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ग्लूकोज की बोतलों से ड्रिप सिंचाई, जानिए क्या है देसी जुगाड़

बदलते हुए समय के साथ धरती पर पानी का अभाव बढ़ता ही जा रहा है, शायद यही कारण है कि बीते एक दशक से सिंचाई की नई-नई तकनीकों पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है. आपने भी ड्रिप सिंचाई, स्प्रिंकल सिंचाई आदि विधियों के बारे में जरूर सुना होगा. इसके इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए सरकार सिंचाई की ऐसी तकनीकों पर अनुदान भी दे रही है.

सरकार से अनुदान मिलने के बाद भी कई किसान ऐसे हैं, जिनके लिए ड्रिप सिंचाई करना आर्थिक रूप से एक मुश्किल है. अगर आप भी उन्हीं किसानों में से हैं, जो ड्रिप सिंचाई करना तो चाहते हैं, लेकिन पैसों के अभाव में नहीं कर पा रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है.

आप भी ड्रिप सिस्टम के विक्लप में ग्लूकोज की बोतलों का उपयोग कर सकते हैं. चलिए आपको बताते हैं कि कैसे इन बोतलों को डंडी की सहायता से लटका कर आप धीरे-धीरे पौधों की सिंचाई कर सकते हैं. इस तकनीक में आपको अधिक पैसे खर्च करने की भी जरूरत नहीं है.

ग्लूकोज की बोतलों से सिंचाई

इस काम को करने के लिए आपको ग्लूकोज की बोतलों की जरूरत होगी. इन बोतलों को आप किसी भी हॉस्पिटल से प्राप्त कर सकते हैं. आम तौर पर उपयोग के बाद इन बोतलों को मेडिकल कचरे के रूप में नष्ट कर दिया जाता है. इन बोतलों के साथ प्रयोग में आने वाले ड्रिपर भी आपको मिल ही जाएंगें.

ऐसे करें इस्तेमाल

ग्लूकोज की इन बोतलों में पानी भरकर किसी ड़डे की सहायता से उल्टा लटका दें. अब ड्रिप को पौधों की जड़ों से जोड़ दें. आपका काम हो गया, बोतल में भरा पानी धीरे-धीरे पौधों की सिंचाई करता रहेगा. इस तरीके से बहुत कम पानी में भी आप फसलों की सिंचाई कर सकते हैं और इसके लिए आपको पैसे खर्च करने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी.

 

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English Summary: Indian Farmer can Used Waste Glucose Bottles To Build Drip Irrigation System

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