1. मौसम

मॉनसून की वापसी में हो रही देरी, इससे प्रभावित हो सकती है फसल

चार महीनों का मॉनसून सीजन सितंबर में संपन्न होता है। आमतौर पर सितंबर की शुरुआत से पश्चिमी राजस्थान से मॉनसून वापसी का पहला कदम उठाता है। मॉनसून की वापसी की घोषणा तब की जाती है जब लगातार चार-पांच दिन तक बारिश नहीं होती है, वातावरण में नमी कम हो जाती है, हवा की दिशा दक्षिणी व दक्षिण-पूर्वी से बदलकर पश्चिमी या उत्तर-पश्चिमी हो जाती है, तापमान में वृद्धि शुरू हो जाती है और पश्चिमी भारत पर विपरीत चक्रवर्ती क्षेत्र बन जाते हैं।

खास बातें :

1. राजस्थान और गुजरात पर बने हुए हैं

2. 23 से 26 सितंबर के बीच अच्छी बारिश होने की संभावना है

3. जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सहित आसपास के सभी भागों में मध्यम से भारी बारिश

4. 20 सितंबर से शुरू होकर 26-27 सितंबर तक पश्चिमी और उत्तर भारत में इस संभावित बारिश के दौर के चलते अनुमान

5. 18 सितंबर मॉनसून पूर्वानुमान : आंध्र प्रदेश, उत्तरी तमिलनाडु, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में जारी रहेगी वर्षा

इनमें से कई मौसमी परिदृश्य पिछले दिनों से राजस्थान और गुजरात पर बने हुए हैं। लगभग 10 दिनों से देश के अधिकतर भागों में बारिश नहीं हो रही है। महज़ पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में इस दौरान वर्षा रिकॉर्ड की गई है। दक्षिण भारत के भागों में भी इस समय बारिश हो रही है। लेकिन विपरीत चक्रवाती क्षेत्र विकसित नहीं हुआ है। साथ ही रुक-रुक कर नमी वाली हवाएं इन भाग पर पहुंच रही हैं जिसके कारण अब तक मॉनसून की वापसी नहीं हुई है।

भले ही वर्तमान मौसमी परिदृश्य मॉनसून की वापसी के लिए अनुकूल माना जा रहा है लेकिन इसकी वापसी में अब कुछ और दिनों का विराम लग सकता है, क्योंकि बंगाल की खाड़ी में एक नया मॉनसून सिस्टम विकसित हो रहा है जो अगले 24 घंटों में निम्न दबाव का क्षेत्र बनेगा और पश्चिमी तथा उत्तर पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ते हुए मध्य भारत के साथ-साथ राजस्थान और गुजरात सहित उत्तर पश्चिम भारत के भागों में बारिश देगा

मॉनसून की वापसी की शुरुआत जिन भागों से आम तौर पर होती है उन क्षेत्रों में 23 से 26 सितंबर के बीच अच्छी बारिश होने की संभावना है, क्योंकि एक तरफ जहां बंगाल की खाड़ी मॉनसून सिस्टम बन रहा है वहीं दूसरी ओर इसी दौरान जम्मू-कश्मीर पर एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के आने की भी संभावना है। इन दोनों सिस्टमों के चलते जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सहित आसपास के सभी भागों में मध्यम से भारी बारिश देखने को मिल सकती है।

मध्य भारत के पूर्वी भागों में 20 सितंबर से शुरू होकर 26-27 सितंबर तक पश्चिमी और उत्तर भारत में इस संभावित बारिश के दौर के चलते अनुमान लगाया जा रहा है कि मॉनसून की वापसी सितंबर के आखिर में या अक्टूबर के पहले सप्ताह में शुरू हो सकती है। पिछले वर्ष यानी 2017 में राजस्थान से 27 सितंबर को मॉनसून की वापसी शुरू हुई थी और दिल्ली से 15 अक्टूबर को मॉनसून ने विदा ली थी।

इस बीच स्काइमेट के वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ एवीएम जीपी शर्मा का कहना है कि मॉनसून की वापसी में देरी के चलते सर्दियों के आगमन में देरी होने की संभावना होती है। यानि ऋतुओं का अगर एक चक्र अपने समय पर पूरा नहीं होता तो अगली ऋतु भी उससे प्रभावित होती है। इसके अलावा अल नीनो भी उभर पर है जिसकी घोषणा इस साल के अंत तक की जा सकती है। इससे भी इस बार की सर्दी में कमी रहने की संभावना बन रही है।

18 सितंबर मॉनसून पूर्वानुमान : आंध्र प्रदेश, उत्तरी तमिलनाडु, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में जारी रहेगी वर्षा

मॉनसून ट्रफ का पश्चिमी छोर इस समय हिमालय के तराई क्षेत्रों के करीब बना हुआ है। जबकि पूर्वी भारत में यह रक्सौल, जमुई, डायमंड हार्बर से होते हुए बंगाल की खाड़ी में बनी हुई है।

पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश की बात करें तो उत्तरी तमिलनाडु, रायलसीमा और उत्तरी अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पर मॉनसून व्यापक रूप में सक्रिय रहा और भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। तमिलनाडु के बाकी हिस्सों, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, ओड़ीशा और कोंकण व गोवा में भी सामान्य मॉनसून वर्षा दर्ज की गई।

अगर बात करें अगले 24 घंटों की तो, दक्षिणी आंध्र प्रदेश, उत्तरी-तटीय तमिलनाडु और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में मॉनसून सक्रिय बना रहेगा। दूसरी ओर दक्षिणी ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के बाकी भागों में भी सामान्य मॉनसून वर्षा जारी रह सकती है। दिल्ली सहित उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में जारी रहेगी मॉनसून की बेरुख़ी।

 

साभार: skymetweather.com

English Summary: Delay in monsoon return, this may affect crop

Like this article?

Hey! I am . Did you liked this article and have suggestions to improve this article? Mail me your suggestions and feedback.

Share your comments

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें. कृषि से संबंधित देशभर की सभी लेटेस्ट ख़बरें मेल पर पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें.

Subscribe Newsletters

Latest feeds

More News