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मौसम पूर्वानुमान : एक बार फिर ‘फेथाई’ दिखा सकता है अपना कहर

चक्रवाती तूफान ‘फेथाई’ एक बार फिर से तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश के तट से टकराने वाला है. इसी तूफान के चलते 11 जनवरी 2019 शुक्रवार से ही ओडिशा, झारखँड और बंगाल के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की सम्भावना है। इस का असर 20 जनवरी 2019 तक रहेगा. चक्रवात ‘फेथाई’ के प्रभाव के कारण दक्षिण बंगाल के कई जिलों में भी शुक्रवार को भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई. साथ ही हाई-अलर्ट भी जारी किया गया था । मौसम विज्ञान विभाग ने शनिवार को यह जानकारी दी।

मौसम विभाग का कहना है कि यह चक्रवात एक तूफ़ान में बदल सकता है. मौसम विभाग ने 11 जनवरी से ओडिशा में हल्की मध्यम बारिश एवं कई जगहों पर, मुख्यत: दक्षिण ओडिशा झारखंड के जिलों में गरज के साथ बारिश पड़ने की संभावना जतायी है। मौसम बैज्ञानिको के अनुसार ओडिशा सरकार ने जिलाधीशों को पहले ही इस बे-मौसम बरसात से धान के खेतों को बचाने के लिये जरूरी कदम उठाने का निर्देश भी दे दिया है। झारखंड जिले के लगभग सभी स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। मौसम विज्ञानिकों ने कहा कि इस बार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम में चल सकती हैं। पिछली बार यह हवाएं 30 से 40 प्रति घंटे किलोमीटर की रफ़तार से चली थी.

फेथाई चक्रवात का बहुतेरा असर झारखंड पर भी देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि इस बार तूफ़ान का असर 10  दिनों तक रह सकता है वहीं, जनवरी से कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार है। राज्य के कई जिलों में दिन भर आसमान में बादल छाए रहेंगे। झारखंड मे बारिश काफी तेज रहेगी. धूप न निकलने के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज होने के आसार है। इससे ठिठुरन बढ़ेगी। चक्रवात का असर और बारिश 11 जनवरी शुक्रवार से 20  जनवरी रविवार तक समाप्त होने की संभावना है. ओडिशा झारखंड और बंगाल के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। इस का असर 20 जनवरी तक रहेगा. चक्रवात से ठंड बढने की आशंका जतायी जा रही है।

आगामी 24 घंटों का मौसमी पूर्वानुमान

तमिलनाडु, केरल, अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। दक्षिणी जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, हिमालयन पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पृवोत्तर भारत पर हल्की धुंध छाई रहेगी. उत्तर और पूर्वी भारत के साथ ही मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र पर शीत लहर का कहर जारी रहेगा. दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बेहद बेकार रहने वाला है।



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