बेसन पैकिंग कर आत्मनिर्भर बने

अगर आप बेसन निर्माण इकाई की स्थापना पर विचार कर रहें हैं तो यह सही समय है अपना उद्योग स्थापित करने का क्योकि बेसन एक ऐसा खादय व्यंजन है जोकि रोजाना भारत के हर गांव और शहर में भोजन के लिए प्रयोग किया जाता है | यह विभिन्न प्रकार के स्वादों के साथ अमीर और गरीब के घरों में उपयोग किया जाता है इसमें प्रोटीन और विटामिन बड़ी मात्रा होता है और शुरुआती लागत के बाद आप बेसन निर्माण इकाई से काफी मात्रा में कमाई कर सकतें हैं

बेसन क्या है :-

चना दाल के पिसे हुए आटे को ही बेसन कहते हैं। इस परियोजना को भारत के कई राज्यों में स्थापित किया जा सकता है क्योंकि देश भर में चने की खेती की जाती है। फिर भी चने का उत्पादन महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और आसपास के राज्यों में बहुत अधिक मात्रा में होता है यह भारत के आलावा पाकिस्तान, बांग्लादेश में भोजन के घटक के रूप बहुतायत में प्रयोग किया जाता है |

बेसन की मांग और आपूर्ति :-

स्वाभाविक रूप से भारतीय, मिठाई और मसालेदार भोजन के शौकीन होतें हैं और बेसन एक महत्वपूर्ण खाद्य है जोकि मिठाई और भोजन बनाने के लिए लोकप्रिय है |

भारत के लोग साल भर, कई तरीकों से इसका इस्तेमाल करतें हैं जैसे कि 'बेसन के लड्डू', मिठाई, भजिया, पकोडा, ब्रेडपकोड़ा, पराठे, कढ़ी आदि बनाने में, इसके अलावा कुछ संस्थागत थोक उपभोक्ता इसका इस्तेमाल रेस्तरां, भोजनालय,  हॉस्टल और कैंटीन, क्लब, कैटरर्स, आदि में करतें हैं ।

बढ़ती हुई जनसँख्या ने इसकी मांग को और बढ़ा दिया है | यही सही समय है बेसन उद्योग स्थापित करने का क्युकि बढ़ती हुई मांग ने इस उद्योग के सफल होने रास्ता खोल दिया है

बेसन मेकिंग बिजनेस के लिए योजना :-

बेसन बनाने का व्यवसाय शुरू करने से पहले, बाजार में उपलब्ध अन्य उत्पादों और अन्य बेसन बनाने वाली कंपनी की मार्केटिंग रणनीति के बारे में कुछ शोध करें। मशीनरी और निर्माण लागत के साथ निश्चित पूंजी निवेश की गणना करें कार्यशील पूंजी में कच्चा माल, जनशक्ति, बिजली, परिवहन, विपणन व्यय और अन्य विविध खर्च शामिल हैं। एक विस्तार व्यापार योजना न केवल आपको स्टार्टअप कैपिटल की व्यवस्था करने में मदद करेगी बल्कि यह भी जांचने में आपकी मदद करेगी, कि क्या परियोजना संभव है या नहीं।

ऋण:-

लघु उद्योग लगाने के लिए किसी भी बैंक से ऋण लिया जा सकता है। इसके लिए आप प्राइवेट स्तर पर या सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न स्कीमों के तहत नजदीकी बैंक में आवेदन कर सकते हैं। अगर आप चाहें तो भारत सरकार की मुद्रा योजना के अंतर्गत भी लोन के लिए आवेदन कर सकतें हैं। जिसमे 10 लाख रुपए तक का लोन बिना किसी सहायक के विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों से प्राप्त किया जा सकता है।

बेसन निर्माण प्रक्रिया :-

बेसन के निर्माण में पांच प्रमुख प्रक्रियाएं शामिल हैं, जो इसे गुणवत्ता प्रदान करती है।

बेसन निर्माण कि प्रक्रिया को नीचे आसान तरीकों से समझाया गया है। 

सफाई - इस प्रक्रिया में चने के दानो से कंकड़, टूटी हुई अनाज और अन्य अशुद्धियों को एक बड़ीछलनी में छान कर हटा दिया जाता है।

विभाजन - इस प्रक्रिया में चने के दानो को विभाजन मशीन में डाल कर दो टुकड़ों में तोड़ दिया जाता है औरचना, दाल में बदल जाता है। इसमें बचे हुए छिलको को छलनी से छान कर अलग कर दिया जाता है।

कंडीशनिंग - इस प्रक्रिया में चने की दाल से भौतिक गुणों के आधार पर, अन्य रंगीन दाल को हटा दिया जाता है।और दाल को पीसने से पहले ध्यान रखा जाये की इसमें नमी/जल की मात्रा मौजूद न हो दाल को सूखने तक धुप मेंसुखना चाहिए इसकी नमी को 12 से 14% बनाये रखना चाहिए।

मिलिंग - इस प्रक्रिया में दाल को मिलिंग मशीन में डाल कर पीस लिया है। और हमे प्राप्त होता है शुद्ध बेसन ।

फिनिशिंग - बेसन की गुणबत्ता को बढाने के लिए और मानक प्राप्त करने के लिए उत्कृष्ट आटा को बेसन मेंमिलाया जाता है इससे  वांछित गुण और विशेष रंग का बेसन प्राप्त होता है। 

बेसन पैकिंग करना :-

बेसन को ग्राहक की जरुरत के अनुसार पैक कर सकतें हैं। इसे आप 500 ग्राम, 1 kg और 5 kg में पैक कर सकते हो।

अब आप इन्हे मार्किट में अपने नाम के ब्रांड साथ उतार सकते हो।

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