1. सरकारी योजनाएं

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का मौलिक स्वरूप और इसके लाभ

हेमन्त वर्मा
हेमन्त वर्मा

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का लक्ष्य सिंचित क्षेत्र का दायरा बढ़ाकर हर खेत को पानी पहुंचाना और जल के इस्तेमाल की कुशलता में वृद्धि करते हुए प्रति बूंद ज्यादा फसल हासिल करना है. इस लक्ष्य को स्त्रोत निर्माण, वितरण, प्रबंधन, कार्यान्वयन और विस्तार गतिविधियों पर समग्रता के साथ किया जा रहा है.

कार्यान्‍वयन रणनीति और लक्ष्‍य (Implementation Strategy and Goals):

इस योजना को कृषि, जल संसाधन और ग्रामीण विकास मंत्रालय मिलकर लागू कर रहे है. ग्रामीण विकास मंत्रालय को मुख्यतः वर्षा जल संरक्षण तथा खेतों मे पोखर, वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं, छोटे रोक बांधों और परिलेख बांधों के निर्माण से संबंधित काम करना है तथा जल संसाधन व नदी विकास मंत्रालय को पानी के वितरण की प्रणालियों के विकास सुनिश्चित करने के लिए सिंचाई स्त्रोतों, नहरों, फील्ड चैनलों तथा लिफ्ट सिचाई से संबंधित विभिन्न पहलुओं को आगे बढ़ाना है. जबकि कृषि मंत्रालय को ड्रिप, स्प्रिंकलर, रेन गन, नमी संरक्षण जैसे अधिक कुशल वैज्ञानिक उपकरणों को बढ़ावा देना है. पीएमकेएसवाई में राज्य स्तरीय योजना निर्माण और परियोजना आधारित कार्यान्वयन के विकेंद्रित ढांचे को अपनाया गया है. इससे राज्यों को जिला सिचाई योजना (डीआईपी) और राज्य सिंचाई योजना (एसआईपी) पर आधारित खुद की सिंचाई विकास योजनाएं बनाने की आजादी मिलेगी.

लंबे समय से अधूरी पड़ी सिंचाई परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा. जहां कहीं संभव हो, वहां नदियों को जोड़ने पर काम किया जाएगा ताकि जल संसाधनों का सर्वोत्कृष्ट उपयोग सुनिश्चित करने के अलावा बाढ़ और सूखे की पुनरावृत्ति को रोका जा सके. जल संरक्षण और भूजल रिजार्ज के लिए “जलसंचय” और जल सिंचन” के जरिए वर्षा के पानी का इस्तेमाल किया जाएगा. अगर इस योजना के जरिए सिचाई सुविधाओं को हर किसान तक पहुंचा दिया जाएगा तो बड़े पैमाने पर जमीन से दो फसलें लेना संभव है और उसके चलते किसानों की आय और कृषि उत्पादन में बड़ा इजाफा संभव है. प्रति बूंद अधिक फसल के लक्ष्य के तहत ड्रिप और फव्वारा सिंचाई प्रणालियों को बढ़ावा दिया जाएगा. इसका मकसद कृषि क्षेत्र में पानी के बेहतर इतेमाल करने के साथ साथ पानी बचाने और उसके संरक्षण करने के लिए प्रेरित करना है.  

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लाभ (Benefits of Prime Minister Agricultural Irrigation Scheme):

  • इस योजना के तहत किसानो को अपने खेतो में सिचाई उपकरणों के लिए सरकार द्वारा सब्सिडी प्रदान की जाती है.

  • इस योजना का लाभ उन किसानो को पहुंचाया जायेगा जिनके पास अपनी खुद की कृषि योग्य भूमि होगी और जल संसाधन की व्यवस्था है.

  • इस योजना में कृषि उत्पादन व उत्पादकता में वृद्धि होगी जिससे अर्थव्यवस्था का पूर्ण विकास किया जा सकेगा.

  • योजना के लिए केंद्र द्वारा 75% अनुदान दिया जाता है और 25% जो खर्चा राज्य सरकार वहाँ करती है.

  • इससे ड्रिप/ स्प्रिंकलर जैसी सिंचाई योजना का फायदा सब्सिडी के रूप में किसानों को प्राप्त होता है.

  • नये उपकरणों की प्रणाली के इस्तेमाल से 40-50 प्रतिशत पानी की बचत होती है साथ ही साथ 35-40 प्रतिशत कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी एवं उपज के गुणवत्ता में तेज़ी आएगी.

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की पात्रता (Eligibility of Prime Minister Agricultural Irrigation Scheme):

  • इस योजना का लाभ उ किसानों को मिलेगा जिनके पास खुद की कृषि योग्य भूमि है. 

  • योजना के तहत स्वयं सहायता समूह, सहकारी समिति, फार्मर पोड्यूस समूहों के सदस्यो और अन्य पात्रता प्राप्त संस्थानों के सदस्यों को भी लाभ प्रदान किया जायेगा.

  • इसका लाभ उन किसानों को भी मिलेगा जो न्यूनतम सात वर्षों से लीस एग्रीमेंट के तहत उस भूमि पर खेती करते हो.

कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग करने वाले किसानों को भी इस योजना का पात्र समझा जाता है.

सम्पर्क सूत्र (For contact):

अधिक जानकारी के लिए http://pmksy.gov.in/ वेबसाइट देख सकते हैं या जिले के कृषि विभाग में सम्पर्क किया जा सकता है. 

English Summary: Basic structure of Prime Minister Agricultural Irrigation Scheme (PMKSY) and its benefits

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