉइल हेल्थ कार्ड के लाभ/ Benefits of Soil Health Card

सरकार की इस योजना के माध्यम से किसान को यह पता चलेगा कि उसे किस जमीन में खेती करने से लाभ प्राप्त होगा. 

इस कार्ड में यह भी पता चलेगा कि खेत की मिट्टी में कौन सी खाद डालना सही है.

मिट्टी में पोषक तत्व की उपलब्धता, कमी, संतुलित मात्रा की सही और सटीक जानकारी उपलब्ध होगी.

इससे खेत में उर्वरक, समय, मशीन और मजदूरों पर होने वाले व्यय में भी कमी की जा सकती है.

सॉइल हेल्थ कार्ड ऐसे बनवाएं/ Soil Health Card

अगर आप भी अपना सॉइल हेल्थ कार्ड बनवाना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको सबसे पहले विभाग की आधिकारिक वेबसाइट  पर जाना होगा.

जहां आपको साइट के होम पेज पर अपना राज्य का चयन करना होगा. जहां आपको साइट के होम पेज पर अपना राज्य का चयन करना होगा. जहां पर आपको ample No,Farmer/ S.NO, Language,unit को दर्ज करना होगा.

इसके बाद Office Wise check पर क्लिक करने के बाद आपको state,district,office name,cycle दर्ज करना होगा. इसके बाद आप स्क्रीन पर अपना सॉइल हेल्थ कार्ड देख सकते हैं.

वहीं अगर आप पहली बार इस कार्ड के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो इसके लिए आपको रजिस्टर न्यू यूजर पर जाना होगा.

इसमें आपको पूछी गई सभी जानकारियों को सही से दर्ज करना होगा.

इस तरह से आप सरलता से घर बैठे सॉइल हेल्थ कार्ड बनवा सकते है.

ये भी पढ़ें: मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना से लाभ और फायदा उठाने का तरीका

वहीं, अगर आपको सॉइल हेल्थ कार्ड से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी घर बैठे प्राप्त करना चाहते हैं, तो इसके लिए आप सरकार के द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर- 011-24305591 और 011-24305948 पर भी संपर्क कर सकते हैं या फिर आप helpdesk-soil@gov.in पर ईमेल भी कर सकते हैं.

English Summary: how to make soil health card benefits of soil test government's soil health card scheme Published on: 24 October 2023, 05:36 IST

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