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Biofortified Wheat Variety: गेहूं की ये तीन बायोफोर्टिफाइड किस्में 87.1 क्विंटल/हेक्टेयर तक देंगी पैदावार, 150 दिनों में पककर तैयार हो जाएगी फसल

Biofortified Wheat Variety: गेहूं की तीन बायोफोर्टिफाइड किस्में डीबीडब्ल्यू 370 (करण वैदेही), डीबीडब्ल्यू 371 (करण वृंदा) और डीबीडब्ल्यू 372 (करण वरुणा)/ DBW 370 (Karan Vaidehi), DBW 371 (Karan Vrinda) and DBW 372 (Karan Varuna) करीब 87.1 क्विंटल/हेक्टेयर तक उपज देंगी. गेहूं की इन किस्मों में आयरन की मात्रा काफी अधिक पाई जाती है. जानें पूरी जानकारी-

लोकेश निरवाल
गेहूं की टॉप 3 बायोफोर्टिफाइड किस्में  (Image Source: Pinterest)
गेहूं की टॉप 3 बायोफोर्टिफाइड किस्में (Image Source: Pinterest)

Wheat Variety: गेहूं की बायोफोर्टिफाइड फसलें भरपूर मात्रा में पोषक तत्व उपलब्ध करने में सक्षम हैं. ऐसे में अगर देश के किसान बायोफोर्टिफाइड किस्मों का चयन करते हैं, तो वह कम समय में ही अधिक पैदावार प्राप्त कर सकते हैं और साथ ही वह इसे बाजार में अच्छी मोटी कमाई भी सरलता से कर सकते हैं. बायोफोर्टिफाइड गेहूं में सामान्य गेहूं की तुलना में कहीं अधिक आयरन पाया जाता है. देखा जाए तो सामान्य गेहूं में आयरन की मात्रा 25-32 पीपीएम होता है, वहीं बायोफोर्टिफाइड गेहूं की किस्मों में आयरन की मात्रा 40-48 पीपीएम होता है. इसी क्रम में आज हम किसानों के लिए गेहूं की तीन बायोफोर्टिफाइड किस्में की जानकारी लेकर आए हैं, जिससे किसान अधिक मात्रा में पैदावार प्राप्त कर सकते हैं. ये किस्में 150 दिन में पक जाती हैं और साथ ही ये सभी किस्में 87.1 क्विंटल/हेक्टेयर तक उपज देने में सक्षम हैं.

दरअसल, गेहूं की जिन बायोफोर्टिफाइड किस्मों की हम बात कर रहे हैं, वह डीबीडब्ल्यू 370 (करण वैदेही), डीबीडब्ल्यू 371 (करण वृंदा) और डीबीडब्ल्यू 372 (करण वरुणा)/ DBW 370 (Karan Vaidehi), DBW 371 (Karan Vrinda) and DBW 372 (Karan Varuna) है. ऐसे में आइए इन किस्मों के बारे में विस्तार से जानते हैं-

गेहूं की बायोफोर्टिफाइड किस्में/ Biofortified Varieties of Wheat

डीबीडब्ल्यू 370 (करण वैदेही):  गेहूं की यह किस्म 151 दिनों में पककर तैयार हो जाती है. गेहूं की डीबीडब्ल्यू 370 किस्म में प्रोटीन 12.2 प्रतिशत, जिंक 39.9 पीपीएम और लौह तत्व की मात्रा 37.9 पीपीएम तक पाई जाती है. इसके लिए इस किस्म से किसान प्रति हेक्टेयर 74.9 से 86.9 क्विंटल तक पैदावार प्राप्त कर सकते हैं.

डीबीडब्ल्यू 371 (करण वृंदा): गेहूं की डीबीडब्ल्यू किस्म को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, जम्मू, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के ज्यादातर जिलों में बुवाई की जा सकती है. यह किस्म प्रति हेक्टेयर 75.1 से 87.1 क्विंटल उपज देती है. इसके पौधे की लंबाई 100 सेमी तक होती है. वहीं, गेहूं की यह बायोफोर्टिफाइड किस्म 150 दिन में पक जाती है. इस किस्म में प्रोटीन 12.2 प्रतिशत, जिंक 39.9 पीपीएम और लौह तत्व 44.9 पीपीएम तक पाया जाता है.

ये भी पढ़ें: बायोफोर्टिफाइड गेहूं है किसानों के लिए वरदान, कृषि वैज्ञानिक से जानें उन्नत किस्मों के नाम और खासियत

डीबीडब्ल्यू 372 (करण वरुणा): यह किस्म खेत में पूरी तरह से 151 दिनों में पक जाती है. किसान इससे प्रति हेक्टेयर 75.3 से 84.9 क्विंटल पैदावार प्राप्त कर सकते हैं. गेहूं के डीबीडब्ल्यू 372 (करण वरुणा) किस्म के पौधों की लंबाई 96 सेमी तक होती है. इसमें प्रोटीन 12.2 प्रतिशत, जिंक 40.8 पीपीएम और लौह तत्व 37.7 पीपीएम तक होता है.

English Summary: biofortified wheat variety dbw 370 karan vaidehi dbw 371 karan vrinda and dbw 372 karan varuna yield of 87 quintal per hectare Published on: 06 November 2023, 01:15 PM IST

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