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Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि कब मनाई जाएगी? जानिए शिव पूजा का शुभ मुहूर्त, कथा और चार प्रहर पूजा

Shiv Puja Muhurat 2026: महाशिवरात्रि भारतीयों का एक प्रमुख त्यौहार है इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है और यह त्यौहार माघ फागुन फाल्गुन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को महाशिवरात्रि पर्व के रुप में मनाया जाता है. आइए इस लेख में जानें इस साल महाशिवरात्रि कब मनाया जाएगा पूजा मुहूर्त से जुड़ी पूरी जानकारी...

KJ Staff
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महाशिवरात्रि कब मनाई जाएगी जानें (Image Source-AI generate)

महाशिवरात्रि त्यौहार हिंदुओं का पवित्र त्यौहार है इस दिन महादेव की उपासना की जाती है और पूरे दिन भगवान शिव के लिए व्रत रखकर उनको प्रसन्न किया जाता है, लेकिन सवाल यह है कि इस साल महाशिवरात्रि कब मनाई जाएंगी और क्या है पूजा मुहूर्त और इसके पीछे की कहानी तो इस सवाल का जवाब मिलेगा इस आर्टिकल में तो आइए बिना रुके इस लेख को पूरा पढ़ें.

महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है?

महाशिवरात्रि त्यौहार के पीछे की कहानी है भगवान ब्रह्मा और भगवान विष्णु के बीच की एक बार श्रेष्ठता को लेकर दोनों में विवाद हुआ तभी भगवान शिव एक अनंत ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए और दोनों देवताओं से उसका आदि और अंत खोजने को कहा. विष्णु जी ने सत्य स्वीकार किया, जबकि ब्रह्मा जी ने असत्य दावा किया. इस घटना के बाद भगवान शिव ने अपना वास्तविक स्वरूप प्रकट किया. यह दिव्य लीला फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को हुई थी, तभी से इस तिथि को महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है.

कब मनाई जाएंगी महाशिवरात्रि?

इस साल महाशिवरात्रि फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी तिथि को पड़ने वाला यह पावन पर्व 15 फरवरी 2026 को मनाया जाएगा. इस दिन त्रयोदशी युक्त चतुर्दशी का विशेष संयोग बन रहा है, जो पूजा को और अधिक फलदायी बनाएंगा और शुभ मुहूर्त इस प्रकार है-

  • चतुर्दशी तिथि: 15 फरवरी शाम 5:06 बजे से

  • समाप्ति: 16 फरवरी शाम 5:35 बजे तक

शिवलिंग का अभिषेक कैसे करें?

अगर आप भी महाशिवरात्रि का व्रत रखते हैं, तो आपको शिवलिंग का अभिषेक कैसे करें यह आपको पता होना जरुरी है इस प्रकार-

सबसे पहले आप शिवलिंग पर एक लोटा जल चढ़ांए, क्योंकि यह माना जाता है कि सिर्फ जलाभिषेक से ही भगवान शिव खुश हो जाते हैं और आपकी सभी मनोकामना पूरी हो जाती है.

इसके बाद थोड़े दूध से शिवलिंग का अभिषेक करें, जिससे अर्थिक मजबूती मिलती है और उसके बाद दही अभिषेक जिससे मन की अशांति दूर होती है और रुके हुए काम बन जाते हैं.

फिर शिवलिंग पर शहद अर्पित करें, जिससे वैवाहिक जीवन सुखी रहता है और बीमारियों से राहत मिलती है.

अंत में काले तिल से अभिषेक करें. ऐसा करने से नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है और इसके बाद आखिर में माता पार्वती और भगवान शिव की विधिवत पूजा सभी सामग्री के साथ इस मंत्र का जाप करें-

अभिषेक के समय ‘ॐ पार्वतीपतये नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करने से आकस्मिक संकटों से रक्षा होती है.

चार प्रहर पूजा मुहूर्त क्या है?

प्रथम प्रहर: शाम 6:15 से 9:28 बजे तक

 द्वितीय प्रहर: रात 9:29 से 12:41 बजे तक

 तृतीय प्रहर: रात 12:42 से सुबह 3:54 बजे तक

 चतुर्थ प्रहर: सुबह 3:55 से 7:07 बजे तक

 

अगर आप महाशिवरात्रि में इन चारों प्रहर की पूजा करते हैं, तो इससे धन, यश, संतान सुख और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है यह मान्यता है.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Mahashivratri 2026 Auspicious time for Shiva worship story and Know puja rituals Published on: 06 February 2026, 04:26 PM IST

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