1. कंपनी समाचार

मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बढ़ाने के लिए इफको ने लंदन की सिरियस मिनरल्स के साथ किया समझौता

विश्व की सबसे बड़ी सहकारी संस्था इंडियन फर्टिलाइजर कॉपरेटिव लिमिटेड (इफको) ने उर्वरकों में पोषण की कमी को पूरा करने के लिए सिरियस मिनरल्स पीएलसी(PLC) से पॉली-4 को आयात करने का फैसला लिया है. अब हर साल इफको सिरियस से 10 लाख टन पॉली-4 का आयात करेगा. ये समझौता अभी दोनों कंपनियों ने केवल आठ साल के लिए किया है. अगर यह फैसला सही रहा तो इसे आगे बढ़ाया भी जा सकता है. इसके साथ ही इफ्को पॉली-4 का आयात 12.5 लाख टन भी कर सकती है.

भारत को विश्व का तीसरा सबसे बड़ा फर्टिलाइजर मार्केट कहा जाता है. क्योंकि, यहां करीब हर साल 3 करोड़ टन से भी ज्यादा मात्रा में उर्वरक की खपत की जाती  है. हमारे देश में लोगों की संख्या जितनी तेजी से बढ़ रही है उतनी ही तेजी से फसल की मांग जिसके चलते बाजारों में उर्वरक की मांग भी बढ़ जाएगी इफको के  निदेशक डॉ यू एस अवस्थी ने इस मौके पर कहा कि पॉली-4 के उपयोग से फसल उत्पादन की क्षमता बढ़ेगी. जिससे किसानों की आय में काफी हद तक बढ़ोतरी होगी. उन्होंने ये भी कहा कि पॉली-4 में पोषण क्षमता काफी अधिक है. जिससे खेतों की मिट्टी में उपजाऊ क्षमता काफी वृद्धि होगी. इसके द्वारा मिट्टी को कई वर्षों तक फायदा मिलेगा.

डॉ. अवस्थी ने आगे ये भी कहा कि ‘उनकी कंपनी ये कदम मिट्टी की उपजाऊ क्षमता को सही रखने के लिए और मिट्टी की अच्छी गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए उठा रही है जिससे हमारे किसानों की फसलें अच्छी रहे और उन्हें ज्यादा से ज्यादा फायदा प्राप्त हो. इससे किसानों की आय दुगनी तेजी से बढ़ोतरी होगी. जिससे पीएम नरेंद्र मोदी को सपने को साकार करने में मदद मिलेगी.‘ उन्होंने कहा है कि 2022 तक वे किसानों की आय दुगनी करेंगे.

सिरियस के निदेशक क्राइस फ्रेसर

इसी के साथ ही सिरियस के निदेशक क्राइस फ्रेसर ने इफको के साथ हुए इस समझौते पर हार्दिक खुशी जताई और कहा कि पॉली-4 आयात का भारतीय खेती पर काफी अच्छा और सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा जिसका किसानों को भविष्य में काफी लाभ प्राप्त होगा.

English Summary: IFFCO company agrement with sirius minerals

Like this article?

Hey! I am मनीशा शर्मा. Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News