मैग्नेटिक टेक्नोलॉजी से किसान खुशहाल

बढ़ते तकनीकी युग में अनेक तरह की तकनीकियों का विकास हो रहा है जिसके तहत हमारे दैनिक जीवन का काम सुगमता से हो रहा है। इन्हीं तकनीकियों के बीच मैग्नेटिक टेक्नोलॉजी कंपनी का नाम सामने आ रहा है। मैग्नेटिक टेक्नोलॉजी कंपनी की शुरुआत मिस्टर जुनैद खूरी द्वारा 1995 में दुबई में हुई थी। कंपनी 25 से अधिक देशो में दुनिया के सबसे बड़े मैग्नेटिक तकनीक का संचालन कर रही है।

मैग्नेटिक टेक्नोलॉजी कंपनी की विशेषता मुख्य रूप से रोजमर्रा के जीवन में 30 वर्ष से अधिक निरंतर रिसर्च और चुम्बकीय टेक्नोलॉजी का परिणाम है। कंकड़बाग पटना स्थित इस कंपनी द्वारा विकसित की गई मैग्नेटिक टेक्नोलॉजी पीने योग्य पानी को साफ करने, पानी में से मिट्टी को अलग करने, खारे पानी को सिंचाई युक्त बनाने, कृषि उपज बढ़ाने, कम गुणवत्ता वाले बीज का उपचार करने, किसानों के मुनाफे में वृद्धि करने, बारिश के स्तर को बढ़ाने तथा मानव स्वास्थ्य, मछलीपालन, पोल्ट्री तथा ईंधन और ऊर्जा की बचत के लिए इस्तेमाल की जाती है। इतना ही नहीं इस तकनीकी द्वारा नदी व तालाब का पानी भी साफ किया जाता है। यह तकनीक राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय पूसा (समस्तीपुर) बिहार से प्रशिक्षित तथा प्रमाणित है।

रूसी तकनीकी से तैयार यह मशीन 6000 पीपीएम/11ईसी तक के पानी को खींचने में सक्षम है और यह पानी सिंचाई में उपयोग में लाया जा सकता है। यह किसानों के लिए एक बेहतर टेक्नोलॉजी है जिसका प्रयोग कर वो अपनी आमदनी को बढ़ा सकते हैं।

बिहार में मैग्नेटिक टेक्नोलॉजी कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर व ख्वाजा एग्रो कंपनी के एम. डी. मंसूर आलम की कंपनी  भी कृषि क्षेत्र में कार्यरत है। यह कंपनी अनाज और खाद्य भंडारण श्रंखला, कोल्ड स्टोरेज चेन, राइस मिल्स, आटा चक्की, निर्माण के क्षेत्र जैसे- हाऊसिंग, काम्प्लेक्स और होटल आदि क्षेत्र में काम कर रही है।

इस नवीन रूसी तकनीक से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए गए पते पर संपर्क कर सकते हैं - 201 द्वितीय तल, कुंवर काम्प्लेक्स, मेन रोड, कंकरबाग, पटना - 800020, बिहार।

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