जानें ! कैसे आप गाय-भैंस पालन के लिए नाबार्ड से ले सकते हैं 33 % सब्सिडी

देश में दुधारू पशुओं से रोजगार की लगातार बढ़ती संभावनाओं के बीच केंद्र सरकार ने डेयरी उद्यमिता विकास योजना (DEDS) शुरू की है. भारत में डेयरी बिजनेस की बढ़ती संभावना को देखते हुए केंद्र सरकार ने साल 2018-19 में डेयरी उद्यमिता विकास योजना (DEDS) के लिए 323 करोड़ रुपये का बजट रखा है. इस रकम से सरकार डेयरी खोलने वाले लोगों को 25-33 फीसदी सब्सिडी देती है. ऐसे में अगर आप भी मिल्क डेयरी खोलकर अपनी सुविधा के हिसाब से काम करना और पैसे कमाना चाहते हैं तो DEDS आप जैसे लोगों के लिए ही है.

कितनी सब्सिडी मिलेगी

अगर आप 10 दुधारू पशुओं की डेयरी खोलते हैं तो आपके प्रोजेक्टक की लागत करीब 7 लाख रुपये तक आती है. जिसमें केंद्र सरकार के कृषि मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही DEDS योजना में आपको लगभग 1.75 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी. बता दे कि एक पशु के लिए केंद्र सरकार 17,750 रुपये की सब्सिडी देती है. अनुसूचित जाति/जनजाति के लोगों के लिए यह सब्सिडी 23,300 रुपये प्रति पशु हो जाती है. यह सब्सिडी अधिकतम 10 दुधारू पशुओं के लिए ही दी जाती है हालांकि अगर आप अनुसूचित जाति/जनजाति की कैटेगरी में आते हैं तो आपको 33 फीसदी सब्सिडी मिल सकती है.कृषि मंत्रालय द्वारा जारी सर्कुलर के मुताबिक, अगर आप एक छोटी डेयरी खोलना चाहते हैं तो उसमें आपको क्रॉसब्रीड गाय (औसत से अधिक दूध देने वाली) जैसे साहीवाल, रेड सिंधी, गिर, राठी या भैंस रखनी होंगी.

DEDS योजना में और क्या है शामिल?

राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की तरफ से डेयरी उद्यमिता विकास योजना (DEDS) के तहत पशु खरीदने, बछड़ा पालन, वर्मी कंपोस्ट, डेयरी पार्लर, दुग्ध शीतलन व अन्य कार्यों के लिए लघु व सीमांत किसानों सहित समूहों को प्राथमिकता दी जाती है. डेयरी उद्यमिता विकास योजना (DEDS ) के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप https://bit.ly/2PBS0Gn पर क्लिक कर सकते हैं.

English Summary: cows and buffaloes rearing:You can also get 33% subsidy from NABARD for rearing cows and buffaloes

Like this article?

Hey! I am विवेक कुमार राय. Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News