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धान की इन किस्मों में छिपा है बेहतर उपज का राज

धान के क्षेत्र में कई व्यापक प्रयोग हुए है. किसान अलग-अलग किस्म के जरिए काफी अच्छी उपज को हासिल कर रहे हैं. इसीलिए आज बाजार में कई तरह की हाइब्रिड किस्म की धान के बीज भी उपलब्ध हैं. इसके इस्तेमाल के जरिए किसान काफी बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं. आज कई तरह के प्रगतिशील किसान ऐसे कई तरह के बीजों का क्रय-विक्रय करके काफी अधिक मुनाफा कमा रहे है. बासमती धान की खेती तो वैसे बारत में पिछले कई वर्षों में होती है. तो आइए जानते हैं कि इसकी कौन-कौन सी प्रमुख किस्मे हैं-

काला नमक

काला नमक की उत्पादकता बेहद ही कम मात्रा में आती है. लेकिन इसकी गुणवत्ता काफी अच्छी होती है. पूसा ने काला नामक 102 की वैरायटी को विकसित किया है. जो कम से कम 160 दिनों में तैयार हो जाता है. लेकिन चावल की किस्म की गुणवत्ता ठीक नहीं होती है. वही काला नमक जो कि पुरानी किस्म है वह एंटी  शुगर होती है इसकी क्वालिटी काफी बेहतर होती है. यह अच्छे किस्म का बीज है जो कि बेहतर तरह की उपज प्रदान करता है.

सुरूचि रफ्तार

यह धान के लिए काफी अच्छी किस्म का बीज माना जाता है जो कि पूरी तरह से हाइब्रिड माना जाता है. इस बीज से अगर आप खेती करते है तो कम अवधि में अधिक उत्पादन होता है. अगर इसका उपयोग करें तो आराम से 100 से 150 दिनों के भीतर ही धान की फसल आसानी से कटाई के लिए तैयार हो जाती है. इस किस्म में कम पानी का उपयोग किया जाता है और साथ ही इसे सभी तरह की मिट्टी में उपयोग कर लिया जाता है.इसमें रोग प्रतिरोधक की क्षमता काफी बेहतर होती है और यह पुलाव के लिए काफी अच्छा होता है.

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धान की यह किस्म भी पूरी तरह से हाइब्रिड होती है. यह सबसे उत्तम किस्म का बीज माना गया है. इसके बीज का उपयोग करने पर कम से कम 115 से 120 दिनों के भीतर ही फसल आराम से तैयार हो जाती है. इसमें भी रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी बेहतर होती है. साथ ही आप आसानी से कम पानी में इसका बेहतर उत्पादन कर सकते हैं. इसका चावल स्वादिष्ट और सुंगधित होता है.

कस्तूरी

यह भी धान की एक बेहतर किस्म होती है. इसे बासमती चावल की उपज के लिए बेहतर माना जाता है. ज्यादातर यह सानी से संपूर्ण भारत में मिल जाती है. इसकी उपज के बारे में बात करें तो 115 से 125 दिनों के अंदर ही आसानी से आपको काफी बेहतर फसल प्राप्त हो सकती है. इसके अंदर भी रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी बेहतर होती है. इसके दाने लंबे और पतले होते है. साथ ही यह ब्लास्ट रोगों के लिए महत्वपूर्ण होती है. ब्लास्ट रोग काफी ज्यादा विनाशकारी होता है इसमें फसल पर गहरे नीले चकते पड़ जाते है.

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इस किस्म का आकार काफी ज्यादा मध्यम होता है.यह फसल कम से कम पूरे 100 दिनों के भीतर ही यह कटाई के लिए पूरी हो जाती है. यह कम अवधि वाला हाइब्रिड होता है. यह ऊंची जमीन में बुवाई के लिए उपयुक्त माना जाता है. किसान यदि हाइब्रिड की खेती करे तो प्रति एकड़ बीज की पांच से छह किलोग्राम खपत होती है. इसमें रोग व कीट प्रतिरोधक क्षमता काफी ज्यादा रहती है।



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