एग्रोटेक-2018 में प्रभात फर्टिलाइजर ने लांच किए अपने उत्पाद

किसानों की आमदनी बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को बेहतर दिशा देने के लिए चंडीगढ़ में चार दिवसीय सीआईआई-एग्रो टेक मेले का समापन हो चुका है. चार दिन तक चले इस एग्रो टेक मेले में किसानों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया. इसके अलावा कई दिग्गज कंपनियों ने भी इस मेले में भागीदारी की. इसी श्रेणी में एक उवर्रक कंपनी "प्रभात फर्टिलाइजर एंड केमिकल वर्क्स" ने भी सीआईआई एग्रोटेक में हिस्सा लिया और अपने कंपनी से जुड़े उत्पादों को प्रदर्शित किया.

प्रभात फर्टिलाइजर, हरियाणा के करनाल में उर्वरक और केमिकल वर्क्स में काफी ज्यादा आत्मनिर्भर है. यह कंपनी जैव उवर्रक, जैव कीटनाशक, जैविक खाद, कार्बनिक उर्वरक समेत कई तरह के अन्य रासयनों का निर्माण भी कर रही है. मेले में कंपनी ने अपने उत्पादों से संबंधित विभिन्न जानकारी किसानों समेत अन्य लोगों को भी उपलब्ध करवाई है. तो आइए जानते हैं कि एग्रो एक्सपो में किस तरह से प्रभात फर्टिलाइजर ने अपेन उत्पादों को पेश किया-

वैसे तो प्रभात फर्टिलाइजर ने कई तरह के उत्पादों को प्रदर्शित किया लेकिन इस बार एक खास उत्पाद 'प्रभात किक' को पेश किया है. तो जानते है इस नये उत्पाद के बारे में

प्रभात फर्टिलाइजर ने भारतीय किसानों के लिए किक का निर्माण करके किसानों को एक तरल सूक्ष्म जीवाणुओं पर आधारित पर्यावरण के अनुकूल जैविक तरल उपलब्ध करवाई है. यह वातावरण की मुक्त नाइट्रोजन को पौधों की जड़ों में एकत्रित करता है. इसके साथ ही भूमि में अघुलनशील फॉस्फेट को घुलनशील अवस्था में परिवर्तित करके पौधों को उपलब्ध करवाता है. भूमि में एकत्रित व फिक्स पोटेशियम को एक स्थान से दूसरे स्थान पर चलने योग्य अवस्था में परिवर्तित करके फसलों के करीब ले जाता है, जिससे उनकी पैदावार में वृद्धि होती है.

किक के लाभः

1. किक की संतुलित मात्रा पौधों में उनकी जीवन क्रिया जैसे- जीवित कोशिकाओं, मेटाबोलिक प्रक्रिया, प्रकाश संश्लेषण की क्रिया, त्वरित बढ़वार, तेल, शुगर व स्टॉर्च का निर्माण, पौधों में सही समय पर परिपक्वता व सहनशक्ति, जड़ों का विकास, फल की गुणवत्ता, बीमारियों से लड़ने की क्षमता आदि को बढ़ाता है.

2. यह सूक्ष्म जीवाणु अपना जीवन पूरा करने के पश्चात इन्डोल ब्यूडोल, अमल में परिवर्तित होकर जमीन की उर्वरा शाक्ति को बढ़ाने में काफी सहायक होते हैं.

उपयोग विधि

प्रभात किक की 0.5 से 1.0 मि.ली. मात्रा को 1 लीटर पानी में मिलाकर घोल बनाएं तथा इसका प्रयोग 100 से 150 मिली प्रति एकड़ की मात्रा में करें.

इसके अलावा किक का प्रय़ोग खेत की तैयारी करते समय 500 मिली. किसी भी कार्बनिक खाद के साथ मिलाकर या छिड़काव कर सकते हैं.

यह उत्पाद रासायनिक खादों, कीटनाशक और भूमि में रहने वाले सूक्ष्म जीवाणुओं की संख्या में जो कमी हो रही है उसके बेहतर प्रबंधन के लिए बनाया गया है. इसके अलावा प्रभात फर्टिलाइजर विभिन्न तरह के पोटाश, जैविक खाद, फफूंदनाशक, वनस्पति कीटनाशक, सूक्ष्म पोषक तत्व आदि के व्यवसाय में अग्रणी कंपनी है. प्रभात प्रोम के कारण जैविक खाद की उपस्थिति लीचिंग और अपवाद को रोकने में काफी ज्यादा सहायक होती है. यदि मिट्टी में किसी भी तरह से फाँस्फोरस का प्रयोग किया गया हो या इस तरह के उत्पाद मिट्टी में मौजूद हों तो प्रोम, फास्फेरस को घुलनशील बनाने एवं जीवाणुओं की संख्या को बढ़ाने में भी काफी ज्यादा सहायक होता है. तो इस तरह के कई उत्पादों के साथ कंपनी ने एग्री टेक एक्सपो में ना केवल अपने उत्पादों बल्कि इसको आगे किस तरह से और बढ़ाया जाएगा इसके बारे में भी जानकारी दी.

किशन अग्रवाल, कृषि जागरण

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