Editorial

जानें ! किस सरकार ने किन किसानों का किया कर्जमाफ़

इन दिनों कर्ज माफी का मुद्दा सियासी जगत का सबसे ज्वलंत मुद्दा बना हुआ है. कर्ज माफी के मुद्दे पर ही हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सत्ता में वापसी की हैं. विधान सभा चुनाव-2018  आने के बाद राजस्थान और मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों का 2 लाख रूपये तक का कृषि ऋण माफ़ करने का एलान कर दिया है. इस लेख के माध्यम से हम आपको बताएंगे कि किस राज्य के किसानों का कितना कर्जमाफ हुआ है और कर्जमाफ़ी की पात्रता क्या है? इसके साथ ही आपको ये भी बतायेगें की कौन-कौन से बैंकों ने कर्ज माफ़ किये हैं.

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तो आइये जानते हैं राजस्थान में किन किसानों कर्ज हुआ है माफ

दरअसल, राजस्थान के जिन किसानों ने 12 दिसम्बर 2018 से पहले फ़सली ऋण लिया है. उन किसानों का 2 लाख तक का अल्पकालीन ऋण कर्ज माफ होगा जिसमें कॉपरेटिव बैंक से लिया हुआ 200000 रूपये और सहकारी बैंक का पूरा कर्ज माफ़ होगा. इसके अलावा राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा सिर्फ खेती (फसली ऋण) के लिए दिए गए कर्ज को माफ़ किया जा रहा है. इस कर्जमाफी में वंसुधरा सरकार द्वारा माफ किया गया लोन भी शामिल है. इसके लिए राजस्थान सरकार ने कर्जमाफी की जिलेवार लिस्ट भी जारी कर दी है. इस लिस्ट को राजस्थान सरकार की आधिकारिक वैबसाइट http://www.lwa.rajasthan.gov.in पर मोबाइल अथवा कम्प्यूटर पर देखी जा सकती है.

मध्य प्रदेश मे कर्ज माफी की रिपोर्ट

मध्य प्रदेश के जिन किसानों ने 12 दिसम्बर 2018 से पहले फ़सली ऋण लिया है. उन किसानों का 2 लाख तक का अल्पकालीन कर्ज माफ होगा जिसमें कॉपरेटिव बैंक से लिया हुआ 2  लाख रूपये और सहकारी बैंक (प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों द्वारा प्रदत्त फसल ऋण शामिल 37 बैंकों ) का पूरा कर्ज माफ़ होगा. इसके अलावा राष्ट्रीयकृत बैंक आंध्रा बैंक, इलाहाबाद बैंक, बैंक आफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इण्डिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इण्डिया, कार्पोरेशन बैंक, देना बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक,पंजाब एंड सिंध बैंक, पंजाब नेशनलबैंक, सिंडीकेट बैंक, यूको बैंक, युनाइटेट बैंक ऑफ इण्डिया, यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया, विजया बैंक द्वारा सिर्फ खेती (फसली ऋण) से लिए गए कर्ज माफ़ किए जा रहे हैं.

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मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार 15 जनवरी से एक लाइव पोर्टल चालू करेगी और इसी पोर्टल पर किसानों के आवेदन मंगाए जायेंगे. इसके लिए किसानों को तीन श्रेणियों में रखा जायेगा. किसान जिस श्रेणी के अनुरूप होगा उसे उस रंग का फार्म भरना होगा. फार्म के लिए सरकार किसान से कोई भी चार्ज नहीं लेगी.

15 जनवरी से ग्राम पंचायत भवन व वार्ड ऑफिस पर कर्जदार किसानों की सूची को प्रदर्शित कर दिया जायेगा. यह सूची तीन रंगो में विभक्त होगी- हरी, सफेद व गुलाबी. हरी सूची में उन किसानों के नाम दिए जाएंगे जिनके खाते आधार से लिंक होंगे. सफेद सूची में उनके नाम होंगे जिनके खाते से आधार अभी तक लिंक नहीं हुए हैं. इसके अलावा गुलाबी सूची में वे किसान होंगे जिनका नाम इन दोनों सूचियों में गलत लिखा है या नाम है ही नहीं. जो किसान जिस रंग की सूची में है उसे आवेदन भी उसी रंग के फार्म के साथ करना होगा.

इसके लिए किसान जिस ग्राम पंचायत का निवासी होगा उसे उस पंचायत के सचिव, ग्राम रोजगार सहायक व नोडल अधिकारी के पास फॉर्म जमा कर सकते हैं. इसके अलावा किसान निगम सीमा के अंर्तगत आने वाले फॉर्म को वार्ड ऑफिस में भी जमा करा सकते हैं. भले ही अलग-अलग बैंकों से किसान ने क्रेडिट कार्ड के तहत अधिक कर्ज ले रखा हो.

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1 अप्रैल 2007 से 31 मार्च 2018  के बीच कृषि ऋण लेने वाले सभी किसानों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा. कर्जमाफी की राशि किसान के खाते में पहुंचने के बाद ही ऋण मुक्ति का प्रमाण पत्र दिया जाएगा. इसके साथ ही जिन्होनें 12 दिसंबर 2018 तक आंशिक रूप से अथवा पूर्ण रूप से कर्ज का भुगतान कर दिया है उनको भी इस योजना का लाभ मिलेगा. बैंक की ओर से राशि पहुंचने के बाद बैंक, बकाया काटकर बाकी का पैसा किसान के खाते में पहुंचा देगा. सभी लाभार्थियों को सम्मान प्रमाण पत्र भी मिलेगा.



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