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Varieties of Carrots: गाजर की ये टॉप पांच उन्नत किस्में किसानों की बढ़ाएंगी आय, पैदावार में अव्वल, जानें इनकी खासियत

Carrot Varieties: किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए गाजर की ये टॉप पांच उन्नत किस्में हिसार रसीली, पूसा केसर, पूसा मेघाली, पूसा आसिता और नैंटस गाजर काफी मददगार साबित हो सकती है. दरअसल, गाजर की ये सभी किस्में प्रति हेक्टेयर 150 से 200 क्विंटल पैदावार देने में सक्षम हैं.

लोकेश निरवाल
गाजर की ये टॉप पांच किस्में देंगी 200 क्विंटल/हेक्टेयर पैदावार (Image Source: Pinterest)
गाजर की ये टॉप पांच किस्में देंगी 200 क्विंटल/हेक्टेयर पैदावार (Image Source: Pinterest)

Top Five Varieties of Carrots:  सर्दियों के मौसम में गाजर प्रमुख सब्जियों में एक है. गाजर की खेती देश के कई राज्यों हरियाणा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, पंजाब और उत्तर प्रदेश के ज्यादातर जिलों में की जाती है. गाजर की खेती से किसान को अच्छा मुनाफा प्राप्त होता है. वहीं, अगर किसान अपने खेत में गाजर की उन्नत किस्मों/ Carrot Varieties को लगाते हैं, तो वह कम लागत में डबल लाभ पा सकते हैं. इस क्रम में आज हम गाजर की टॉप पांच उन्नत किस्में हिसार रसीली, पूसा केसर, पूसा मेघाली, पूसा आसिता और नैंटस गाजर की जानकारी लेकर आए हैं. ये सभी गाजर की किस्में 85 से 110 में पूरी तरह से पककर तैयार हो जाती हैं.

वहीं, गाजर की इन टॉप उन्नत किस्मों से किसान प्रति हेक्टेयर 150 से 200 क्विंटल उत्पादन देने में सक्षम हैं. ऐसे में आइए गाजर की इन सभी उन्नत किस्मों के बारे में विस्तार से जानते हैं-

गाजर की टॉप पांच उन्नत किस्में/ Top Five Varieties of Carrots

गाजर की हिसार रसीली किस्म- गाजर की यह किस्म आकार में लंबे और पतली होती है. खेत में हिसार रसीली किस्म 85 से 95 दिनों में पक जाती है. गाजर की हिसार रसीली किस्म प्रति हेक्टेयर 150 से 200 क्विंटल उत्पादन देती है. गाजर की इस किस्म में रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी अच्छी होती है.

गाजर की पूसा केसर किस्म-  गाजर की यह किस्म आकार में छोटी और गहरा लाल रंग की होती है. पूसा केसर किस्म खेत में 90 से 110 दिनों में पक जाती है. गाजर की पूसा केसर उन्नत किस्म प्रति हेक्टेयर 300 क्विंटल तक उत्पादन देती है.

गाजर की पूसा आसिता- गाजर की यह किस्म ज्यादातर मैदानी क्षेत्रों में उगाई जाती है. इस किस्म की गाजर का रंग काला होता है. किसान गाजर की पूसा आसिता किस्म से प्रति हेक्टेयर 200 से 210 क्विंटल उत्पादन मिलता है. वहीं, यह गाजर 90 से 100 दिन में पक जाती है.

गाजर की पूसा मेघाली किस्म-  पूसा मेघाली किस्म संकर किस्म है, जिसमें केरोटीन की मात्रा अधिक होती है. इस किस्म की गाजर की गूदा नारंगी होती है. यह किस्म  100 से 110 दिन में पूरी तरह से पक जाती है. गार की पूसा मेघाली किस्म प्रति हेक्टेयर 100 से 120 क्विंटल उत्पादन देती है.

ये भी पढ़ें: जानिए गाजर की खेती की पूरी जानकारी

गाजर की नैंटस किस्म- गाजर की नैंटस किस्म खेत में 110 दिन में पक जाती है. इस किस्म के फल बेलनाकार होते हैं और इस किस्म की गाजर का रंग नारंगी होता है. गाजर की यह किस्म प्रति हेक्टेयर 100 से 130 क्विंटल उत्पादन देने में सक्षम है.

English Summary: Carrot Varieties Top Five Varieties of Carrots farming tips for carrot cultivation winter season vegetable gajar ki kheti Published on: 23 December 2023, 02:46 PM IST

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