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Pro Tray Technology से उगाएं सब्जियां और फल, बढ़ेगी पैदावार

हाइड्रोपोनिक (Hydroponic) और वर्टिकल फार्मिंग (Vertical Farming) की तरह ही प्रो ट्रे तकनीक (Pro Tray Technology) ने भी किसानों का जीवन बदल दिया है. इसके जरिए किसान कम खर्च और कम जगह में अच्छी पैदावार उत्पन्न करके बढ़िया आमदनी प्राप्त कर सकते हैं.

डॉ. अलका जैन
Pro Tray Technology
Pro Tray Technology

आजकल सब्जियों और फलों के उत्पादन के लिए एक से बढ़कर एक तकनीकें चलन में हैं और किसान इन्हें पूरे जोश खरोश के साथ अपना भी रहे हैं. इन तकनीकों के जरिए समय और श्रम की बचत भी हो रही है और आमदनी बढ़ भी रही है.

कम खर्च व सीमित जमीन में अच्छे उत्पादन की संभावना (Possibility of good production in low cost and limited land)

हाइड्रोपोनिक और वर्टिकल फार्मिंग की तरह ही प्रो ट्रे तकनीक ने भी किसानों का जीवन बदल दिया है . इसके जरिए किसान कम खर्च और कम जगह में अच्छी पैदावार उत्पन्न करके बढ़िया आमदनी प्राप्त कर सकते हैं.

इस तरह तैयार करें प्रो ट्रेन नर्सरी (Prepare Pro Train Nursery like this)

प्रो ट्रेन नर्सरी तैयार करने के लिए सबसे पहले एक प्रो ट्रे की व्यवस्था कर लें फिर कंपोस्ट और कॉकपिट नारियल तेल का बेस तैयार कर लें. इसके लिए सबसे पहले कॉकपिट ब्लॉक की आवश्यकता होगी. यह नारियल के बुरादे से बनती है. इस ब्लॉक को 5 घंटे तक पानी में भिगोकर रखना है और फिर कॉकपिट ब्लॉक  की अच्छी तरह से सफाई करनी है, ताकि इसमें मौजूद सब गंदगी और अशुद्धियां बाहर निकल जाए और पौधों को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे .उसके बाद कॉकपिट ब्लॉक को अच्छी तरह सुखा लें.

जब ब्लॉक सूख जाए तो  50 परसेंट वर्मी कंपोस्ट और 50% कॉकपिट को अच्छी तरह मिक्स करके इसमें भर दें. यदि आप अच्छी क्वालिटी के वर्मी कंपोस्ट का प्रयोग करेंगे तो आपको नतीजे बेहतर मिलेंगे. अब आप इन सब को मिलाकर अच्छी तरह से मिक्सर तैयार कर लें .

इस तरह करें बीजों की बुवाई (Sow seeds like this)

प्रो ट्रे में  कुछ छेद बना लें. छेदों को ज्यादा गहरा ना करें और अब इसमें धीरे-धीरे बीज डाल दें और फिर इसे अंधेरे कमरे में रख दें. हमें यह ध्यान रखना है कि बीजों की बुवाई के बाद तुरंत सिंचाई नहीं करनी है. जब पौधे उग जाएं, तो इन्हें निकाल कर बाहर रख देना है और इसके बाद पौधों की पहली सिंचाई करनी है. इन पौधों को सूखने ना दें. इस तरीके से 10 से 15 दिन में एक बेहतरीन नर्सरी तैयार हो जाएगी.

इन फसलों की कर सकते हैं खेती (These crops can be cultivated)

यह तकनीक अपनाकर कई तरह के देशी और विदेशी फलों और सब्जियों की खेती की जा सकती है. सबसे खास बात यह है कि इसकी मदद से किसी भी मौसम में सब्जियों और फल की खेती कर सकते हैं. इस तकनीक से हम मिर्ची, टमाटर, फूल गोभी, पत्ता गोभी, खीरा, ककड़ी, आलू, धनिया, पालक, गाजर, मूली और लौकी के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के फल भी तैयार कर सकते हैं.

आसानी से करना संभव होने के कारण इस तरह की खेती आजकल बहुत चलन में है और किसानों में इसे लेकर बहुत उत्साह है, क्योंकि इसमें बिना मौसम भी बहुत सी सब्जियों और फलों की खेती की जा सकती है और बाजार में बढ़ रही मांग की पूर्ति करके अच्छा मुनाफा भी कमाया जा सकता है.

English Summary: tray nursery technique will bring benifits for farmers Published on: 30 July 2022, 04:43 PM IST

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