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गोशालाओं और डेयरियों में बायोगैस प्लांट लगाने पर मिल रही 40% सब्सिडी, जानिए कैसे करना है आवेदन

कंचन मौर्य
कंचन मौर्य
Biogas Plants

Biogas Plants

वर्तमान समय में ऊर्जा की खपत बढ़ती जा रही है, साथ ही प्रदूषण की समस्या भी दिन प्रति दिन बढ़ रही है. ऐसे में अब सरकार कुछ खास विकल्पों पर ध्यान दे रही है. इस समस्या का एक समाधान बॉयोगैस प्लांट भी हो सकता है. यह एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है, क्योंकि बायो गैस प्रदूषण मुक्त, गंध व धुंआ रहित है.

इसके लिए कच्चा माल आसानी से उपलब्ध हो जाता है. बस जरूरत यह है कि सभी लोगों को इसके प्रति प्रोत्साहित किया जा सके. इसी कड़ी में एक पहल की जा रही है. दरअसल, हरियाणा सरकार द्वारा बायोगैस को बढ़ावा दिया जा रहा है. इसके लिए सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है. आइए आपको इस संबंध में और अधिक जानकारी देते हैं.

क्या है बायोगैस प्लांट?

यह एक ऐसा स्रोत है, जिसका उपयोग बार-बार किया जा सकता है. अगर आसान भाषा में कहा जाए, तो बायोगैस सौर उर्जा और पवन उर्जा की तरह ही नवीकरणीय उर्जा का अहम स्रोत है. यह गैस का वह मिश्रण है, जो ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में जैविक सामग्री के विघटन से उत्पन्न होती है. इसका मुख्य घटक मिथेन गैस है, जो कि ज्वलनशील होता है. इसे जलाने पर ताप और ऊर्जा मिलती है.

बायोगैस प्लांट लगाने से लाभ

  • यह गैस पर्यावरण के लिए काफी अनुकूल है.

  • ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बहुत उपयोगी है.

  • यह पर्यावरण को स्वच्छ रखने में मदद करती है.

  • इससे खाना पकाने में लगने वाली लकड़ी के उपयोग को कम किया जा सकता है.

  • पेड़ों को भी बचाया जा सकता है.

बायोगैस प्लांट लगाने के लिए सब्सिडी

हरियाणा बायोगैस बनाने के लिए उपयुक्त राज्य है, क्योंकि इस राज्य के पास पर्याप्त संसाधन हैं. इससे गैस के साथ ही जैविक खाद भी प्राप्त की जा सकती है. ऐसे में हरियाणा सरकार बायोगैस प्लांट लगाने का सुनहरा मौका दे रही है. अच्छी बात यह है कि इस राज्य में 40 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है.

कौन उठा सकता है लाभ

इसका लाभ राज्य के गौशाला व डेयरी का संचालक उठा सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले आपको आवेदन करना होगा. इसका लाभ “पहले आव –पहले पाव” के आधार पर दिया जाएगा. 

जानकारी के लिए बता दें कि हरियाणा में लगभग 7.6 लाख पशु हैं. इनसे लगभग 3.8 लाख क्यूबिक मीटर बायोगैस का उत्पादन किया जा सकता है. इस 3.8 लाख क्यूबिक मीटर बायोगैस से 300 मेगावाट बिजली पैदा की जा सकती है. 100 पशुओं से लगभग 10 क्विंटल गोबर प्राप्त होता है, जिससे लगभग 50 क्यूबिक मीटर गैस प्राप्त हो सकती है.

बॉयोगैस प्लांट पर मिलने वाली सब्सिडी को लेकर संबंधित विभाग से बातचीत कर जानकारी मिली है कि राज्य के गौशाला व डेयरी संचालक सब्सिडी लेने के लिए हरेडा कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं. यहां उन्हें एक फॉर्म दिया जाएगा, जिसे भरकर कार्यालय में जमा करना होगा. उन्होंने बताया गया कि इस योजना के तहत 25 क्यूबिक मीटर, 35 क्यूबिक मीटर, 45 क्यूबिक मीटर, 60 क्यूबिक मीटर व 85 क्यूसिक मीटर क्षमता तक के संस्थागत बायोगैस प्लांट स्थापित किए जाते हैं. इन पर सरकार द्वारा 40 प्रतिशत की सब्सिडी उपलब्ध कराई जाती है. उन्होंने यह भी बताया कि सरकार द्वारा सब्सिडी की राशि बाय़ोगैस प्लांट लगने के बाद प्रदान की जाएगी.

संपर्क सूत्र

सब्सिडी पर बॉयोगैस प्लांट लगवाने के लिए आप हरियाणा के न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (New & Renewable Energy Department) से संपर्क कर सकते हैं. इसकी अधिक जानकारी के लिए आप https://hareda.gov.in/ पर विजिट कर सकते हैं.

English Summary: haryana government is giving 40% subsidy on setting up biogas plants

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