उत्तर भारत इस समय सर्दी के सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है और दिल्ली इसकी सबसे बड़ी मिसाल बनकर उभरी है. जनवरी के मध्य में राजधानी ने बीते कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया. 15 जनवरी की सुबह दिल्ली में न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पालम में पारा और गिरकर 2.3 डिग्री तक पहुंच गया. यह स्थिति 2010 के बाद पहली बार देखने को मिली है. लगातार चल रही बर्फीली हवाओं, घने कोहरे और शीत लहर ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. हालात ऐसे रहे कि सुबह घर से निकलना जोखिम भरा हो गया.
मौसम विभाग ने साफ किया है कि 16 जनवरी तक ठंड अपने चरम पर रहेगी, इसके बाद वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से मौसम में बदलाव आएगा और बारिश-बर्फबारी का दौर शुरू होगा. ऐसे में आइए देशभर के मौसम का हाल जानते हैं-
दिल्ली में ठंड, कोहरा और शीत लहर का कहर
दिल्ली में लगातार तीसरे दिन शीत लहर दर्ज की गई है. कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई. पालम में सुबह विजिबिलिटी सिर्फ 50 मीटर तक सिमट गई, जबकि सफदरजंग में 200 मीटर तक पहुंचने में भी घंटों लग गए. AIIMS और आसपास के क्षेत्रों में कोहरे की मोटी परत देखी गई.
मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और चेतावनी दी है कि अगले दो-तीन दिन हालात ऐसे ही बने रह सकते हैं. पिछले 15 वर्षों में यह गिने-चुने मौकों में से एक है जब 2 से 4 दिन तक लगातार कोल्ड वेव दर्ज की गई हो.
न्यूनतम तापमान के पुराने रिकॉर्ड टूटे
12 से 15 जनवरी के बीच दिल्ली का न्यूनतम तापमान लगातार सामान्य से काफी नीचे बना रहा. 12 जनवरी को 3.2 डिग्री, 13 जनवरी को 3.0 डिग्री और 14 जनवरी को 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इस दौरान शाम, रात और सुबह गलन वाली सर्दी ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया. विशेषज्ञों के अनुसार यह सर्दी “सीवियर कोल्ड वेव” की श्रेणी में आती है, जिसमें शरीर पर ठंड का असर कहीं ज्यादा तेज होता है.
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की एंट्री से बदलेगा मौसम
एक ओर उत्तर भारत रिकॉर्ड तोड़ ठंड से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की एंट्री से मौसम में नया मोड़ आने वाला है. IMD और स्काइमेट के मुताबिक 16 जनवरी के बाद बादल बढ़ेंगे, मैदानी इलाकों में हल्की बारिश और पहाड़ों में बर्फबारी की शुरुआत होगी. इससे न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे 3 से 5 डिग्री की बढ़ोतरी संभव है. हालांकि नमी बढ़ने के कारण सुबह और शाम के समय कोहरा लंबे समय तक बना रह सकता है. यानी ठंड से थोड़ी राहत के साथ बारिश नई परेशानी बन सकती है.
उत्तर भारत पर क्यों भारी पड़ रही है यह सर्दी
मौसम विभाग के अनुसार इस बार मैदानी इलाकों में तापमान पहाड़ी राज्यों जैसा महसूस हो रहा है. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में न्यूनतम तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री नीचे दर्ज किया गया. कई शहरों में पारा 3 से 6 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा. ठंडी हवाओं और साफ आसमान के कारण रात के समय तेजी से तापमान गिरा, जिससे कोल्ड वेव और कोल्ड डे जैसी स्थितियां बनी रहीं.
यूपी और बिहार में सर्दी का पीक पीरियड
उत्तर प्रदेश और बिहार इस समय सर्दी के सबसे कठिन दौर में हैं. पश्चिमी यूपी में घने से घना कोहरा और पूर्वी यूपी व बिहार में बेहद घना कोहरा देखने को मिल रहा है. लखनऊ, कानपुर और वाराणसी में न्यूनतम तापमान 5 से 8 डिग्री के बीच रहा, जबकि पटना और गया में यह 6 से 9 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया. दिन का तापमान भी 18 से 22 डिग्री तक सीमित रहने से कोल्ड डे की स्थिति बनी रही.
IMD अलर्ट: किन राज्यों पर ज्यादा असर
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 15 जनवरी तक कई राज्यों में कोल्ड वेव और घने कोहरे की स्थिति बनी रहेगी.
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पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में सुबह के समय घना कोहरा
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राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार में शीत लहर के साथ कोहरा
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झारखंड और ओडिशा में आइसोलेटेड इलाकों में ठंड
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हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में पहाड़ी क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड
स्वास्थ्य पर असर और जरूरी सावधानियां
इस भीषण ठंड का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों और सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों पर पड़ रहा है. डॉक्टरों की सलाह है कि सुबह जल्दी बाहर निकलने से बचें, गर्म कपड़े पहनें और गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें. कोहरे में वाहन चलाते समय फॉग लाइट का इस्तेमाल करें और गति सीमित रखें.
आगे के दिनों में क्या करें, क्या न करें
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सुबह और देर रात गैर-जरूरी यात्रा टालें
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कोहरे में ड्राइविंग के दौरान विशेष सतर्कता बरतें
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बच्चों और बुजुर्गों को ठंडी हवा से बचाएं
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बारिश की संभावना को देखते हुए छाता और गर्म कपड़े साथ रखें
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