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भारत मछली उत्पादन में बढ़ रहा है आगे

किशन
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मछलियां प्रोटीन का सबसे बड़ा स्त्रोत होती है. मछलियों में फास्फेरस और कैल्शियम अधिक मात्रा में होता है जो दांतों और हड्डियों को मजबूत बनाने में काफी मदद करता है. जो भी मछलियां उत्पाद के रूप में होती है उनका सारा खाना मनुष्य के खाने में इस्तेमाल नहीं होता है. अगर आकड़ों की बात करें तो भारत दुनिया में मछली उत्पादन में दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है.

हरियाणा में उत्पादन

रोहतक सीआईएफई से आए डॉ. पकंज कुमार ने कहा कि केंद्रीय मत्स्य संस्थान, मुंबई के अनुसंधानों द्वारा बैनामी झींगा पालन को विकसित करने का कार्य किया है. यह चीज किसानों के लिए एक तरह से वरदान साबित हुई है. इस तरह की तकनीक का प्रयोग करते हुए हरियाणा में लगभग 900 से 1000 एकड़, पंजाब क्षेत्र में 300 एकड़ और राजस्थान में लगभग 30 एकड़ भूमि में झींगा पालन के कार्य को किया जा रहा है.

नीली क्रांति से बढ़ रहा है मछलीपालन

देश में सरकार द्वारा चलाई जा रही नीलीक्रांति का बहुत बड़ा योगदान है. देश इस योजना के सहारे मत्स्य उत्पादन में काफी ज्यादा मजबूत होता जा रहा है. देश की जीडीपी में 1.1 प्रतिशत औऐर कुल जीडीपी में 5.5 प्रतिशत का योगदान है. यहां पर जो सेमिनार आयोजित किए गए हैं वहां पर आधुनिक तकनीकों के बारे में पूरी जानकारी भी दी गई है. किसानों को मछली उत्पादन पर अच्छा व सराहनीय कार्य करने पर 21 हजार रूपये की राशि भी प्रदान की गई है. इस दौरान भारी संख्या में किसानों की मौजूदगी रही है. इस दौरान हरियाणा समेत कईं और राज्य के किसान भी मौजूद रहे हैं.

निकाले गए कूपन

सीआईएफई रोहतक में हैप्पी सीडर के लिए वहां भाग्यशाली विजेताओं के लिए कुल 18 कूपन भी निकाले गए है. जैतपुर गांव के किसान को इस कूपन का पहला ईनाम दिया. इसके साथ ही लबड़े ट्रैक्टर के लिए खुबडू गांव के किसान परंमानंद ने कूपन के इनाम को जीता. इसके अल्वा कईं और कृषि कार्यों के लिए इनाम दिए गए है. जबकि मुख्य समारोह में झज्जर के कुलदीप और चरखी दादरी के प्रवीण को एक-एक लाख रूपये की राशि देकर मत्स्य अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है.

English Summary: India is fast growing in the production of fish

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