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गेहूं की ये सात उन्नत किस्में असिंचित क्षेत्रों में देंगी 40 क्विंटल/हेक्टेयर तक पैदावार, जानें इनकी विशेषताएं

Wheat New Variety : गेहूं की ये सात किस्में मगहर (केo-8027), इन्द्र( केo-8962), गोमती (केo-9465), केo-9644, मंदाकिनी (केo-9351) , एच.डी.आर.-77 और एच.डी.-2888 असिंचित क्षेत्रों में भी किसानों को 30-40 क्विंटल/हेक्टेयर तक पैदावार देने में सक्षम है. यहां पढ़ें गेहूं की इन सभी किस्मों की पूरी डिटेल-

लोकेश निरवाल
गेहूं की उन्नत किस्में ( Image Source: Pixabay)
गेहूं की उन्नत किस्में ( Image Source: Pixabay)

किसानों के लिए गेहूं की फसल खाद्यान्न की प्रमुख फसलों में से एक है. जैसा कि आप जानते हैं कि किसानों के द्वारा खरीफ फसलों की कटाई की जा रही है और इसके बाद किसान अपने खेत में रबी सीजन की गेहूं की फसल की तैयार शुरू कर देंगे. इसकी फसल से अच्छा उत्पादन के लिए किसान बाजार से गेहूं के उन्नत किस्म के बीजों को खरीदते हैं. किसानों को उनकी फसल से अधिक पैदावार डालने के लिए भारतीय कृषि वैज्ञानिकों के द्वारा विभिन्न जलवायु व मिट्टी के अनुसार गेहूं की बेहतरीन किस्मों को विकसित करते रहते हैं. इसी क्रम में आज हम वैज्ञानिकों के द्वारा तैयार की गई गेहूं की असिंचित दशा में बोई जाने वाली सात बेहतरीन किस्में मगहर (केo-8027), इन्द्र( केo-8962), गोमती (केo-9465), केo-9644, मंदाकिनी (केo-9351) , एच.डी.आर.-77 और एच.डी.-2888 की जानकारी लेकर आए हैं.

ये किस्में 30-40 क्विंटल/हेक्टेयर तक पैदावार देती हैं. बता दें कि गेहूं की ये सभी किस्में सिंचित और असिंचित दोनों तरह के क्षेत्रों में अच्छा उत्पादन देने में सक्षम है. ऐसे में आइए गेहूं की इन उन्नत किस्मों के बारे में जानते हैं-

गेहूं की असिंचित क्षेत्रों में बोई जाने वाली किस्में

मगहर (केo-8027)-  गेहूं की यह किस्म 140 से 145 दिनों के अंदर में पककर तैयार हो जाती है. इस किस्म को किसान असिंचित क्षेत्र में लगाकर अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं.गेहूं की मगहर (केo-8027) किस्म किसानों को  प्रति हेक्टेयर 30 से 35 क्विंटल तक पैदावार दे सकती है.

इन्द्र (केo-8962)-  यह किस्म खेत में 90-110 दिन में पककर तैयार हो जाती है. इसके पौधे 110-120 सेमी. तक लंबे होते है. गेहूं की इन्द्र( केo-8962) किस्म से किसान प्रति हेक्टेयर 25-35 क्विंटल तक उपज प्राप्त कर सकते हैं.

गोमती (केo-9465)-  गोमती (केo-9465) किस्म 90-110 दिन में पक जाती है. इस किस्म के पौधे 90-100 सेमी. तक लंबे होते है. गेहूं की यह किस्म प्रति हेक्टेयर 28-35 क्विंटल तक उपज देती है.

केo-9644-  गेहूं केo-9644 किस्म खेत में 105-110 दिन में तैयार हो जाती है. इसके पौधे 95-110 सेमी. लंबे पाए जाते हैं. वहीं यह किस्म 35-40 क्विंटल/हेक्टेयर तक उत्पादन देती है.

मंदाकिनी (केo-9351)-  गेहूं मंदाकिनी (केo-9351) किस्म 115-120 दिन की अवधि में पूरी तरह से पक जाती है. वहीं, इसके पौधे की लंबाई 95-110 सेमी. तक होती है. किसान इस किस्म से प्रति हेक्टेयर 30 से 35 क्विंटल तक पैदावार प्राप्त कर सकते हैं.

ये भी पढ़ें: गेहूं की इन टॉप 3 किस्मों की खेती कर किसान पाएं प्रति हेक्टेयर 74 क्विंटल तक पैदावार, जानें अन्य विशेषताएं

एच.डी.आर.-77 - गेहूं की यह किस्म 25-35 क्विंटल/हेक्टेयर तक बढ़िया पैदावार प्राप्त कर सकते हैं. यह किस्म 105-115 दिन में पक जाती है.

एच.डी.-2888 - गेहूं एच.डी.-2888 किस्म से किसान प्रति हेक्टेयर 30-35 क्विंटल तक उपज प्राप्त कर सकते हैं. इस किस्म को पकने में 120-125 दिन का समय लगता है. वहीं, इसके पौधे की लंबाई 100-110 सेमी तक लंबे होते हैं.

English Summary: top seven varieties of wheat are maghar (KO-8027) indra (KO-8962) gomati (KO-9465) KO-9644 mandakini (KO-9351) HDR-77 and HD- 2888 unirrigated will give yield of 40 quintals/hectare Published on: 25 October 2023, 04:33 PM IST

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